छोटे बादल ने व्यापारियों को दी बड़ी खुशखबरी
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पंजाब के कारोबारियों को अब गोदाम में रखे माल के स्टॉक पर टैक्स नहीं देना पड़ेगा। प्रदेश सरकार द्वारा वैट एक्ट में किए गए संशोधन के खिलाफ व्यापारियों के गुस्से को देखते हुए सरकार ने इसे वापस लेने का फैसला लिया है।
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने मंगलवार को इनपुट टैक्स क्रेडिट हासिल करने के लिए पंजाब वैट एक्ट के सेक्शन 13 (1) में किए संशोधन को वापस लेने के आदेश दिए।
इसके साथ ही उप मुख्यमंत्री ने एक्साइज और टैक्सेशन विभाग को अध्यादेश तैयार करने को कहा है ताकि इस पर कैबिनेट की सहमति ली जा सके। माना जा रहा है कि उपचुनाव के मद्देनजर भी सरकार ने व्यापारियों की नाराजगी से बचने के लिए यह कदम उठाया है।
डिप्टी सीएम आफिस के प्रवक्ता ने बताया कि बीते दिनों व्यापारियों की विभिन्न संगठनों ने डिप्टी सीएम से मुलाकात की थी। इसके बाद सुखबीर बादल ने विभाग को आदेश दिए कि वैट रिटर्न की आखिरी तारीख बढ़ाकर 20 अगस्त की जाए। साथ ही व्यापारियों को पहले की तरह रिटर्न भरने की सुविधा दी जाए।
भाजपा के मंत्री, विधायक भी थे विरोध में
विभागीय अधिकारियों ने कहा कि अक्टूबर 2013 में कैबिनेट ने वैट एक्ट में संशोधन पर सहमति दी थी। पिछले बजट सत्र के दौरान विधानसभा ने भी इसे पास कर दिया था। एक्साइज अधिकारियों का कहना है कि टैक्स चोरी रोकने के लिए यह संशोधन लाया गया था ताकि बोगस बिलों द्वारा होने वाली टैक्स चोरी रोकी जा सके।
प्रदेश सरकार के लिए सिर्फ कारोबारियों का ही गुस्सा नहीं था बल्कि सत्ता में साझीदार भाजपा के प्रमुख नेताओं ने भी खुलकर इस संशोधन का विरोध करना शुरू कर दिया था।
भाजपाइयों में सबसे पहले कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी ने चेतावनी दी थी कि अगर सोमवार तक संशोधन वापस न लिया गया तो वह व्यापारियों के साथ धरने पर बैठेंगे। सीपीएस केडी भंडारी ने भी यही ऐलान कर दिया था। एक और कैबिनेट मंत्री मदन मोहन मित्तल भी व्यापारियों के हक में आ गए थे। भाजपा विधायक मनोरंजन कालिया ने कहा कि उन्होंने मंगलवार सुबह इस मुद्दे पर डिप्टी सीएम से फोन पर बात की थी। इसके बाद इसे वापस लेने का फैसला किया गया।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने फैसले का स्वागत किया
पंजाब सरकार द्वारा इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) हासिल करने के लिए पंजाब वैट एक्ट 2005 के सेक्शन 13 (1) में किए गए संशोधन को वापस लेने के सरकार के आदेश का प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने स्वागत किया है।
कमल शर्मा ने कहा कि इस फैसले से प्रदेश के व्यापारियों को भारी राहत मिलेगी। पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि व्यापारियों की समस्या को देखते हुए भाजपा ने सरकार के पास पहले से ही इस समस्या के समाधान का प्रस्ताव रखा था। वह आगे भी व्यापारियों की हर समस्या के समाधान के लिए तत्पर रहेंगे।
फैसले पर ये कहना है व्यापारियों का
इंडस्ट्रियल ट्रेडर्स एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य रविंदर धीर ने कहा कि बुधवार को प्रस्तावित धरना स्थगित कर दिया गया है। व्यापारी अभी किसी का आभार नहीं जताएंगे क्योंकि अभी कई समस्याएं बरकरार हैं।
पिछले चार खरीददारों की जानकारी देना भी एक मुसीबत है, इसलिए अभी सरकार से कई मुद्दों पर बातचीत होनी है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में वैट एक्ट में संशोधन पास होते ही राज्य भर में इसका विरोध शुरू हो गया था। पंजाब व्यापार मंडल ने सभी व्यापारियों से कह दिया था कि वे पुराने सिस्टम से ही रिटर्न भरें।
मंडल ने ऐलान कर दिया था कि स्टॉक पर टैक्स किसी भी हालत में नहीं भरा जाएगा। प्रमुख औद्योगिक शहर लुधियाना, जालंधर व अमृतसर में आंदोलन जोर पकड़ने लगा था।