जलियांवाला बाग शताब्दी कार्यक्रम में शामिल होंगे राहुल गांधी, सीएम अमरिंदर सिंह ने भेजा न्योता
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भाजपा की राष्ट्रवाद की धार को मंद करने के लिए जलियांवाला बाग शताब्दी कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को न्योता भेजा है। बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने कैप्टन का न्योता स्वीकार कर लिया है। वह 13 अप्रैल को सुबह कार्यक्रम में पहुंचेंगे।
अमृतसर के विधायक डा. राजकुमार वेरका ने इस संबंध में पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि राहुल जलियांवाला बाग में डेढ़ घंटा रुकेंगे। वह शहीदों को श्रद्धा सुमन भेंट करने के साथ-साथ देश की आजादी में अपने प्राण की आहुति देने वाले शहीदों के परिजनों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
संभावना है कि प्रदेश कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे पर गुरु नगरी पहुंचेंगे। राहुल गांधी जलियांवाला बाग के शहीदों को नमन करेंगे। हालांकि वो विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल श्री हरमंदिर साहिब पर माथा टेकने के लिए पहुंचेंगे या नहीं इसकी अभी जानकारी नहीं है।
बता दें कि राष्ट्रवाद के मुद्दे पर कांग्रेस को जनता के कठघरे में खड़ा कर वोट मांग रही भाजपा को घेरने के लिए कांग्रेस ने रणनीति तैयार की है। जलियांवाला बाग शताब्दी कार्यक्रम के माध्यम से कांग्रेस राष्ट्रभक्ति का संदेश देगी।
वहीं भाजपा की राष्ट्रवाद के नाम से की जा रही राजनीति का जवाब दिया जाएगा। 12 और 13 अप्रैल को होने वाले शताब्दी कार्यक्रम में भाजपा का कोई भी राष्ट्रीय नेता नहीं पहुंच रहा है जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलियांवाला बाग यादगारी ट्रस्ट के चेयरमैन हैं।
यही कारण है कैप्टन अमरिंदर सिंह राहुल गांधी को जलियांवाला बाग के शताब्दी कार्यक्रम में शामिल कर उसका राजनीतिक फायदा लेने का प्रयास करेंगे। बता दें कि इससे पहले गांधी परिवार कई दशकों तक ट्रस्ट पर काबिज रहा है। 2000 में सोनिया गांधी ने जलियांवाला बाग का दौरा किया था। यहां उन्होंने एक जनसभा भी की थी।
पीएम ने पांच वर्षों में शहीद स्थली को नहीं किया नमन : सिद्धू
मंत्री नवजोत सिद्धू ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। लेकिन केंद्र सरकार की अनिच्छा ने हमें कुछ भी करने की अनुमति नहीं दी। प्रधानमंत्री को ट्रस्टी नियुक्त करने में सात महीने का समय लगा।
उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान एक बार भी शहीद स्थली को नमन करने की जहमत नहीं उठाई। चूंकि राष्ट्र जलियांवाला बाग नरसंहार के 100वें वर्ष पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा होगा।
भारत सरकार ने श्रद्धांजलि कार्यक्रम को फीका करने के लिए पंजाब सरकार के उन सभी प्रस्तावित विकास परियोजनाओं को रोक दिया, जिससे इस पावन भूमि का विकास किया जाना था।
कैप्टन 12 अप्रैल को कैंडल मार्च में लेंगे भाग
जलियांवाला बाग शताब्दी कार्यक्रम 12 अप्रैल को शुरू होगा। इस दिन प्रदेश के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह शाम सात बजे टाउन हाल से जलियांवाला बाग तक कैंडल मार्च की अगुवाई करेंगे। शहीद स्थली जलियांवाला बाग के शताब्दी कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू हिस्सा लेंगे।
उपराष्ट्रपति के साथ पंजाब के राज्यपाल वीपी सिंह बदनौर के साथ कई गणमान्य शामिल होंगे। राहुल गांधी 13 अप्रैल की सुबह जलियांवाला बाग पहुंचेंगे। वहीं उपराष्ट्रपति का कार्यक्रम दोपहर बाद तीन बजे होना है।