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देश की नंबर-1 यूनिवर्सिटी के हालात बिगड़े, ग्रांट आई तभी मिलेगी सैलरी
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sat, 03 Dec 2016 10:34 PM IST
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Panjab University
- फोटो : amar ujala
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देश की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में शामिल पंजाब यूनिवर्सिटी अब तक के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है। देश को प्रधानमंत्री और कई बड़े नेता देने वाली पीयू अपना अस्तित्व बचाने के लिए संघर्ष कर रही है। अंतराष्ट्रीय स्तर पर देश की नंबर वन यूनिवर्सिटी रैंकिंग पंजाब यूनिवर्सिटी के पास जनवरी महीने में अपने करीब 7 हजार कर्मचारियों और प्रोफेसर्स को वेतन देने के लिए फंड नहीं है।
यूजीसी की ओर से पंजाब यूनिवर्सिटी के निर्धारित 176 करोड़ बजट में इजाफा नहीं करने के फैसले से मुश्किलें और बढ़ने की उम्मीद हैं।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन(यूजीसी) द्वारा पंजाब एंड हरियाणा होईकोर्ट में शुक्रवार को मौजूदा बजट बढ़ने और 101 करोड़ के घाटे को पूरा करने से साफ इंकार कर दिया गया। इस मामले के बाद शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन(पुटा) पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन), पंजाब यूनिवर्सिटी के सभी छात्र संगठन और पीयू छात्र काउंसिल ने यूजीसी के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है।
शनिवार दोपहर पुटा प्रेसिडेंट प्रो.प्रौमिला पाठक की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में पीयू की आर्थिक स्थिति को लेकर मंथन किया गया। सभी की सहमति के बाद अब मामले में विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार करने का फैसला लिया गया है। 8 दिसंबर पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस की ओर से यूजीसी और एमएचआरडी के खिलाफ रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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यूजीसी की ओर से पंजाब यूनिवर्सिटी के निर्धारित 176 करोड़ बजट में इजाफा नहीं करने के फैसले से मुश्किलें और बढ़ने की उम्मीद हैं।
यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन(यूजीसी) द्वारा पंजाब एंड हरियाणा होईकोर्ट में शुक्रवार को मौजूदा बजट बढ़ने और 101 करोड़ के घाटे को पूरा करने से साफ इंकार कर दिया गया। इस मामले के बाद शनिवार को पंजाब यूनिवर्सिटी टीचर्स एसोसिएशन(पुटा) पंजाब यूनिवर्सिटी नॉन टीचिंग एसोसिएशन), पंजाब यूनिवर्सिटी के सभी छात्र संगठन और पीयू छात्र काउंसिल ने यूजीसी के फैसले के खिलाफ मोर्चा खोलने का ऐलान कर दिया है।
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शनिवार दोपहर पुटा प्रेसिडेंट प्रो.प्रौमिला पाठक की अध्यक्षता में हुई मीटिंग में पीयू की आर्थिक स्थिति को लेकर मंथन किया गया। सभी की सहमति के बाद अब मामले में विरोध प्रदर्शन की रणनीति तैयार करने का फैसला लिया गया है। 8 दिसंबर पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस की ओर से यूजीसी और एमएचआरडी के खिलाफ रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
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8 दिसंबर से पीयू के स्टूडेंट्स और प्रोफेसर उतरेंगे सड़कों पर
VC Arun Grover On PU
- फोटो : अमर उजाला
पूर्व पूटा प्रेसिडेंट प्रो. खालिद मोहम्मद ने कहा कि अगर यूजीसी ने तुरंत पीयू की बकाया 44 करोड़ की राशि जारी नहीं की तो जनवरी में पीयू कर्मचारियों को वेतन नहीं मिल सकेगा।
उधर 17 दिसंबर को होने वाली पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के बाहर भी मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है।
40 करोड़ सिर्फ वेतन के लिए
यूजीसी से पीयू को मिलने वाले बजट में पिछले कई सालों से बढ़ोतरी नहीं की गई है। हर महीने करीब 40 करोड़ की राशि सिर्फ वेतन पर खर्च हो जाती है। पीयू बजट का करीब 85 फीसदी हिस्सा वेतन में ही चला जाता है। उधर सातवें वेतनमान देने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पिछले काफी समय से दूसरे हेड से पैसा निकालकर कर्मचारियों को सैलरी दे रहा था। लेकिन बोर्ड ऑफ फाइनेंस ने इस सिस्टम को बंद करने को कह दिया है। जिससे पीयू पर करीब 101 करोड़ का घाटा बढ़ गया है। पंजाब सरकार भी कई साल से अपने हिस्से का बजट पीयू को नहीं दे रही है।
संसद को पीयू ने दिए कई नेता
पाकिस्तान से चंडीगढ़ में स्थापित हुई पंजाब यूनिवर्सिटी ने पिछले 60 सालों में देश को कई नामी नेता दिए हैं। जिनमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर सुषमा स्वराज, राजीव प्रताप रुढ़ी, कपिल सिब्बल, पवन कुमार बंसल, सत्यपाल जैन, किरण खेर जैसी हस्तियां शामिल हैं। इतने नेताओं का पीयू से कनेक्शन होने के बावजूद आर्थिक संकट को लेकर कोई हल नहीं निकल पा रहा।
उधर 17 दिसंबर को होने वाली पंजाब यूनिवर्सिटी सीनेट के बाहर भी मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन करने की तैयारी की जा रही है।
40 करोड़ सिर्फ वेतन के लिए
यूजीसी से पीयू को मिलने वाले बजट में पिछले कई सालों से बढ़ोतरी नहीं की गई है। हर महीने करीब 40 करोड़ की राशि सिर्फ वेतन पर खर्च हो जाती है। पीयू बजट का करीब 85 फीसदी हिस्सा वेतन में ही चला जाता है। उधर सातवें वेतनमान देने के लिए अतिरिक्त बजट की जरूरत होगी। पंजाब यूनिवर्सिटी प्रशासन पिछले काफी समय से दूसरे हेड से पैसा निकालकर कर्मचारियों को सैलरी दे रहा था। लेकिन बोर्ड ऑफ फाइनेंस ने इस सिस्टम को बंद करने को कह दिया है। जिससे पीयू पर करीब 101 करोड़ का घाटा बढ़ गया है। पंजाब सरकार भी कई साल से अपने हिस्से का बजट पीयू को नहीं दे रही है।
संसद को पीयू ने दिए कई नेता
पाकिस्तान से चंडीगढ़ में स्थापित हुई पंजाब यूनिवर्सिटी ने पिछले 60 सालों में देश को कई नामी नेता दिए हैं। जिनमें प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से लेकर सुषमा स्वराज, राजीव प्रताप रुढ़ी, कपिल सिब्बल, पवन कुमार बंसल, सत्यपाल जैन, किरण खेर जैसी हस्तियां शामिल हैं। इतने नेताओं का पीयू से कनेक्शन होने के बावजूद आर्थिक संकट को लेकर कोई हल नहीं निकल पा रहा।