गुरमीत राम रहीम मिमिक्री विवाद में कीकू शारदा को मिली बड़ी राहत
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एक टीवी शो में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम के जैसी ड्रेस पहनकर मिमिकरी कर विवाद में फंसे छोटे पर्दे के अभिनेता कीकू शारदा व अन्य के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप साबित नहीं हुआ। इसके बाद पुलिस ने जिला अदालतों में एफआईआर रद्द करने के लिए अर्जियां दाखिल कर दी हैं।
हरियाणा सरकार ने यह जवाब हाईकोर्ट में दिया है। सरकार का जवाब रिकार्ड पर लेते हुए र्हाईकोर्ट ने सुनवाई स्थगित कर दी है। हरियाणा सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल एडवोकेट जनरल अमर विवेक ने बेंच को बताया कि शिकायत आने पर कीकू शारदा व अन्य के खिलाफ फतेहाबाद में मामला दर्ज किया गया था।
इस मामले में कीकू को मुंबई से गिरफ्तार कर हरियाणा लाया गया था, लेकिन पूछताछ में ऐसा कोई तथ्य सामने नहीं आया, जिससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप बनता हो। पूछताछ के बाद कीकू को न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
इसके बाद कैथल पुलिस ने कीकू का प्रोडक्शन वारंट हासिल किया था, लेकिन फतेहाबाद मामले में कुछ सामने नहीं आने की जानकारी मिलते ही कीकू को बगैर पूछताछ के कैथल पुलिस ने छोड़ दिया था, क्योंकि फतेहाबाद मामले में जमानत मिल चुकी थी।
हाईकोर्ट ने पूरे विवाद में सरकार से जवाब मांगा था
हाईकोर्ट ने कीकू शारदा व अन्य कलाकारों की गिरफ्तारी और ट्रायल पर रोक लगाते हुए हरियाणा सरकार से जवाब मांगा था। याचिका की पैरवी करते हुए एडवोकेट आरएस चीमा ने बेंच को बताया था कि एफआईआर खुद दर्शा रही है कि शिकायतकर्ता सामाजिक-अध्यात्मिक संस्था डेरा सच्चा सौदा के अनुयायी हैं और डेरे की वेबसाइट पर भी साफ तौर पर लिखा है कि डेरा सच्चा सौदा दूसरे लोगों को मानवता और स्वैच्छिक सेवा करने का ज्ञान देता है। ऐसे में यह केवल एक संस्था है न कि धर्म।
याचिका में कहा था कि चूंकि डेरा सच्चा सौदा एक संस्था है, न कि धर्म, इसलिए जिस एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए हैं, एफआईआर उस एक्ट के प्रावधान ही पूरे नहीं करती। दूसरा यह कि कीकू शारदा व अन्य कलाकारों ने किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाई है। वह केवल अदाकारी कर रहे हैं और एफआईआर दर्ज कर उनके अदाकारी के अधिकार का भी उल्लंघन हुआ है। लिहाजा, एफआईआर रद्द की जानी चाहिए। हाईकोर्ट ने एफआईआर की अगली कार्रवाई पर रोक लगा दी थी।
उल्लेखनीय है कि 27 दिसंबर को एक टीवी चैनल पर जश्न-ए-उम्मीद शो के बाद दलशेर सिंह, उदय सिंह व लक्ष्मणदास ने पुलिस को शिकायत दी थी और बाद में पुलिस ने दो जगहों पर कीकू के अलावा गौरव गेरा, असगर अली, राजीव ठाकुर, पूजा बनेरे, मौनी राय और गौतम गुलाटी के खिलाफ कैथल व फतेहाबाद थानों में दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की थी। एक एफआईआर में गिरफ्तारी के बाद कीकू को जमानत मिलते ही दूसरी एफआईआर में गिरफ्तार कर लिया गया था। बाद में इसमें भी उसे जमानत मिल गई थी। इसके बाद कीकू शारदा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर एफआईआर रद्द करने की मांग की थी।