Punjab: 3000 सरकारी बसों का चक्का रहा जाम, सभी 27 डिपो में 11 घंटे रही हड़ताल, यात्री परेशान
पंजाब की तीन हजार सरकारी बसें आज सड़कों पर नहीं दौड़ेंगी। मुलाजिमों को रेगुलर न करने और कम वेतन जैसे कई मुद्दों पर कर्मचारियों ने प्रदर्शन का एलान किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पंजाब में मंगलवार को पनबस, पंजाब रोडवेज और पीआरटीसी के कच्चे मुलाजिमों ने अपनी मांगों के समर्थन में सरकारी बसों का चक्का जाम कर दिया। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा दिक्कत हुई। कई जगह उन्हें कई किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। पंजाब रोडवेज, पनबस, पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह गिल ने दावा किया कि राज्यभर में 3000 सरकारी बसें नहीं चल सकीं।
यूनियन की ओर से परिवहन विभाग के कांट्रैक्ट मुलाजिमों को पक्का किए जाने की मांग को लेकर राज्यभर में सरकारी बसों के चक्का जाम का एलान किया गया था। पंजाब रोडवेज के सभी 27 डिपो में 11 घंटे हड़ताल रही। पटियाला में पीआरटीसी की ही लगभग 50 फीसदी यानी 600 बसें नहीं चलीं।
यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह ने बताया कि पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार बनने के बाद 2022 से अब तक राज्य सरकार और परिवहन विभाग बैठकों का आयोजन कर यूनियन को कोरे आश्वासन देते रहे हैं। उन्होंने बताया कि 19 दिसंबर 2022 को राज्य के मुख्य सचिव के साथ, जालंधर लोकसभा उपचुनाव के दौरान 2 बार मुख्यमंत्री के साथ, 15 मई को मुख्यमंत्री के निर्देश पर परिवहन मंत्री के साथ, 18 मई को कैबिनेट की सब-कमेटी के साथ और 2 जून को परिवहन विभाग के प्रमुख सचिव के साथ बैठकें की जा चुकी हैं।
ये हैं प्रमुख मांगें
कच्चे मुलाजिमों को पक्का करना, वेतन में पांच फीसदी बढोतरी, ब्लैक लिस्ट किए मुलाजिमों को बहाल करना, नए भर्ती व बहाल हुए मुलाजिमों के वेतन में एक समानता, गैरकानूनी ढंग के ठेकेदार को टेंडर देने के मामले में कार्रवाई आदि प्रमुख मांगें हैं। यूनियन के अध्यक्ष रेशम सिंह ने कहा कि 2 जून की बैठक में उनकी मांगों पर 15 दिन में फैसला लेने की बात कही गई लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।
पीआरटीसी को 75 लाख का नुकसान
पीआरटीसी के जीएम (ऑपरेशन) सुरिंदर सिंह ने बताया कि पीआरटीसी को मंगलवार के चक्का जाम से एक ही दिन में 75 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। इसी बीच परिवहन विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी के साथ हड़ताली मुलाजिमों की यूनियन की बैठक भी हुई, जिसमें हड़ताली मुलाजिमों को उनकी मांगों पर विचार का भरोसा दिलाया गया है। सुरिंदर सिंह ने कहा कि चक्का जाम से कॉरपोरेशन को कुल आय में 30 फीसदी का नुकसान हुआ है।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.