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राहुल गांधी की ताजपोशी पर चंडीगढ़ कांग्रेस में उभरी गुटबाजी, ये रही वजह
राजेश ढल्ल/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Dec 2017 10:12 AM IST
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rahul gandhi
- फोटो : रवि बत्रा
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कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर राहुल गांधी की ताजपोशी में चंडीगढ़ कांग्रेस के नेताओं की गुटबाजी उभर कर सामने आ गई है। कांग्रेस महासचिव एवं पार्षद देवेंद्र सिंह बबला ने खुलकर कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में डेलीगेट्स और सीनियर नेताओं को साथ न ले जाने पर कांग्रेस महासचिव देवेंद्र सिंह बबला ने नाराजगी जाहिर की है। चंडीगढ़ से राहुल गांधी की ताजपोशी में सिर्फ कांग्रेस अध्यक्ष ही शामिल हुए।
बबला ने अपनी नाराजगी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को वाट्सएप पर मैसेज भेजकर भी जाहिर की है। वहीं, कांग्रेस के चंद अन्य सीनियर नेता भी छाबड़ा की ओर से दिल्ली अकेले जाने से नाराज हैं। देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी संभालना एक ऐतिहासिक दिन था। यह अध्यक्ष की जिम्मेवारी थी कि वह सभी को साथ लेकर दिल्ली जाते। बबला का कहना है कि जब हरियाणा कांग्रेस 5 हजार लोगों को दिल्ली लेकर जा सकती थी तो क्या चंडीगढ़ कांग्रेस 50 नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नहीं ले जा सकती। इसके लिए एक बस दिल्ली ले जानी चाहिए थी।
बबला का दावा है कि जब राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन भरा था, तब भी प्रदीप छाबड़ा अकेले ही नामांकन पत्र का सेट लेकर चले गए थे, लेकिन छाबड़ा की ओर से तैयार किए गए नामांकन पत्र में भी खामियां थीं, अगर वह नामांकन जमा हो जाता तो चंडीगढ़ कांग्रेस की अच्छी किरकिरी होती, लेकिन नामांकन के दिन 13 डेलीगेट्स अपने आप ही चले गए। जब पूर्व सांसद पवन बंसल ने छाबड़ा की ओर से भरा गया नामांकन देखा, तब पता चला कि इस पत्र में खामी है। उसके बाद बंसल ने चंडीगढ़ से आए डेलीगेट़्स के हस्ताक्षर लेते हुए नया नामांकन पत्र भरा।
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बबला ने अपनी नाराजगी कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा को वाट्सएप पर मैसेज भेजकर भी जाहिर की है। वहीं, कांग्रेस के चंद अन्य सीनियर नेता भी छाबड़ा की ओर से दिल्ली अकेले जाने से नाराज हैं। देवेंद्र सिंह बबला का कहना है कि राहुल गांधी की ओर से राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी संभालना एक ऐतिहासिक दिन था। यह अध्यक्ष की जिम्मेवारी थी कि वह सभी को साथ लेकर दिल्ली जाते। बबला का कहना है कि जब हरियाणा कांग्रेस 5 हजार लोगों को दिल्ली लेकर जा सकती थी तो क्या चंडीगढ़ कांग्रेस 50 नेताओं और कार्यकर्ताओं को भी नहीं ले जा सकती। इसके लिए एक बस दिल्ली ले जानी चाहिए थी।
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बबला का दावा है कि जब राहुल गांधी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव के लिए नामांकन भरा था, तब भी प्रदीप छाबड़ा अकेले ही नामांकन पत्र का सेट लेकर चले गए थे, लेकिन छाबड़ा की ओर से तैयार किए गए नामांकन पत्र में भी खामियां थीं, अगर वह नामांकन जमा हो जाता तो चंडीगढ़ कांग्रेस की अच्छी किरकिरी होती, लेकिन नामांकन के दिन 13 डेलीगेट्स अपने आप ही चले गए। जब पूर्व सांसद पवन बंसल ने छाबड़ा की ओर से भरा गया नामांकन देखा, तब पता चला कि इस पत्र में खामी है। उसके बाद बंसल ने चंडीगढ़ से आए डेलीगेट़्स के हस्ताक्षर लेते हुए नया नामांकन पत्र भरा।
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एक ही एंट्री पास आया था : छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा
कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा का कहना है कि पार्टी हाईकमान से सिर्फ अध्यक्ष होने के नाते कार्यक्रम में भाग लेने के लिए एक ही एंट्री पास आया था। उन्होंने किसी को दिल्ली जाने से नहीं रोका था। छाबड़ा का कहना है कि कार्यक्रम के बाहर काफी भीड़ थी। उन्होंने देखा कि कई राष्ट्रीय नेता तो कार्यक्रम में घुस भी नहीं पाए। ऐसे में चंडीगढ़ कांग्रेस से अन्य नेताओं को दिल्ली ले जाने का क्या फायदा, जब कार्यक्रम के बाहर ही जाकर खड़ा होना था। डेलीगेट्स सम्माननीय और आदरणीय हैं। छाबड़ा ने कहा कि उन्होंने राहुल गांधी को मिलकर पूरी चंडीगढ़ कांग्रेस की ओर से शुभकामनाएं दी हैं। छाबड़ा ने कहा कि शुक्रवार सुबह उन्होंने ग्रुप में मैसेज डाल दिया था कि उनके पास कार्यक्रम में दाखिल होने का कोई एंट्री पास नहीं है, जो अपने स्तर पर दिल्ली जाना जा सकता है, वह जा सकता है।
चंडीगढ़ कांग्रेस के भी नए अध्यक्ष की होनी है घोषणा
चंडीगढ़ कांग्रेस के भी नए अध्यक्ष की घोषणा अगले दिनों में होनी है। ऐसे में नया अध्यक्ष बनने की दौड़ में कई दावेदार मैदान में आ गए हैं, जिनमें देवेंद्र सिंह बबला, एचएस लक्की, पवन बंसल का नाम दावेदारों में है, जबकि प्रदीप छाबड़ा भी फिर से अध्यक्ष बनना चाहते हैं। अध्यक्ष रहते हुए छाबड़ा ने दिल्ली में अपनी पैठ बना ली है, जबकि चंडीगढ़ कांग्रेस के संगठन के चुनाव हो चुके हैं, जबकि छाबड़ा को फिर से अध्यक्ष बनने से रोकने केलिए लॉबिंग शुरू हो गई है, जबकि छाबड़ा को अभी तक पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल का समर्थन मिल रहा है।
बढहेड़ी ने भी नाराजगी जाहिर की
सभी नेताओं को दिल्ली न ले जाने पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बढहेड़ी ने भी नाराजगी जाहिर की है। बढहेड़ी का कहना है कि अगर पार्टी को मजबूत करना है तो सभी को साथ लेकर चलना पड़ेगा लेकिन छाबड़ा ऐसा नहीं कर रहे हैं। देश के सभी राज्यों से विधायक, नेता और डेलीगेट्स गए और राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने पर खुशी जाहिर की। वह भी चाहते थे कि दिल्ली जाकर भंगडा डालें, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा अन्य नेताओं को दूर रखकर अकेले ही पार्टी चलाना चाहते हैं। उधर, एक राजनीतिक वाट्सएप ग्रुप में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है।
चंडीगढ़ कांग्रेस के भी नए अध्यक्ष की होनी है घोषणा
चंडीगढ़ कांग्रेस के भी नए अध्यक्ष की घोषणा अगले दिनों में होनी है। ऐसे में नया अध्यक्ष बनने की दौड़ में कई दावेदार मैदान में आ गए हैं, जिनमें देवेंद्र सिंह बबला, एचएस लक्की, पवन बंसल का नाम दावेदारों में है, जबकि प्रदीप छाबड़ा भी फिर से अध्यक्ष बनना चाहते हैं। अध्यक्ष रहते हुए छाबड़ा ने दिल्ली में अपनी पैठ बना ली है, जबकि चंडीगढ़ कांग्रेस के संगठन के चुनाव हो चुके हैं, जबकि छाबड़ा को फिर से अध्यक्ष बनने से रोकने केलिए लॉबिंग शुरू हो गई है, जबकि छाबड़ा को अभी तक पूर्व रेल मंत्री पवन बंसल का समर्थन मिल रहा है।
बढहेड़ी ने भी नाराजगी जाहिर की
सभी नेताओं को दिल्ली न ले जाने पर कांग्रेस के उपाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बढहेड़ी ने भी नाराजगी जाहिर की है। बढहेड़ी का कहना है कि अगर पार्टी को मजबूत करना है तो सभी को साथ लेकर चलना पड़ेगा लेकिन छाबड़ा ऐसा नहीं कर रहे हैं। देश के सभी राज्यों से विधायक, नेता और डेलीगेट्स गए और राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने पर खुशी जाहिर की। वह भी चाहते थे कि दिल्ली जाकर भंगडा डालें, लेकिन कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप छाबड़ा अन्य नेताओं को दूर रखकर अकेले ही पार्टी चलाना चाहते हैं। उधर, एक राजनीतिक वाट्सएप ग्रुप में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है।