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नाराजगी : पंजाब विधानसभा के स्पीकर का दर्द, सम्मान नहीं देते अधिकारी, सीएम से की शिकायत   

Fri, 12 Mar 2021 01:39 PM IST
निवेदिता वर्मा हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़
हर्ष कुमार सलारिया, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 12 Mar 2021 01:39 PM IST
सार

  • अफसरशाही की मनमानी से आहत हैं पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह 
  • मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भेजी शिकायत, दौरों के दौरान निर्धारित प्रोटोकाल के मुताबिक नहीं दिया जा रहा सम्मान  
  • संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लेने और कार्रवाई करने की मांग 

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Punjab Vidhansabha speaker is not happy with officials
राणा केपी सिंह। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

पंजाब विधानसभा के स्पीकर राणा केपी सिंह अफसरशाही की मनमानी से आहत हैं। स्पीकर की ओर से विधानसभा प्रशासन ने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को भेजी शिकायत में कहा है कि राणा केपी को प्रदेश के दौरों के दौरान निर्धारित प्रोटोकाल के मुताबिक सम्मान नहीं दिया जा रहा। 

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शिकायत में कहा गया है, मुझे आप के ध्यान में लाने की हिदायत दी है कि स्पीकर 10 फरवरी को मोहाली (एसएएस नगर) जिले के एक गांव में आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए गए थे। इसके संबंध में जिले के डिप्टी कमिश्नर और सीनियर पुलिस अधिकारी को समयपूर्व सूचित करते हुए प्रोटोकाल के अनुसार सभी आवश्यक प्रबंध करने के लिए लिखा गया था। 
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डिप्टी कमिश्नर की ओर से उपमंडल मजिस्ट्रेट को स्पीकर का स्वागत करने और उन्हें विदा करने तथा जिले के सीनियर पुलिस अफसर को सुरक्षा प्रबंध करने के लिए लिखा गया था। लेकिन न तो उपमंडल मजिस्ट्रेट खरड़ और न ही जिला प्रशासन के किसी अन्य उच्चाधिकारी ने स्पीकर को प्रोटोकाल के अनुसार निर्धारित सम्मान देना उचित समझा। पंजाब विधानसभा के स्पीकर द्वारा संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर गंभीर संज्ञान लिया गया है। अधिकारियों का ऐसा बर्ताव अन्य कई स्थानों पर देखने में आ चुका है। 
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मुख्यमंत्री को भेजी शिकायत में विधानसभा प्रशासन ने यह भी लिखा है कि स्पीकर के आदेश अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से आग्रह किया जाता है कि इस मामले में संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण लिया जाए और उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस कार्रवाई के बारे में स्पीकर को भी जानकारी दी जाए। 


स्पीकर को हासिल है उच्च सांविधानिक दर्जा
प्रोटोकाल के अनुसार किसी भी राज्य में राज्यपाल और मुख्यमंत्री के बाद विधानसभा के स्पीकर को उच्च सांविधानिक दर्जा हासिल है। इसके तहत उन्हें राज्य के भीतर सरकारी दौरों के दौरान निर्धारित सम्मान दिया जाना अपरिहार्य है। 

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