हरियाणा के कई जिलों में अंधड़, बारिश और ओलावृष्टि ने मचाई तबाही, पढ़ें- आगे कैसा रहेगा मौसम
- कई जिलों में पेड़ उखड़ कर सड़कों पर गिरे
- बिजली के पोल गिरने से घंटों गुल रही बिजली
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विस्तार
हरियाणा में पिछले एक पखवाड़ा में चौथी बार मौसम ने पलटा खाया। पश्चिमी विक्षोभ के चलते गुरुवार दोपहर बाद प्रदेश के कई जिलों में अंधड़ के साथ बारिश और ओले गिरे। करीब 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलीं हवाओं से पेड़ उखड़ कर सड़कों पर जा गिरे और जाम लग गया। पेड़ों की शाखाएं टूट कर बिजली के तारों पर जा गिरीं।
इससे बिजली के पोल उखड़ गए और घंटों तक बिजली गुल रही। ओलावृष्टि से टमाटर आदि सब्जियों की फसलों को नुकसान पहुंचा है। वहीं मंडियों में खुले में पड़ा लाखों क्विंटल गेहूं-सरसों की बोरियां व ढेरियां भीग गईं। जीटी बेल्ट के जिलों में अधिक नुकसान हुआ।
करनाल में एक राइस मिल का टीन शेड उड़ गया। भिवानी की नई अनाज मंडी में खुले में रखे करीब डेढ़ लाख कट्टे गेहूं और दो लाख सरसों के कट्टे बारिश में भीग गए। बारिश के बाद मौसम सुहावना हो गया। रोहतक में सामान्य से 12 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। अधिकतम तापमान 27.9 दर्ज किया गया।
यहां इतनी बारिश (एमएम)
- शहर बारिश
- रोहतक 7.3
- हिसार 6.2
- भिवानी 2.8
- झज्जर 2.0
आगे ऐसा रहेगा मौसम
- 15 मई - बादल छाए रहेंगे
- 16 मई - पारा बढ़ेगा
- 17 मई - आंशिक बादल
- 18 मई - मौसम साफ रहेगा
गेहूं की गुणवत्ता पर असर, कटाई प्रभावित
पिछले दो माह से लगातार मौसम खराब रहने समय पर गेहूं की कटाई नहीं हो सकी। इससे गेहूं के दाने काले पड़ गए। जहां कटाई हो गई वहां बारिश के कारण किसान गेहूं के अवशेषों से तूड़ा नहीं बनवा सके। गन्ने की फसल में चोटी बेधक और अन्य बीमारियां आ रही हैं। किसानों के अनुसार टमाटर पर ओले पड़ने से धब्बेदार होकर गल जाएंगे। शिमला मिर्च को भी क्षति होगी। सबसे अधिक नुकसान प्याज की फसल को होगा।
लेट हो रही कपास-नरमा की बिजाई
कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार लगातार पश्चिमी विक्षोभ और बारिश आने से नरमा-कपास की बिजाई लेट हो रही है। हालांकि जहां पहले बिजाई हो चुकी है, उन्हें फायदा हुआ है।