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राम रहीम की ‘लग्जरी गुफा’ के कुछ ऐसे राज, जिनके बारे में शायद कोई जानता हो
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 31 Aug 2017 09:19 AM IST
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Ram Rahim
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साध्वी रेप केस में सजा काट रहे डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम की ‘लग्जरी गुफा’ के कुछ ऐसे राज खुलकर सामने आए हैं, जिन्हें शायद ही कोई जानता हो। डेरामुखी की ‘लग्जरी गुफा’ करीबन चौदह एकड़ में फैली हुई है। यहां की सुविधाएं किसी फाइव स्टार होटल की सुविधाओं से कम नहीं हैं।
गुफा में स्वीमिंग पूल, पोलो मैदान, होम थिएटर, एनआरआई अनुयायियों से मिलने के लिए मीटिंग हॉल, रेस्तरां इत्यादि सुविधा से लेकर काफी कुछ है, जो आज भी राज है। यह खुलासा कई वर्षों से डेरामुखी के कट्टर समर्थक रहे भूपेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान किया। उन्होंने अब डेरा समर्थकों से खुद को जान का खतरा भी बताया।
उन्होंने बताया कि उसके मामा की लड़की की शादी डेरामुखी के बेटे के साथ हुई है। उनके परिवार की आस्था भी डेरे के प्रति बेहद अटूट थी। उनका बेटा वहीं डेरे में मौजूद स्कूल में पढ़ता था। हालांकि, वर्ष 2002 से डेरे में काफी कुछ गलत होने की बातों की सुगबुगाहट चलती रहती थी,
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लेकिन उनके परिवार का अपने गुरु के प्रति विश्वास नहीं डिगा। मगर 2011 में जब उन्होंने खुद डेरामुखी की लग्जरी लाइफ को महसूस करना शुरू किया तो उन्होंने डेरा छोड़ दिया और अपने बेटे को भी स्कूल से निकाल लिया।
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गुफा में स्वीमिंग पूल, पोलो मैदान, होम थिएटर, एनआरआई अनुयायियों से मिलने के लिए मीटिंग हॉल, रेस्तरां इत्यादि सुविधा से लेकर काफी कुछ है, जो आज भी राज है। यह खुलासा कई वर्षों से डेरामुखी के कट्टर समर्थक रहे भूपेंद्र सिंह ने प्रेसवार्ता के दौरान किया। उन्होंने अब डेरा समर्थकों से खुद को जान का खतरा भी बताया।
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उन्होंने बताया कि उसके मामा की लड़की की शादी डेरामुखी के बेटे के साथ हुई है। उनके परिवार की आस्था भी डेरे के प्रति बेहद अटूट थी। उनका बेटा वहीं डेरे में मौजूद स्कूल में पढ़ता था। हालांकि, वर्ष 2002 से डेरे में काफी कुछ गलत होने की बातों की सुगबुगाहट चलती रहती थी,
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लेकिन उनके परिवार का अपने गुरु के प्रति विश्वास नहीं डिगा। मगर 2011 में जब उन्होंने खुद डेरामुखी की लग्जरी लाइफ को महसूस करना शुरू किया तो उन्होंने डेरा छोड़ दिया और अपने बेटे को भी स्कूल से निकाल लिया।
गुफा के बेसमेंट में रहते थे डेरामुखी
डेरामुखी के कट्टर समर्थक रहे भूपेंद्र सिंह
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि गुफा लगभग चौदह एकड़ इलाके में बनी हुई है। जहां डेरामुखी सिर्फ और सिर्फ अपनी जिंदगी जीते थे। वहां आम अनुयायियों को जाने की अनुमति नहीं थी, लेकिन डेरामुखी की नजदीकियों की वजह से वह वहां कई बार पहुंचा। भूपेंद्र के अनुसार डेरामुखी वहां स्वीमिंग भी करते थे और पोलो भी खेलते थे।
बाबा के एनआरआई समर्थक व बिजनेस डीलिंग केलिए आने वाले लोग भी वहीं एक गेस्ट हाउस में ठहराए जाते थे और वहां बने शानदार रेस्तरां के मीटिंग हाल में उनके साथ डेरामुखी बातचीत करते थे। इसके अतिरिक्त इस गुफा के भीतर एक बेसमेंट भी थी। जहां डेरामुखी रहते थे और वहां सिर्फ साध्वियों का पहरा लगता था। वहां साध्वियों के बिना अन्य लोगों का जाना पूरी तरह वर्जित था।
डीजीपी से गुहार, मेरे परिवार की जान बचाएं
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डेरे से नाता तोड़ने और वहां की गड़बड़ियों के विरुद्ध आवाज उठाने की वजह से वह हमेशा डेराप्रेमियों के निशाने पर रहते थे। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को फैसले के दिन भी उनके गांव में उनके घर पर डेराप्रेमियों ने हमला किया था, लेकिन संयोग से उसका परिवार गांव से बाहर था। भूपेंद्र केअनुसार चिट्ठी के माध्यम से डेरा प्रेमियों ने उसे व उसके परिवार को मारने की धमकी दी है। इसलिए उन्होंने डीजीपी पंजाब को शिकायत देकर जान बचाने की गुहार लगाई है।
बाबा के एनआरआई समर्थक व बिजनेस डीलिंग केलिए आने वाले लोग भी वहीं एक गेस्ट हाउस में ठहराए जाते थे और वहां बने शानदार रेस्तरां के मीटिंग हाल में उनके साथ डेरामुखी बातचीत करते थे। इसके अतिरिक्त इस गुफा के भीतर एक बेसमेंट भी थी। जहां डेरामुखी रहते थे और वहां सिर्फ साध्वियों का पहरा लगता था। वहां साध्वियों के बिना अन्य लोगों का जाना पूरी तरह वर्जित था।
डीजीपी से गुहार, मेरे परिवार की जान बचाएं
भूपेंद्र सिंह ने बताया कि डेरे से नाता तोड़ने और वहां की गड़बड़ियों के विरुद्ध आवाज उठाने की वजह से वह हमेशा डेराप्रेमियों के निशाने पर रहते थे। उन्होंने कहा कि 25 अगस्त को फैसले के दिन भी उनके गांव में उनके घर पर डेराप्रेमियों ने हमला किया था, लेकिन संयोग से उसका परिवार गांव से बाहर था। भूपेंद्र केअनुसार चिट्ठी के माध्यम से डेरा प्रेमियों ने उसे व उसके परिवार को मारने की धमकी दी है। इसलिए उन्होंने डीजीपी पंजाब को शिकायत देकर जान बचाने की गुहार लगाई है।