फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab VidhanSabha Session

जानिए, पंजाब विधानसभा सेशन के मुख्य-मुख्य बिंदू

Fri, 07 Mar 2014 01:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Fri, 07 Mar 2014 01:04 PM IST
विज्ञापन
Punjab VidhanSabha Session
पंजाब सरकार राज्य में लागू शगुन स्कीम और बुढ़ापा पेंशन की राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं करने जा रही। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान कांग्रेस के चरनजीत चन्नी द्वारा शगुन स्कीम पर पूछे गए सवाल पर मंत्री गुलजार सिंह रणीके ने जवाब दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। चन्नी ने बुढ़ापा पेंशन बढ़ाने बारे भी सवाल किया जिसके जवाब में संबंधित मंत्री सुरजीत ज्याणी ने दो शब्द कहे- श्रीमान जी, जी नहीं।
विज्ञापन


तरलोचन सिंह का सवाल था कि भलाई पेंशन के फंड में कोई घपले सामने आए हैं। सुरजीत ज्याणी ने बताया कि तरनतारन में 71.42 लाख का गबन हुआ। दो दोषी मुलाजिमों पर परचा दर्ज हो चुका है। एक क्लर्क से करीब 13.10 लाख रिकवर कर लिए गए हैं। फिरोजपुर में गांव चक्क जमीत सिंह वाला की पंचायत पर फंड के दुरुपयोग को लेकर परचा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन


दोनों जिलों की ऑडिट को टीम बनाई गई है। करन कौर ने मुक्तसर में शगुन स्कीम के पेंडिंग केसों की जानकारी मांगी। गुलजार सिंह राणीके ने बताया कि 54 केस पेंडिंग हैं। करन कौर का आरोप था कि सभी गांवों में केस पेंडिंग पड़े हैं। राणीके ने कहा कि उन्हें बता दें, राशि जारी करवा देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं
सुनील जाखड़ ने सवाल किया कि मंत्री सदन में अगर ऐलान करते हैं तो क्या वह आचार संहिता का उल्लंघन तो नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि इस पर कानूनी राय लेनी चाहिए। डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने हंसते हुए कहा कि यह अच्छा है, आप सवाल न करो, हम जवाब ही नहीं देंगे।

1984 दंगों की जांच को बने विशेष अदालत

Punjab VidhanSabha Session
पंजाब विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी मौजूदा जज के नेतृत्व में विशेष अदालत स्थापित किए जाने की मांग की। विपक्ष की अनुपस्थिति में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गया।

मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा कि कांग्रेसियों ने कभी अपना वादा निभाया ही नहीं। आज भी वे वादे से मुकर गए और सदन में बैठे रहने का भरोसा देकर वाकआउट कर गए।

उन्होंने धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस को समेटते हुए कहा कि वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच के लिए एसआईटी के गठन की जरूरत है और इसका गठन न्यायिक दिशा-निर्देशों एवं निगरानी के अधीन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि इससे संबंधित सारे मामले पुन: खोले जाने चाहिएं और शिकायतों एवं रिकॉर्ड के आधार पर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि आरोपीयों की पहचान हो गई है और वह सभी कांग्रेस पार्टी से ही संबंधित हैं। इसे कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी सरेआम माना है।

देश में सही मायनों में संघीय ढांचा कायम करने की जरूरत पर बल देते हुए बादल ने संविधान में संशोधन की बात कही। उन्होंने केंद्रीय करों में प्रदेशों का हिस्सा बढ़ाकर 50 फीसदी करने की भी वकालत की।

बादल ने नदियों के जल का मुद्दा भी उठाया

Punjab VidhanSabha Session
राजधानी चंडीगढ़ और पंजाबी भाषी क्षेत्र पंजाब को दिए जाने की मांग करते हुए बादल ने नदियों के जल का मुद्दा भी उठाया। केंद्र द्वारा पड़ोसी राज्यों को औद्योगिक राहत पैकेज देने की आलोचना करते हुए बादल ने कहा कि इस फैसले ने राज्य के विकास को बहुत बड़ी क्षति पहुंचाई है, जिसके परिणाम स्वरूप बेरोज़गारी की समस्या बढ़ी है।

बादल ने कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, शिक्षा, बिज़ली, कानून व्यवस्था एवं अन्य क्षेत्रों में की पहलकदमियों और महत्वपूर्ण उपलब्धियों का भी जिक्र किया। शिअद की ओर से विरसा सिंह वल्टोहा व बीबी जगीर कौर तथा भाजपा की ओर से मनोरंजन कालिया व सोम प्रकाश ने बहस में हिस्सा लिया।

सेना भर्ती, ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित प्रस्ताव पारित
पंजाब विधानसभा में वीरवार को दो गैर सरकारी प्रस्ताव पारित हुए। यह प्रस्ताव सेना में जवानों की भर्ती और ग्लोबल वार्मिंग से संबंधित थे। पहला प्रस्ताव अकाली विधायक दर्शन सिंह कोटफत्ता ने पेश करते हुए कहा कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार तक पहुंच करे कि देश की सरहदों की रक्षा के लिए जवानों की भर्ती राज्यों की आबादी के आधार पर नहीं, बल्कि योग्यता के आधार पर हो।

दूसरा प्रस्ताव पेश करते हुए अकाली विधायक हरप्रीत सिंह ने कहा कि राज्य सरकार को केंद्र सरकार के साथ मसला उठाते हुए ग्लोबल वार्मिंग के भयानक नतीजों की रोकथाम के लिए असरदार कदम उठाने पर जोर दे। विपक्ष की अनुपस्थिति में दोनों प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित हो गए।

'मुझे पता है कांग्रेसियों ने वाकआउट करना है'

Punjab VidhanSabha Session
पंजाब विधानसभा सत्र में शून्यकाल के दौरान मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कांग्रेसियों को मनाने की काफी कोशिश की लेकिन शून्यकाल खत्म होते ही विपक्षी सदस्य राज्य भर में हड़ताल कर रहे मुलाजिमों के मुद्दे पर नारेबाजी करते हुए सदन से वाकआउट कर गए।

जगमोहन कंग ने राज्य में रेत के अवैध खनन का मुद्दा उठाया। तृप्त राजिंदर बाजवा ने कहा कि गांव सरैयां में पीलिया से सौ लोग मर गए, कई गंभीर हैं। सीएम ने सदस्यों के सवालों का जवाब देते हुए भरोसा दिलाया कि वह कल ही टीम भेजेंगे।

गुरकीरत कोटली ने नूरपुर बेदी और सैनी माजार को नगर पंचायत बनाने का नोटीफिकेशन रद करने की बात कही जबकि, डॉ. दलजीत चीमा ने इसे सियासत से प्रेरित बताया। कुलजीत नागरा ने कुलवंत सिंह को फतेहगढ़ साहिब से टिकट देने का मुद्दा उठाया। इस पर सुखबीर बादल ने पार्टी की दलील दी।

अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने एससी महिलाओं पर आर्म्स एक्ट लगाने की बात उठाई तो डिप्टी सीएम ने भरोसा दिया कि जांच कराएंगे। हंसी-मजाक के बीच सीएम ने पुराने रिश्ते निकालते हुए राजा से कहा, तू तो मेरा पोता है बाबा।

अश्वनी सेखड़ी ने आयरन-स्टील इंडस्ट्री पर टैक्स लगाने का मुद्दा उठाया। सुनील जाखड़ ने वाटरवर्क्स की जमीन पर कब्जा रोकने की मांग की। साथ ही होमगार्डों को न्यूनतम वेतन देने का मुद्दा भी उठाया।

अभी ध्यानाकर्षण प्रस्ताव आना ही था कि कांग्रेस ने राज्य भर में हड़ताल पर चल रहे मुलाजिमों का मुद्दा उठाया और नारेबाजी शुरू कर दी। देखते ही देखते विपक्षी सदस्य वाकआउट कर गए।

बादल की कांग्रेस को नसीहत

Punjab VidhanSabha Session
शून्यकाल की शुरुआत होते ही सीएम बादल ने कहा- मुझे पता है कि जैसे ही मैं बोलना शुरू करूंगा, इन्होंने वाकआउट करना है, मैदान छोड़ जाएंगे। इसके साथ ही बादल ने कहा- ‘पर हमारी बात तो सुनो, या फिर चुनाव का भी बायकॉट कर दो।

विनती करता हूं कि बढ़िया सदन चलाओ। हमारा कोई बंदा नहीं बोलता। तुम्हारे लोगों में अनुशासन है ही नहीं। इतनी गुटबाजी है कि लीरों-लीर हुए हो। इतिहास में आएगा कि तुम लोग भाग जाते हो। हाईकोर्ट के फैसले केबाद तुम लोग काफी निराश हो। मेरी राय ले लिया करो, वरना चुनाव में भी नुकसान होगा।’

तुहानु किंवे पता, असीं की करना है : जाखड़
सदन में कांग्रेसी विधायकों को समझाते हुए बादल विधायक लाल सिंह से मुखातिब होकर बोले- ‘आप सीनियर हो, समझाओ, बायकॉट न करो।’ लेकिन जवाब में सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ बोले- ‘पहले यह बताया जाए कि सीएम को कैसे पता चला कि हमने क्या करना है।’ बादल हंसते हुए बोले- ‘आपके ही लोग बताते हैं।’

खराब आर्थिक हालत छुपाने को लाए ‘वोट ऑन अकाउंट’

Punjab VidhanSabha Session
पंजाब विधानसभा में वीरवार को राज्यपाल के अभिभाषण पर बहस के दौरान कांग्रेस ने अभिभाषण में कही गई बातों को प्रदेश के लोगों से विश्वासघात करार दिया।

पूरा बजट न लाने के सरकार के फैसले पर कटाक्ष करते हुए कांग्रेस ने कहा कि असल में सत्तापक्ष प्रदेश की दयनीय आर्थिक स्थिति को छुपाना चाहता था, इसीलिए वोट ऑन अकाउंट से काम चलाने की कोशिश की गई। कांग्रेस की ओर से लाल सिंह, अमरिंदर सिंह राजा, सुंदर शाम अरोड़ा, कुलजीत सिंह नागरा और चरनजीत सिंह चन्नी ने बहस में हिस्सा लिया।

लाल सिंह ने कहा कि इस भाषण में अहम मुद्दों का कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने कहा कि यह भाषण एक ड्रामा और जनता से विश्वासघात है। इस ड्रामे के लेखक, निर्माता, निर्देशक और अभिनेता सब कुछ उप मुख्यमंत्री सुखबीर बादल हैं।

उन्होंने कहा कि वह तो मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से भी आगे निकल गए। लाल सिंह ने कहा कि यह सरकार बजट लाने से इसलिए भागी, क्योंकि सरकार को बताना पड़ता कि पिछले एक साल में घाटा कितना बढ़ा। इस सरकार ने अपने अब तक के 7 साल के कार्यकाल में 54 हजार करोड़ रुपए का कर्ज बढ़ा दिया है।

1966 में पंजाब के पुनर्गठन से लेकर 2007 तक 41 वर्ष में पंजाब पर करीब 48 हजार करोड़ रुपए का कर्ज चढ़ा था, जिसे इस सरकार ने अपने सात साल के कार्यकाल में 1 लाख 2 हजार करोड़ तक पहुंचा दिया है।

लाल सिंह ने आटा दाल स्कीम, बठिंडा रिफाइनरी, पड़ोसी राज्यों को विशेष पैकेज, औद्योगिक इकाइयों के पंजाब से पलायन, एमएसपी के मुद्दों पर भी सरकार पर निशाने साधे।

ड्रग रैकेट पर तीव्र कटाक्ष

Punjab VidhanSabha Session
लाल सिंह ने कहा कि ड्रग तस्करी मामले में जहां राजस्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का नाम उछला है, वहीं मंत्री सरबन सिंह फिल्लौर के बेटे को ईडी ने सम्मन जारी किए हैं। मंत्री अनिल जोशी पर दोहरे वोट के मामले में कार्रवाई हो रही है इसलिए मुख्यमंत्री को इनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि वह ड्रग रैकेट के मुख्य आरोपी जगदीश भोला की बातों पर नहीं जाते, लेकिन जब मंत्रियों का नाम आ रहा है तो नैतिकता के आधार पर उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। इस पर सरवन सिंह फिल्लौर ने कहा कि लाल सिंह सबूत दे दें कि संबंधित फैक्ट्री उनके बेटे की है।

राजपुरा थर्मल प्लांट बेचने की तैयारी : राजा वड़िंग
विधायक अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा कि बठिंडा रिफाइनरी में 2400 करोड़ रुपए के निवेश के बाद केवल 922 लोगों को रोजगार मिला है। इनमें से पंजाबी केवल 185 हैं। राजपुरा थर्मल प्लांट के बार में वड़िंग ने कहा कि एलएंडटी ने इस प्लांट को बेचने की इच्छा जाहिर कर दी है, जोकि सरकार के लिए बहुत निराशाजनक बता होनी चाहिए।

इंफोसिस, आईटी को न भूलें : सुखबीर
लाल सिंह के भाषण के दौरान उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि वह इंवेस्टर्स मीट को असफल बता रहे हैं, लेकिन इंफोसिस और आईटीसी के निवेश को न भूलें। उन्होंने कहा कि रिलायंस पंजाब के हर गांव को 4जी से जोड़ने जा रहा है, जबकि भारत ही नहीं अमेरिका के किसी प्रदेश के गांवों में यह सुविधा नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed