अपनी आंखों से देखना चाहता हूं किसानों का दर्द: राहुल
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेट्रो में सफर करने के बाद मंगलवार को कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने नांदेड़ से अमृतसर के बीच चलने वाली सचखंड एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सफर किया। राहुल ने नई दिल्ली से मंडी गोबिंद गढ़ जाते वक्त अंबाला तक जनरल बोगी में सफर किया।
अंबाला से सड़क मार्ग से वह मंडी गोबिंद गढ़ के लिए रवाना हुए है। जनरल बोगी में सफर के दौरान राहुल गांधी ने यात्रियों का हालचाल भी जाना। दोपहर 3:06 बजे पानीपत रेलवे स्टेशन पहुंचे राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि वह दिखावे के लिए जनरल बोगी में सफर नहीं कर रहे हैं।
वह धरातल से जुड़े लोगों को साथ लेकर चल रहे हैं और इसी कड़ी में ट्रेन के साधारण डिब्बे में बैठकर सफर कर रहे हैं। यह सब व्यवहारिक होना चाहिए। वे यात्रियों से बात कर उनकी मुश्किलों और परेशानियों को जान रहे हैं और समय आने पर इनके समाधान का प्रयास भी करेंगे।
कांग्रेस उपाध्यक्ष ने कहा कि किसान दुखी हैं और मंडी में हालात और भी चिंतनीय हैं। वे मंडी को अपनी आंखों से देखना चाहते हैं। इसलिए पंजाब के मंडी गोबिंदगढ़ जा रहे हैं। जहां के किसान अपने दुख को बताने के लिए रेलवे ट्रैक तक पर आ गए हैं। यह देश के लिए बड़ी चिंता की बात है। पानीपत में करीब सात मिनट तक ट्रेन खड़ी रही।
नहीं आया कोई कार्यकर्ता, देसी अंदाज में नमस्कार
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी मंगलवार को सचखंड एक्सप्रेस में पानीपत रेलवे स्टेशन पर 3:06 बजे पहुंचे और ट्रेन के रुकते ही खिड़की पर आ गए। यहां उन्होंने मीडिया कर्मियों से देसी स्टाइल में नमस्कार किया।
यहां पर स्थानीय नेताओं को न देखकर वे रेलवे स्टेशन पर खड़े यात्रियों और मीडिया कर्मियों की तरफ हाथ हिलाकर डिब्बे में चले गए। उन्होंने ट्रेन में बैठे यात्रियों से बातचीत शुरू कर दी। सचखंड एक्सप्रेस चेन पुलिंग होने के चलते चार मिनट अतिरिक्त खड़ी थी, लेकिन कोई भी कांग्रेसी नहीं पहुंचा।
एसी कोच में इंतजार, जनरल में सफर
राहुल गांधी ने नई दिल्ली से मंडी गोबिंदगढ़ जाते समय आम यात्री की तरह सचखंड एक्सप्रेस में सफर किया। वे काली टी-शर्ट पहने थे और चेहरे पर हल्की-हल्की दाड़ी थी। हर कोई राहुल गांधी के एसी या रिजर्वेशन डिब्बे होने के कयास लगा रहे थे और सुरक्षा भी इन्हीं डिब्बों के नजदीक तैनात थी।
रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचने से पहले ही सूचना मिली कि वे पीछे के एसी या जनरल डिब्बे में सफर कर रहे हैं। ट्रेन के पहुंचने पर सब एसी डिब्बों की तरफ दौड़े। राहुल गांधी 12715 सचखंड एक्सप्रेस की 07402 बोगी से बाहर निकले। यह पीछे से तीसरा डिब्बा रहा।
राहुल गांधी के सफर से परेशान हुए यात्री
सचखंड एक्सप्रेस की जनरल बोगी में सवार होकर नई दिल्ली से अंबाला जा रहे राहुल गांधी ने एक तरफ जहां यात्रियों हाल चाल जाना वहीं बोगी में बैठे कुछ यात्रियों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। पानीपत स्टोशन पर ट्रेन रुकने के बाद अमर उजाला संवाददाता ने यात्रियों ने जब राहुल गांधी के बारे में बातचीत की तो कुछ अजीब सा हाल दिखाई दिया।
उसी जनरल डिब्बे में सफर कर रहे अमृतसर निवासी गुरेंदर ने बताया कि वह ट्रेन में सीट पर बैठा था। इसी बीच कुछ लोग आए और उनको दूर हटने की कहने लगे। देखते ही देखते अचानक धक्का मुक्की शुरू हो गई। हमें अपना सामान भी ठीक से नहीं उठाने दिया गया। कुछ ही देर में राहुल गांधी इस बोगी में आ गए।
हम एक कोने में खड़े हो गए। राहुल गांधी बोगी के अंदर जाकर बैठ गए। उनके आस पास सुरक्षा कर्मियों ने घेरा बना दिया। जो लोग बोगी में बैठे थे वह काफी देर तक सहमे बैठे रहे।
मुझे नहीं पता कौन है ये?
मध्य प्रदेश के सागर निवासी नानी बाई सचखंड एक्सप्रेस में पंजाब जा रही थी और 07402 डिब्बे में ही थी। नानी बाई ने कहा कि उनको नहीं पता कि डिब्बे में क्या चल रहा है और कौन सफर कर रहा है। वह किसी को नहीं जानती और न ही उसके पास कोई आया है। उसको बड़े लोगों से लेना भी क्या। उसको जो मजदूरी कर अपना पेट पालना है।