पंजाबः कोरोना वायरस और लॉकडाउन के बीच किसानों पर मौसम की मार, बारिश से फसल तबाह
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शुक्रवार को पंजाब के विभिन्न जिलों में रुक-रुककर बारिश हुई। इसके साथ ही अचानक ठंड भी बढ़। जालंधर में सभी सड़कें पानी से लबालब थीं। बारिश ने निगम प्रबंधों की पोल भी खोल दी। शुक्रवार को जालंधर का अधिकतम तापमान 20 डिग्री और न्यूनतम तापमान 14 डिग्री तक दर्ज किया गया।
लॉकडाउन होने के कारण सड़कों पर कोई नहीं था। इसलिए लोगों को जलभराव से परेशान नहीं होना पड़ा। कुछ इलाकों की गलियों में भी बारिश का पानी भर गया। हर बार बारिश होने पर शहर की सड़कें पानी से भर जाती है। यह सब इलाकों में पड़े पुराने सीवरेज सिस्टम और बिना लेवल के बनी सड़कों के कारण होता है।
शहर के दिलबाग नगर, अनूप नगर समेत कई इलाकों में सीवरेज बैक मारने की वजह से लोगों के घरों में गंदा पानी घुस गया। मोहल्ला निवासियों के अनुसार उन्होंने कई बार जाम सीवरेज की शिकायत इलाका पार्षद और नगर निगम के अधिकारियों से की। इसके बाद समस्या का समाधान नहीं किया गया था।
संगरूर: बारिश से गेहूं की फसल बिछी
इलाके में शुक्रवार को हुई अचानक बारिश से गेहूं की फसल को भारी नुकसान होने की आशंका है। आसपास के गांवों तथा शहरी इलाकों के खेतों में बरसात ने तबाही मचा दी है। तेज हवाओं के कारण पकने को तैयार गेहूं की फसल जमीन पर बिछ गई है।
भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के ब्लाक अध्यक्ष जसवंत सिंह तोलावाल ने बताया कि बरसात से गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है। गेहूं की फसल करीब पकने को तैयार थी। हवाओं के कारण खड़ी फसल के खेतों में बिछने से गेहूं का दाना गिरने की संभावना है और इसका सीधा असर फसल के झाड़ पर पडे़गा। किसान तो पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं। कर्फ्यू ने हालात गंभीर बना दिए हैं। उन्होंने बताया कि सुनाम व दिडबा इलाकों में भारी बरसात हुई है और यहां गेहूं की फसल को भारी नुकसान हुआ है।
किसान परमजीत सिंह ने कहा कि आसपास के गांवों में भारी बरसात होने के कारण फसल को नुकसान हुआ है। भाकियू के जिलाध्यक्ष अमरीक सिंह ने कहा कि सरकार को तुरंत ही होने वाले नुकसान का आंकलन करके पीड़ित किसानों की मदद करनी चाहिए। पंजाब की किसानी तो पहले से ही घोर आर्थिक संकट का सामना कर रही है। प्रकृतिक प्रकोप को झेलने की क्षमता किसानों में नहीं है, लिहाजा सरकार इसकी भरपाई करे।
अबोहर: बरसात से सरसों की फसल को नुकसान
कोरोना की समस्या के चलते लगाए गए कर्फ्यू के कारण एक ओर जहां लोगों को भारी मुश्किल का सामना करना पड़ रहा है, वहीं शुक्रवार सुबह से हो रही भारी बरसात ने उनकी परेशानियों में इजाफा किया है। सुबह करीब 8 बजे के बाद हुई अचानक बरसात से शहर के साथ-साथ गांवों में भी गलियां भी जलमग्न हो गईं।
किसानों ने कहा कि पिछले दिनों हुई ओलावृष्टि से गेहूं, सरसों सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ था। अब जिन किसानों की सरसों की फसल पक कर तैयार खड़ी है। वह बरसात में खराब हो रही है। किसानों ने बताया कि बरसात में गीली हुई सरसों की पकी हुई फलियां धूप निकलते ही अपने आप फटने लगती हैं। किसानों का कहना है कि एक ओर तो पुलिस प्रशासन उन्हें घरों से बाहर नहीं निकलने दे रहा वहीं खेतों में उनकी फसलें तबाह हो रही हैं, जिससे उन्हें भारी आर्थिक समस्या का सामना करना पड़ सकता हैं।
बठिंडा में तीन एमएम बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी
बठिंडा में शुक्रवार को दोपहर के करीब हुई बारिश से किसानों की चिंता बढा दी है। तीन एमएम बारिश होने के साथ एकदम ठंड बढ़ गई। हालांकि बारिश से फसलों का कोई नुकसान नहीं हुआ। मौसम विभाग के अधिकारी राज कुमार ने बताया कि शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 13.0 और अधिकतम 23.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटों तक हल्की बारिश होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को तीन एमएम बारिश दर्ज की गई। किसान नेता बलदेव सिंह का कहना था कि गेहूं की फसल पक चुकी है। कर्फ्यू के कारण किसान फसल काट नहीं पा रहे और ऊपर से बेमौसम की बारिश से अब उन्हें चिंता हो रही कि कहीं उनकी फसल बर्बाद न हो जाए। उन्होंने जिला प्रशासन एवं सरकार से मांग की पकी फसल को काटने के लिए अनुमति दी जाए।