सीएम अमरिंदर सिंह बोले- हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ, सुराग दो 50 लाख इनाम पाओ
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मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि निरंकारी भवन में हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ है। प्रारंभिक जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि आतंकियों द्वारा हमला करने के लिए जिस हैंड ग्रेनेड का प्रयोग किया गया है, वह पाकिस्तान आर्मी आर्डिनेंस फैक्टरी में बनाया गया था। मुख्यमंत्री सोमवार को गुरुनानक देव अस्पताल में दाखिल घायलों का हालचाल जानने के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि इस घटना का सुराग देने वाले को 50 लाख रुपये का इनाम दिया जाएगा। उसकी जानकारी गुप्त रखी जाएगी। इस घटना में मारे गए तीन लोगों के परिजनों को सरकार पांच लाख रुपये के साथ सरकारी नौकरी देगी और घायलों का मुफ्त इलाज के साथ उन्हें 50 हजार रुपये की राशि दी जाएगी। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने पिछले महीने ही एच-जी 84 ग्रेनेड से ब्लास्ट करने वाले आतंकियों का पर्दाफाश किया था।
इस बात की पूरी संभावना है कि इस आतंकी घटना में शामिल आतंकियों के तार सीमा पार से जुड़े हुए हैं। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई हैं कि आतंकियों का यह दुस्साहस पाकिस्तान की कुख्यात खुफिया एजेंसी आईएसआई, खालिस्तानी और कश्मीरी आतंकवादियों ने मिलकर अंजाम दिया है। सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। इस घटना की जांच में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। आरोपी जल्दी गिरफ्तार होंगे।
कैप्टन ने कहा कि राष्टीय जांच एजेंसी (एनआईए) भी इस आतंकी घटना की जांच में शामिल है। पुलिस को इस आतंकी घटना के कुछ सुराख मिले हैं। क्या सुराग मिले हैं, इसके बारे में कहना ठीक नहीं होगा।
इस घटना को 1978 के निरंकारी कांड से जोड़ कर न देखें
कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि गांव अदलीवाल के निरंकारी भवन में हुई आतंकी घटना को 1978 में बैसाखी पर सिखों और निरंकारियों के बीच हुई घटना के साथ जोड़ कर नहीं देखा जाना चाहिए। 1978 की घटना का विवाद धर्म के साथ जुड़ा हुआ था, जबकि अदलीवाल की घटना आतंकी हमला है। उन्होंने कहा कि इस घटना का धर्म के साथ कोई नाता नहीं है।
सभी महत्वपूर्ण स्थानों पर लगेंगे सीसीटीवी कैमरे
कैप्टन ने कहा कि जैश-ए-मोहम्मद के सरगना जाकिर मूसा के पंजाब में प्रवेश करने के बाद से ही प्रदेश में रेड अलर्ट लागू है। महत्वपूर्ण स्थानों, भवनों और सार्वजनिक स्थानों में पुलिस की जांच चल रही है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वह महत्वपूर्ण भवनों में सीसीटीवी कैमरे स्थापित करें। सरकार निरंकारी भवनों और अन्य धार्मिक स्थलों में भी सीसीटीवी कैमरा स्थापित करने के लिए निर्देश देगी।
एचएस फूलका मानसिक संतुलन खो बैठे हैं
कैप्टन ने कहा कि सेना प्रमुख के खिलाफ दिया गया एडवोकेट एचएस फूलका का बयान निंदनीय है। सेना प्रमुख पर इस प्रकार की टिप्पणी करने से प्रतीत होता है कि फूलका अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैं। उन्होंने कहा कि जमीनी सच्चाई जानने के बाद आधारहीन बयान देना फूलका जैसे वरिष्ठ नेताओं को शोभा नहीं देता।