नशे के खिलाफ रैली निकाल रहे थे डीसी, महिला बोली-इससे कुछ नहीं होगा, बस्ती चलकर हकीकत देखें
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पिछले दो दिनों में फिरोजपुर और जीरा में नशे के सेवन से चार नौजवानों की मौत से गुस्साए लोगों की नाराजगी का सामना बुधवार को डिप्टी कमिश्नर चंद्र गैंद को नशे के विरुद्ध जागरूकता रैली निकालते वक्त करना पड़ा।
नगर काउंसिल पार्क के पास पहुंची साइकिल रैली के दौरान एक महिला ने कहा इससे कुछ नहीं होने वाला साहब, बस्ती भट्टियांवाली चल कर देखें, सरेआम नशा बिक रहा है और नशेड़ी नशा खरीदकर सेवन कर रहे हैं। हकीकत में जमीनी स्तर पर नशे के खात्मे के लिए काम नहीं हो रहा है।
महिला व अन्य लोगों की बात सुनकर डीसी ने कहा कि हम सभी के एकजुट होने से नशा खत्म होगा। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि लोग मोहल्ला कमेटियां बनाए और नशे का खात्मे के लिए आगे आए।
उन्होंने कहा कि जिस प्रकार सूबे के लोगों ने आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेंका, उसी प्रकार से वह नशे को भी उखाड़ फेंके। कुछ लोगों ने नशे को लेकर पुलिस व प्रशासन पर सवालिया निशान खड़े किए।
अंतरराष्ट्रीय नशा विरोधी दिवस पर निकाली गई साइकिल रैली के दौरान डीसी के समक्ष शहरवासियों ने यह बात भी उठाई कि आपकी ओर से मेडिकल नशे की रोकथाम के लिए जो प्रयास किए जा रहे है, उसका नशे के सौदागर फायदा उठा रहे है।
लोगों ने बताया जो प्रतिबंधित दवाएं तीन दिन पहले तक पचास रुपये में बिकती थी, उसे बड़ी सख्ती है भाई... कहते हुए बढ़ाकर डेढ़ सौ रुपये कर दिया गया है। मेडिकल नशे की सप्लाई तो बंद नहीं हुई उल्टे उसके दाम बढ़ाकर नशे के सौदागर चांदी काट रहे है।