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Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab University Girls Reaction on Me Too Campaign

#MeToo पर बोली लड़कियां- अब चुप नहीं रहना, हक की लड़ाई लड़ेंगे, शोषण नहीं सहना

Tue, 16 Oct 2018 11:10 AM IST
मोनिका, अमर उजाला, चंडीगढ़
मोनिका, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 16 Oct 2018 11:10 AM IST
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Punjab University Girls Reaction on Me Too Campaign
सांकेतिक तस्वीर
मी टू मूवमेंट ने हिम्मत दी है, इसलिए अब शोषण के खिलाफ महिलाएं चुप नहीं बैठेंगी। वो समय चला गया, जब लड़कियां चुप्पी साध लेती थीं। अब मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। इसके लिए सोशल मीडिया भी एक बेहतरीन हथियार मिला है। यह कहना है चंडीगढ़ की लड़कियों का। हालांकि उनका यह भी कहना है कि सरकार को इस मामले में अपना रोल दिखाना है। सरकार ऐसे मामलों की जांच के लिए कमेटी गठित करे और न्याय दिलाए। साथ ही यह भी तय करना होगा कि अभियान सिर्फ सोशल मीडिया तक सीमित न रहे।
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मैं मीटू अभियान के पक्ष में हूं। इससे वह महिलाएं खुलकर सामने आई हैं जो अंदर ही अंदर घुट रही थीं। अभियान का ही असर है कि वे अब शोषण को बताने में कोई अपमान महसूस नहीं कर रही हैं। मगर इस तरह केस में यदि राजनीति बीच में आ गई तो सच्चे केस भी झूठे साबित हो जाएंगे। इसलिए सरकार को अब अहम रोल निभाना है।
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- सुमन, एमए इंग्लिश

इस अभियान के शुरू होने से मुझे बहुत खुशी है, क्योंकि इसके जरिए हम यौन उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठा सकते हैं। लेकिन इस अभियान के दुरुपयोग होने की भी संभावना है। केस झूठा भी हो सकता है। बेकसूर लोग भी इस अभियान की चपेट में आ सकते हैं। झूठे मामलों के कारण सच्चे केस दब जाते हैं। इस अभियान से युवाओं की सोच में परिवर्तन आया है।  
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- जसकमल, एमए इंग्लिश

Punjab University Girls Reaction on Me Too Campaign
सांकेतिक तस्वीर
इस अभियान ने महिलाओं को सामने आने के लिए साहस प्रदान किया है। लेकिन चिंता की बात यह है कि अब भी बड़े-बड़े सुपरस्टार इस पर चुप्पी साधे हैं। अगर वो बोले तो ज्यादा बड़ा परिवर्तन आ सकता है। महिलाएं खुलकर अपने शोषण के खिलाफ बोल रही हैं। हम सभी मी टू कैम्पेन का समर्थन करते हैं। हर शिकायत की जांच होनी चाहिए और कानून में भी बदलाव आना चाहिए।
- निकिता सिंह, एमएससी

मी टू से युवतियां साहसी बन रही है। मी टू से मुझे हिम्मत मिली है कि मैं सिर्फ अपने लिए ही नहीं बल्कि दूसरों की भी आवाज उठा सकती हूं। अब यदि कोई मंत्री भी हमें कुछ कहेगा तो हम आवाज उठाने से पीछे नहीं हटेंगे। हम किसी की सोच तो नहीं बदल सकते,लेकिन मी टू एक अच्छा प्रयास है। मुझे आशा है कि जो केस सामने आए हैं, उनको न्याय मिले।  
- प्रभजोत कौर, एमएससी

मी टू एक अच्छा प्रयास है। मुझे आशा है कि जो केस सामने आए हैं, उनको न्याय मिले। अभियान से परिवर्तन की आंधी आनी चाहिए। जो लड़कियां शोषण का शिकार होती हैं, उनको किसी का समर्थन नहीं मिलता। लेकिन लड़कों को हर तरफ सपोर्ट मिलता है। यह अभियान महिलाओं के सकारात्मक साबित होगा।
- अविशा, एमए इकोनॉमिक्स

यह अभियान गांव तक नहीं पहुंच पाया है। गरीब लोगों के केस दब कर रह जाते हैं। जो सोशली एक्टिव है यह अभियान सिर्फ उन तक पहुंच रहा है। गांव में तो कोई उनकी रिपोर्ट भी नहीं लिखता। हमारे देश में एक साथ इतने केस सामने आ जाते है कि किसी पर भी ध्यान नहीं दिया जाता। इससे पुरुषों की सोच पर कोई फर्क नहीं पड़ता। आज भी लड़कियां खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।
- गौरी, बीए बीएड
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