नई रणनीति: अब परीक्षा केंद्र पर ऑनलाइन प्रश्नपत्र पहुंचाएगा पंजाब स्कूल बोर्ड, लीक होने का खतरा होगा कम
बोर्ड मैनेजमेंट के मुताबिक 12वीं कक्षा की फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी-2, फंडामेंटल ऑफ बिजनेस व होम साइंस सबजेक्ट के प्रैक्टिकल विषयों के प्रश्नपत्र ऑनलाइन विधि से पोर्टल पर भेजे जाएंगे। इस माध्यम से भेजे गए प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।
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पोर्टल से केंद्र सुपरिंटेंडेंट प्रश्नपत्र हासिल करके विद्यार्थियों को वितरित करेंगे। इसके लिए बोर्ड की तरफ से ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है। अगर सब कुछ सही रहा तो मार्च-24 में 12वीं कक्षा के प्रैक्टिकल विषयों के प्रश्नपत्र इस तरीके से भेजे जाएंगे। वहीं, बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में अन्य परीक्षाओं में इस फार्मूले को लागू किया जाएगा।
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सुरक्षित रहेंगे प्रश्नपत्र
बोर्ड मैनेजमेंट के मुताबिक 12वीं कक्षा की फिजिक्स, केमेस्ट्री, बायोलॉजी, अकाउंटेंसी-2, फंडामेंटल ऑफ बिजनेस व होम साइंस सबजेक्ट के प्रैक्टिकल विषयों के प्रश्नपत्र ऑनलाइन विधि से पोर्टल पर भेजे जाएंगे। इस माध्यम से भेजे गए प्रश्नपत्र पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे। इसके लिए बोर्ड की तरफ से डमी परीक्षाएं भी करवाई जा रही हैं। ट्रायल कामयाब रहता है तो प्रैक्टिकल विषयों में इस तरीके को लागू किया जाएगा।
हालांकि, इस माध्यम से परीक्षा को कैसे सुचारू तरीके से कराना है इसके लिए संबंधित प्रिंसिपल कम केंद्र सुपरिंटेंडेंट, मुख्य दफ्तर के संबंधित डीलिंग सुपरिंटेंडेंट, सीनियर सहायक व जिला मैनेजरों का एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया जाएगा। इसके बाद इन सभी लोगों की 21 से 24 नवंबर तक ऑनलाइन ट्रेनिंग करवाई जाएगी। 29 नवंबर को सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक मॉक टेस्ट कराया जाएगा। ट्रेनिंग के लिए चार सदस्यीय टीम को नियुक्त किया है। पीएसईबी की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा में हर साल साढ़े सात लाख विद्यार्थी किस्मत आजमाते हैं।
इस साल 12वीं का अंग्रेजी का परीक्षा पत्र हुआ था लीक
पीएसईबी में पेपर लीक या सामूहिक नकल की घटनाएं हर साल किसी न किसी जिले से आती रहती हैं। इस साल भी 12वीं के अंग्रेजी विषय का प्रश्नपत्र लीक हो गया था। परीक्षा से ठीक एक घंटा पहले पेपर सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। यह पेपर गुरदासपुर में लीक हुआ था। गुरदासपुर में केस भी दर्ज हुआ था। इसके बाद बोर्ड ने जब दोबारा पेपर लिया गया तो हलवारा के एक सेंटर पर पुराना प्रश्नपत्र ही वितरित कर दिया गया था। जब उत्तर पुस्तिकाएं चेक हो रही थीं, तब इसकी पोल खुली थी। अन्य कई केंद्रों में भी प्रश्नपत्र लीक होने के मामले सामने आते रहे हैं।
पहले बैंक लॉकर में रखवाए जाते थे प्रश्नपत्र
पहले बोर्ड की तरफ से प्रश्नपत्र तैयार कर कड़ी सुरक्षा में विभिन्न जिलों में स्थित बैंकों के लॉकर में रखवाए जाते थे। फिर परीक्षा वाले दिन केंद्र सुपरिंटेंडेंट अपनी टीम के साथ बैंक लॉकर से प्रश्नपत्र निकलवाकर केंद्र में ले जाते थे। वहां पर बनी टीम की उपस्थिति में प्रश्नपत्र का लिफाफा खोलने का नियम है। वहीं, परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन के प्रयोग पर पूरी तरह से पाबंदी है। हालांकि यह प्रक्रिया बोर्ड के लिए काफी महंगी थी। इस पर लागत अधिक आती थी। नए माध्यम से बोर्ड की लागत व मैनपावर दोनों घटेंगी।