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सजा होते ही राम रहीम को अकाल तख्त से माफी पर बहस छिड़ी, जत्थेदार का बयान
रमेश शुक्ला सफर/अमर उजाला, अमृतसर(पंजाब)
Updated Thu, 31 Aug 2017 09:20 AM IST
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राम रहीम को साध्वी रेप केस में सजा
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साध्वी रेप केस में सजा होते ही डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को अकाल तख्त से माफी के मुद्दे पर बहस छिड़ गई, जिस पर जत्थेदार ने सफाई दी। कोर्ट के फैसले से पहले बाबा रामरहीम का मामला उन्हें माफी देने के लिए श्री अकाल तख्त पर पहुंचा था। हालांकि मंगलवार को ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने स्पष्ट किया कि राम रहीम को कभी श्री अकाल तख्त साहिब से माफी दी ही नहीं गई।
इसके साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से हुक्मनामा जारी करते हुए कहा गया है कि जो सिख भटक कर डेरा सिरसा या अन्य डेरों से जुड़ गए हैं, वे वापस घर (सिख कौम में) लौट आएं। श्री अकाल तख्त साहिब सभी सिख धर्म प्रेमियों के लिए सबसे ऊंचा स्थान है। श्री अकाल तख्त साहिब सभी सिखों को उनका हक दिलाने के लिए तत्पर है। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि भटकने वाले सिख भी हमारे हैं।
ऐसे में उनकी अपील है कि सिख धर्म का पालना करें और सब संगत को हुक्म है कि गुरु मान्यो ग्रंथ की धारणा को जीवन में लागू करें। कहा कि कई ऐसे डेरे हैं, जहां बहला फुसला कर धर्म परिवर्तन होते हैं तो कई ऐसे डेरे भी हैं, जहां अपराध हो रहे हैं। बाबा गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद यह साफ हो गया है कि सच्चा सौदा क्या था और यह सौदेबाजी कौन कर रहा था। ऐसे में सभी सिख एकमत होकर डेरा प्रकरण से दूर रहें और गुरुओं के बताए रास्ते पर चलें।
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राम रहीम को गुनाह की सजा मिली
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का कहना है कि बाबा गुरमीत राम रहीम को उसके गुनाह की सजा मिली है। जो जैसा कर्म करेगा, उसे उसका फल इसी जीवन में भुगतना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर कई ऐसे बाबा हैं, जो अब अपने गुनाहों के चलते जेल में कैद हैं। ऐसे ढोंगी बाबा की जगह जेल ही है।
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इसके साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से हुक्मनामा जारी करते हुए कहा गया है कि जो सिख भटक कर डेरा सिरसा या अन्य डेरों से जुड़ गए हैं, वे वापस घर (सिख कौम में) लौट आएं। श्री अकाल तख्त साहिब सभी सिख धर्म प्रेमियों के लिए सबसे ऊंचा स्थान है। श्री अकाल तख्त साहिब सभी सिखों को उनका हक दिलाने के लिए तत्पर है। जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने कहा कि भटकने वाले सिख भी हमारे हैं।
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ऐसे में उनकी अपील है कि सिख धर्म का पालना करें और सब संगत को हुक्म है कि गुरु मान्यो ग्रंथ की धारणा को जीवन में लागू करें। कहा कि कई ऐसे डेरे हैं, जहां बहला फुसला कर धर्म परिवर्तन होते हैं तो कई ऐसे डेरे भी हैं, जहां अपराध हो रहे हैं। बाबा गुरमीत राम रहीम के जेल जाने के बाद यह साफ हो गया है कि सच्चा सौदा क्या था और यह सौदेबाजी कौन कर रहा था। ऐसे में सभी सिख एकमत होकर डेरा प्रकरण से दूर रहें और गुरुओं के बताए रास्ते पर चलें।
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राम रहीम को गुनाह की सजा मिली
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का कहना है कि बाबा गुरमीत राम रहीम को उसके गुनाह की सजा मिली है। जो जैसा कर्म करेगा, उसे उसका फल इसी जीवन में भुगतना पड़ता है। उदाहरण के तौर पर कई ऐसे बाबा हैं, जो अब अपने गुनाहों के चलते जेल में कैद हैं। ऐसे ढोंगी बाबा की जगह जेल ही है।
डेरा प्रमुख का केस सिख ज्यूडीशियल कमीशन पहुंचाने की तैयारी
राम रहीम
- फोटो : SELF
सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुखी बाबा गुरमीत रामरहीम को हुई सजा के बाद उन लोगों की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं, जिन्होंने कभी राम रहीम को फायदा पहुंचाने के लिए अपने पद का दुरुपयोग किया। ऐसा ही एक मामला श्री अकाल तख्त साहिब से जुड़ा है। श्री अकाल तख्त साहिब से बाबा राम रहीम को पहले माफी दिया जाना और बाद में माफीनामा वापस लेने का मामला अब सिख मामलों की अदालत सिख ज्युडीशियल कमीशन में चलेगा।
यह मामला लोक भलाई इंसाफ सोसाइटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा और अखंड कीर्तनी जत्था इंटरनेशनल के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह कमीशन में ले जाने की तैयारी कर चुके हैं। बलदेव सिंह सिरसा कहते हैं कि जहां डेरा सिरसा मुखी को सीबीआई की अदालत मे सजा दी है, वहीं पांच तख्तों के जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से हुक्मनामा जारी कर उन्हें माफी दी जा चुकी है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
आखिरकार बाबा राम रहीम को माफी दिलाने के लिए किन-किन चेहरों ने सक्रिय भूमिका निभाई, इससे पर्दा उठाया जाना जरूरी है। निश्चित रूप से ऐसे चेहरे सिख कौम के गद्दार हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल बादल, एसजीपीसी, पांचों तख्तों के जत्थेदार, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, दमदमी टकसाल से जुड़े कई चेहरे बाबा राम रहीम को माफी दिलाने में जो भूमिका निभाई थी, उसकी जांच होनी चाहिए। सिख ज्युडीशियल कमीशन में सारे मामले को लेकर जा रहे हैं।
उन्हें उम्मीद है कि श्री अकाल तख्त साहिब से बाबा रामरहीम को माफी दिलाने के पीछे जो कहानी सामने आएगी, उससे पंजाब की सियासत एक बार फिर गरम होगी। बाबा रामरहीम को माफी दिलवाने के पीछे कौन-कौन से चेहरे थे, यह पंजाब नहीं बल्कि सिख कौम जानना चाहता है। एसजीपीसी को भी इसका जवाब देना होगा। श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा हर सिख के लिए सर्वोपरि है। ऐसे में सियासत बाबा राम रहीम पर कितनी मेहरबान थी, इसका पता लगना जरूरी है।
यह मामला लोक भलाई इंसाफ सोसाइटी के अध्यक्ष बलदेव सिंह सिरसा और अखंड कीर्तनी जत्था इंटरनेशनल के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह कमीशन में ले जाने की तैयारी कर चुके हैं। बलदेव सिंह सिरसा कहते हैं कि जहां डेरा सिरसा मुखी को सीबीआई की अदालत मे सजा दी है, वहीं पांच तख्तों के जत्थेदार श्री अकाल तख्त साहिब से हुक्मनामा जारी कर उन्हें माफी दी जा चुकी है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
आखिरकार बाबा राम रहीम को माफी दिलाने के लिए किन-किन चेहरों ने सक्रिय भूमिका निभाई, इससे पर्दा उठाया जाना जरूरी है। निश्चित रूप से ऐसे चेहरे सिख कौम के गद्दार हैं। उन्होंने कहा कि अकाली दल बादल, एसजीपीसी, पांचों तख्तों के जत्थेदार, दिल्ली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, दमदमी टकसाल से जुड़े कई चेहरे बाबा राम रहीम को माफी दिलाने में जो भूमिका निभाई थी, उसकी जांच होनी चाहिए। सिख ज्युडीशियल कमीशन में सारे मामले को लेकर जा रहे हैं।
उन्हें उम्मीद है कि श्री अकाल तख्त साहिब से बाबा रामरहीम को माफी दिलाने के पीछे जो कहानी सामने आएगी, उससे पंजाब की सियासत एक बार फिर गरम होगी। बाबा रामरहीम को माफी दिलवाने के पीछे कौन-कौन से चेहरे थे, यह पंजाब नहीं बल्कि सिख कौम जानना चाहता है। एसजीपीसी को भी इसका जवाब देना होगा। श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा हर सिख के लिए सर्वोपरि है। ऐसे में सियासत बाबा राम रहीम पर कितनी मेहरबान थी, इसका पता लगना जरूरी है।