2020 की पहली सुबह टला बड़ा हादसा, रेलकर्मी की सूझबूझ से बचीं हजारों जिंदगियां, ट्रेनें बाधित
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राजलूगढ़ी रेलवे स्टेशन के पास अंबाला-दिल्ली रेल मार्ग पर बुधवार सुबह बड़ा हादसा होने से टल गया। रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक में दरार आ गई, जिसका कारण कड़ाके की ठंड बताई जा रही है। ट्रैक में दरार को समय रहते की-मैन संजय ने देख लिया और इसकी जानकारी तुरंत अधिकारियों को दी।
ट्रैक में दरार आने की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया और दिल्ली की तरफ जाने वाली ट्रेनों को रोक दिया गया। सोनीपत से रेलवे अधिकारियों व कर्मचारियों की टीम मौके पर पहुंची और ट्रैक को जोड़ा गया। करीब 1 घंटे मशक्कत के बाद ट्रैक की मरम्मत करके ट्रेनों को चलाया गया। ट्रैक टूटा हुआ देखने से पहले दो घंटे में दो पैसेंजर ट्रेन गुजर गई थीं।
की-मैन संजय गन्नौर से राजलूगढ़ी रेलवे स्टेशन तक लाइन की नियमित रूप से जांच करता है। वह बुधवार सुबह सात बजे लाइन की जांच करता हुआ राजलूगढ़ी रेलवे स्टेशन तक पहुंचा तो अंबाला-दिल्ली रेलमार्ग पर उसकी नजर एक ट्रैक में आई दरार पर पड़ी। की-मैन संजय ने तत्काल अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवाया तो दिल्ली की तरफ जाने वाले ट्रेनों को विभिन्न स्टेशनों पर रोका गया।
की-मैन संजय कुमार की सूझबूझ की वजह से जान माल का नुकसान होने से बच गया। सूचना मिलने के बाद सोनीपत से इंजीनियर व कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लेने के बाद ट्रैक की मरम्मत की गई। दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। करीब साढ़े आठ बजे तक रेलवे ट्रैक को ठीक करने के बाद ट्रेनों को दिल्ली की तरफ चलाया गया। ट्रेनों में सवार यात्रियों को राहत मिल सकी।
ट्रेनों को इन स्टेशनों पर रोका गया
कुरुक्षेत्र से हजरत निजामुद्दीन जाने वाले सवारी गाड़ी (64662) को राजलूगढ़ी स्टेशन पर 1 घंटा 16 मिनट के लिए रोका गया। वहीं कुरुक्षेत्र से पुरानी दिल्ली जाने वाले सवारी गाड़ी (64654) को भोड़वाल माजरी स्टेशन पर 1 घंटा 20 मिनट के लिए रोका गया। झेलम एक्सप्रेस (11078) को गन्नौर स्टेशन पर एक घंटे के लिए रोका गया। जनशताब्दी (12058) को अंबाला व कुरुक्षेत्र के बीच एक घंटे के लिए रोका गया। ट्रेनें नहीं चलने की वजह से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ठंड के चलते कई बार ट्रैक में दरार आ जाती है और यहां पर कोई भी बड़ा हादसा हो सकता था। लेकिन की-मैन संजय की सजगता से ट्रैक में दरार आने का पता जल्दी चल गया, अब ट्रैक में आई दरार को ठीक कर ट्रेनों को चालू कर दिया गया है। अनिल कुमार, रेलवे इंजीनियर।