करतारपुर कॉरिडोरः किसानों की पेशकश, सरकार नौकरी दे तो मुफ्त में देंगे जमीन
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भारत-पाकिस्तान सीमा पर स्थित दर्शन स्थल पर शनिवार को पीडब्ल्यूडी के सचिव हुसन लाल की अगुवाई में विशेष टीम पहुंची। टीम के साथ राष्ट्रीय राजमार्ग प्रधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर जसपाल सिंह भी थे। टीम ने भारत-पाक सीमा पर पहुंचकर करतारपुर कॉरिडोर निर्माण के लिए जायजा लिया। इस मौके पर डीसी गुरदासपुर विपुल उज्ज्वल, एसडीएम श्री डेरा बाबा नानक अशोक कुमार शर्मा, तहसीलदार अरविंद सलवान भी मौजूद रहे।
जैसे ही पीडब्ल्यूडी के सचिव हुसन लाल दर्शन स्थल पर पहुंचे तो किसानों ने उन्हें रोक लिया और जमीन का उचित मुआवजा दिए जाने पर चर्चा की। वहीं कुछ किसानों ने सचिव हुसन लाल को यहां तक कहा कि वह अपनी सारी जमीन फ्री में देने को तैयार हैं लेकिन शर्त है कि सरकार उनके हर परिवार के हर सदस्य को सरकारी नौकरी दे।
यह सुनकर सचिव मुस्कराकर चले गए। इस पर किसानों ने भड़कते हुए कहा कि सरकारें वैसे तो सीमावर्ती क्षेत्रों को बढ़ावा देने और विकास की बात करती हैं, लेकिन जब जमीन का मुआवजा देने की बात आती है तो कहती है जमीन का मूल्य कम है, क्योंकि यह जमीनी सीमावर्ती क्षेत्र में आती हैं। सरकारों के इन दोहरे मापदंड से वह खासे नाराज हैं।
वहीं पीडब्ल्यूडी के सचिव हुसन लाल ने कहा कि उनके आने का मकसद है कि करतारपुर कॉरिडोर के निर्माण कार्य को शुरू किया जाए। उन्होंने कॉरिडोर को लेकर पूरा जायजा लिया। कहां-कहां, क्या-क्या आना है, क्या क्या शिफ्ट करना है, उसके बारे में भी चर्चा की गई है। उनका प्रयास होगा कि निश्चित समय पर कॉरिडोर का निर्माण पूरा किया जाए।
कॉरिडोर निर्माण कार्य की धीमी गति को लेकर किए सवाल में उन्होंने कहा कि किसी भी काम को शुरू करने के लिए नियमानुसार प्रक्रिया चलती है। किसानों के मुआवजे को लेकर किए सवाल के जवाब में सचिव ने बताया कि मुआवजा तो कानून के अनुसार ही मिलेगा।
सचिव हुसन लाल ने कहा कि जमीन की कीमतों को लेकर किसानों के पास जो भी कागजात हैं, वह एसडीएम श्री डेरा बाबा नानक को दें। उनको देखकर जो वाजिब होगा उसके मुताबिक एसडीएम जमीन का रेट तय करेंगे। सचिव ने बताया कि किसानों ने शुक्रवार को जो एतराज दिए हैं, उन एतराजों को श्री डेरा बाबा नानक के एसडीएम सुनेंगे और फैसला करेंगे।