पूर्व वायुसेना अधिकारी बोले- दुश्मनों की ताकत होगी फेल, आंख दिखाई तो भारी पड़ेगा राफेल
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राफेल बुधवार को अंबाला की धरती पर उतरेगा। स्वागत के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन सजकर तैयार है। अत्याधुनिक तकनीक के इस लड़ाकू विमान के आने से आसमान में वायुसेना की ताकत दुश्मन देशों पर भारी पड़ेगी। भारतीय वायुसेना व सेना के रिटायर्ड अधिकारियों के अनुसार राफेल के आगे पड़ोसी देश चीन व पाकिस्तान के नई तकनीक के लड़ाकू विमान पूरी तरह फेल है। इस लड़ाकू विमान के आने से दुश्मन देश भी भारत की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकेंगे।
1962 व 65 में चीन और पाक के साथ हुए युद्ध में दुश्मनों के दांत खट्टे करने वाले वायुसेना पूर्व विंग कमांडर बलदेव सिंह कहते हैं कि वायुसेना के पास पहले से ही कई अत्याधुनिक तकनीक से लैस लड़ाकू विमान हैं। राफेल के आने से भारतीय वायुसेना की ताकत आसमान में कई गुणा बढ़ जाएगी। 3700 किलोमीटर की मारक क्षमता वाला ये एयरक्राफ्ट 24 हजार किलो से ज्यादा भार उठाकर ले जाने में सक्षम है। इसमें 150 किलोमीटर की बियोंड विजुअल रेंज मिसाइल और हवा से जमीन पर मार वाली स्कैल्प मिसाइल ले जाने की क्षमता भी है।
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एयरफोर्स की राडार मैकेनिकल विंग से सार्जेंट के पद से रिटायर हुए एचडी शर्मा कहते हैं कि लंबे समय से भारतीय वायुसेना को अत्याधुनिक तकनीक के विमान की जरूरत थी। उन्होंने कहा कि इस विमान में कई खूबियां हैं। इसमें हथियारों के स्टोरेज के साथ 300 किलोमीटर तक मार करने वाली स्कैल्प मिसाइल ले जाने के अलावा एक मिनट में 60,000 फुट की ऊंचाई तक उड़ाने की क्षमता है। यह 4.5 जेनरेशन के ट्विन इंजन से लैस है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है।
सेना में रहकर कई बार दुश्मनों को शिकस्त दे चुके रिटायर्ड सूबेदार अत्तर सिंह मुल्तानी कहते हैं कि राफेल बेहतरीन विमान है। अगर चीन या फिर पाक भविष्य में भारत पर हमला करता है तो इसके जरिए हम मुंहतोड़ जवाब दे सकते हैं। दोनों देशों के पास इस तकनीक का कोई भी लड़ाकू विमान नहीं है। अभी तो पांच विमान ही भारत पहुंच रहे हैं। 36 विमानों के आने के बाद तो दुश्मन देशों को भारत के साथ पंगा लेने में कई बार सोचना पड़ेगा। इसे किसी भी मिशन पर भेजा सकता है।
वायुसेना की इलेक्ट्रॉनिक विंग से रिटायर हुए सरदार खुशवीर सिंह दत्त कहते हैं कि कोई भी लड़ाकू विमान कितना ताकतवर है। ये उसकी सेंसर क्षमता और हथियार ले जाने पर निर्भर करता है। मतलब कोई फाइटर प्लेन कितनी दूरी से देख सकता है और कितनी दूर तक मार कर सकता है। राफेल बहुत आधुनिक लड़ाकू विमान है। इससे पहले 1997-98 में रूस से सुखोई विमान खरीदे गए थे। परमाणु हथियारों से लैस राफेल हवा से हवा में 150 किलोमीटर तक मिसाइल दाग सकता है। यह क्षमता उसे अद्भुत बनाती है।