जानिए, मोदी के रेल बजट से पंजाब को क्या चाहिए
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पंजाब के लोग वर्षों से बुलेट ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, लेकिन यह ट्रेन पंजाब के हाथ से फिसली और आगरा को मिल गई। पंजाब की उम्मीदों को एक बार फिर झटका लगा।
रेल मंत्री सदानंद गौड़ा मंगलवार को एनडीए-2 का पहला रेल बजट पेश करने जा रहे हैं। पंजाब के लोग और उनके प्रतिनिधि भी अपनी मांगों और उम्मीदों के साथ उस पर नजर टिकाए हुए हैं।
उम्मीदें इसलिए भी ज्यादा हैं क्योंकि पिछली बार पंजाब-चंडीगढ़ के पवन बंसल रेल मंत्री थे, जिन्होंने पंजाब को कई तोहफे दिए थे।
दिल्ली-अमृतसर के बीच बुलेट या सेमी बुलेट ट्रेन
पंजाब की प्रमुख मांग दिल्ली-अमृतसर के बीच बुलेट या सेमी बुलेट ट्रेन रही है। अमृतसर धार्मिक शहर है, सिखों की आस्था का केंद्र है। देश-विदेश से संगतें यहां मत्था टेकने आती हैं।
राज्य सरकार ने कई साल पहले केंद्र को इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा था। केंद्र सरकार ने भी सबसे पहले जिन रूट को बुलेट या सेमी बुलेट ट्रेन चलाने के लिए चुना था, उनमें दिल्ली-अमृतसर भी था।
वर्ष 2006 में आरडीएसओ की टीम ने पंजाब का दौरा कर इसकी संभावनाएं भी तलाशी थीं। लेकिन उसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
कई साल बाद अब देश की पहली सेमी बुलेट ट्रेन चली भी तो दिल्ली-आगरा ट्रैक पर, पंजाब पिछड़ गया। अब पटियाला से आम आदमी पार्टी के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने रेलमंत्री से दिल्ली-अमृतसर बुलेट ट्रेन चलाने की मांग की है।
अमृतसर से आनंदपुर साहिब रेल लिंक
सांसद रवनीत बिट्टू द्वारा केंद्र को दिए प्रस्ताव में सिखों की आस्था के दो प्रमुख केंद्रों अमृतसर और आनंदपुर साहिब को जोड़ने की मांग की गई है।
इसके लिए अमृतसर से जालंधर, फगवाड़ा, नवांशहर, गढ़शंकर होते हुए आनंदपुर साहिब तक पहुंचा जाएगा। इस लिंक में एक रुकावट आनंदपुर से गढ़शंकर के बीच 35 किमी. की रेल लाइन बिछाना है।
रेलवे ने इसका सर्वे कराया था, लेकिन रेट ऑफ रिटर्न निगेटिव आया, यानी लाइन बिछाना घाटे का सौदा है। बिट्टू ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में राज्य सरकार योगदान दे सकती है।
अब केंद्र में भी अकाली दल भागीदार है। इस मामले को सिर्फ नफे-नुकसान नहीं, बल्कि धार्मिक भावनाओं से जोड़ कर देखना चाहिए।
पंजाब को चाहिए वैकल्पिक रेल लाइन
लुधियाना से सांसद रवनीत बिट्टू ने रेलमंत्री सदानंद गौड़ा के सामने पंजाब के कई मुद्दे उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब बॉर्डर स्टेट है, यहां एक वैकल्पिक रेल लाइन होनी जरूरी है।
पंजाब में एंट्री के बाद रेल लाइन को सरहिंद से डाइवर्ट कर दिया जाए। वहां से नवांशहर, होशियारपुर से पठानकोट तक लाइन बिछाई जाए। इससे दोआबा के लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिल सकेगी।
आनंदपुर साहिब-चमकौर साहिब-लुधियाना
सांसद रवनीत बिट्टू ने आनंदपुर साहिब से चमकौर साहिब होते हुए लुधियाना तक रेल लाइन बिछाने का भी प्रस्ताव दिया था। इसके लिए रोपड़ से नीलों तक सर्वे भी कराया जा चुका है, लेकिन अब तक रिपोर्ट नहीं आई है। इसके बनने से संगतों को काफी सुविधा हो जाएगी।
चंडीगढ़-लुधियाना के बीच चार डीएमयू
सांसद रवनीत बिट्टू ने मांग रखी है कि चंडीगढ़-लुधियाना के बीच चार डीएमयू चलाई जाएं। क्योंकि लुधियाना पंजाब का इंडस्ट्रियल हब है। अभी एक इंटरसिटी एक्सप्रेस इस रूट पर चल रही है।
डीएमयू चलने से नौकरीपेशा लोगों, कारोबारियों के साथ किसानों को भी फायदा होगा। उन्होंने राहों व समराला के बीच रेलवे लाइन बिछा कर इस रूट से जोड़ने की भी मांग रखी है।
फिरोजपुर-चंडीगढ़ रेगुलर हो
सांसद रवनीत बिट्टू ने रेलमंत्री से मांग की है कि फिरोजपुर से चंडीगढ़ के बीच चलाई गई ट्रेन रेगुलर की जाए। अभी यह स्पेशल ट्रेन के तौर पर छह महीने पहले शुरु की गई थी।
इस रूट पर जगरांव के पास गुरद्वारा नानकसर कलेरां हैं। बिट्टू ने मांग की है कि यहां इस ट्रेन का स्टॉपेज बनाया जाए। साथ ही नानकसर कलेरां से हजूर साहिब, नांदेड़ के बीच ट्रेन चलाने की भी मांग रखी है।
नहीं शुरू हुई कालका-कटड़ा ट्रेन
पूर्व रेलमंत्री पवन बंसल ने कालका से कटड़ा के बीच महत्वपूर्ण ट्रेन चलाने का ऐलान किया था। यह अब तक शुरू नहीं हुई है। अब ऊधमपुर-कटड़ा ट्रैक पर डीएमयू शुरू होने के बाद इसके चलने की भी उम्मीद बंधी है। इसके चलने से पंजाब के लोगों को भी फायदा होगा। क्योंकि इसके दो स्टॉपेज मोहाली और मोरिंडा में भी हैं।
मालवा में ट्रेन कनेक्टिविटी सबसे कम
पंजाब के 22 में से 14 जिले मालवा क्षेत्र में पड़ते हैं। यहां पर एक सेंट्रल यूनिवर्सिटी, थर्मल प्लांट व रिफाइनरी है, लेकिन सबसे कम ट्रेन कनेक्टिविटी यहीं पर है। मालवा इलाका रेल रूट पर अपनी राजधानी चंडीगढ़ से सीधे नहीं जुड़ा है।
‘आप’ के सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी ने रेलमंत्री से मांग की है कि मोहाली और राजपुरा के बीच तीस किमी. के ट्रैक पर रेल लाइन बिछाई जाए। इससे न सिर्फ चंडीगढ़ से मालवा जुड़ जाएगा। बल्कि राजस्थान तक कनेक्टिविटी हो जाएगी।
2013-14 में मिले सबसे ज्यादा तोहफे
रेल बजट - 2012-13
फिरोजपुर श्रीगंगानगर एक्सप्रेस वाया फाजिल्का, अबोहर
कानपुर अमृतसर एक्सप्रेस (वीकली)
अमृतसर नांदेड़ एक्सप्रेस (वीकली)
रेल बजट 2013-14
अमृतसर लालकुआं एक्सप्रेस (वीकली) वाया चंडीगढ़
बठिंडा जम्मू एक्सप्रेस (वीकली) वाया पटियाला, राजपुरा
चंडीगढ़ अमृतसर इंटरसिटी वाया मोहाली
दिल्ली फिरोजपुर इंटरसिटी वाया बठिंडा
दिल्ली होशियारपुर एक्सप्रेस (वीकली)
कोटा जम्मू तवी एक्सप्रेस
नई दिल्ली कटड़ा एक्सप्रेस
उना (नंगल) हजूर साहिब (नांदेड़) एक्सप्रेस (वीकली)
बठिंडा धूरी पैसेंजर
तरनतारन गोइंदवाल साहिब डेमू
अन्य पहल
दिल्ली पठानकोट एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी बढ़ी
कानपुर जम्मू एक्सप्रेस की फ्रीक्वेंसी बढ़ी
जाखल-धूरी-लुधियाना के इलेक्ट्रिफिकेशन को मंजूरी
फिरोजपुर पट्टी नई लाइन को मंजूरी
धूरी बाईपास, राजपुरा बाईपास और आनंदपुर साहिब-चमकौर साहिब-लुधियाना ट्रैक के लिए सर्वे
बठिंडा-अबोहर-श्रीगंगानगर ट्रैक की डबलिंग
सूरतगढ़-बठिंडा की डबलिंग
फिरोजपुर-बठिंडा की डबलिंग
जाखल-धूरी-लुधियाना की डबलिंग
अंतरिम रेल बजट 2014-15
अहमदाबाद कटरा एक्सप्रेस - शुरू
अमृतसर गोरखपुर एक्सप्रेस - अभी शुरू नहीं
जयपुर चंडीगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस - अभी शुरू नहीं
कोटा जम्मू तवी एक्सप्रेस - शुरू
श्रीगंगानगर जम्मू तवी एक्सप्रेस - अभी शुरू नहीं