फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab refusing the help to Punjab univeristy

पीयू को बकाया देने से पंजाब का इंकार, यूजीसी के पाले में गई गेंद

Wed, 26 Apr 2017 12:40 AM IST
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़
मोहित धुपड़/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Wed, 26 Apr 2017 12:40 AM IST
विज्ञापन
punjab refusing the help to Punjab univeristy
पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर - फोटो : अमर उजाला
पंजाब सरकार ने पीयू को अपने हिस्से की निर्धारित बकाया राशि देने से साफ इनकार कर दिया है। यह राशि 2013-14 से पंजाब सरकार पर बकाया है। मंगलवार देर रात पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत बादल और पीयू के वीसी अरुण ग्रोवर के साथ इसी संदर्भ में लंबी बैठक हुई। बैठक में वीसी के अलावा पीयू के रजिस्ट्रार और पंजाब सरकार के वित्त सचिव भी मौजूद थे। बैठक में मनप्रीत ने दो टूक कहा कि यूजीसी की अतिरिक्त ग्रांट मिलने के बाद ही पंजाब सरकार यूनिवर्सिटी को दिए जाने वाला अपना हिस्सा तय करेगा। फिलहाल पीयू यूजीसी से अतिरिक्त ग्रांट लेने पर फोकस करे। 
विज्ञापन


चार वर्षों से पंजाब ने नहीं दिया है हिस्सा
तकरीबन डेढ़ घंटे चली इस बैठक में वीसी ने पीयू की मौजूदा वित्तीय स्थित पंजाब के वित्तमंत्री केसमक्ष रखी। वीसी ने वित्तमंत्री को बताया कि वर्ष 2013-14 से लेकर अब तक पंजाब सरकार ने पीयू को दिए जाने वाला अपना निर्धारित फंड पर रोक लगा रखी है। जबकि सरकार ने पीयू को हर साल 20 करोड़ देने का प्रावधान किया था। वीसी ने यह भी बताया कि चार साल पहले भी अपने हिस्से की निर्धारित राशि कभी पूरी नहीं दी।
विज्ञापन


इस वजह से पीयू केहालात लगातार खराब होते जा रहे हैं। वीसी ने वित्तमंत्री को ये भी बताया कि दूसरी ओर यूजीसी का सालाना नॉन प्लान बजट भी बढ़ता जा रहा है, लेकिन उसकी अपेक्षाकृत पीयू को दिए जाने वाला बजट प्रतिशत कम होता जा रहा है, जिससे पीयू का आर्थिक ढांचा और गड़बड़ा गया है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

मनप्रीत बोले, पीयू पंजाब की शान लेकिन सूबे की आर्थिक स्थिति भी ठीक नहीं

punjab refusing the help to Punjab univeristy
मनप्रीत बादल - फोटो : file
वीसी की सारी बात सुनने केबाद वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने वीसी को आश्वस्त करते हुए कहा कि पंजाब यूनिवर्सिटी पंजाब की  शान है और सूबे की यूनिवर्सिटी है। इसलिए पंजाब के सीएम कैप्टन भी पीयू के मौजूदा हालातों को लेकर संजीदा है। लेकिन वित्तमंत्री ने इस दौरान वीसी को ये भी बताया कि पूर्व बादल सरकार जाते-जाते पंजाब का खजाना भी खाली कर गई है, जिस वजह से इस वक्त पंजाब की आर्थिक स्थिति भी बेहतर नहीं है।

इसलिए पंजाब सरकार पीयू को पुराना बकाया तो नहीं दे पाएगी। साथ ही वित्तमंत्री ने कहा पीयू पहले यूजीसी से अपना अतिरिक्त ग्रांट प्राप्त कर लें, उसके बाद जो कमी रह जाएगी, उसे सीएम पंजाब से सलाह मशविरा कर पूरा कर दिया जाएगा। वित्तमंत्री ने वीसी से कहा कि वह पंजाब की मदद को लेकर चिंता न करें, लेकिन जब तक यूजीसी पीयू को अतिरिक्त ग्रांट नहीं दे देती, तब तक थोड़ा इंतजार करें।

पंजाब ने पीयू को अपने हिस्से का पुराना बकाया देने में तो असमर्थता जाहिर की है। इस वर्ष का हिस्सा भी पंजाब यूजीसी से मिलने वाले ग्रांट की स्थिति देखने के बाद ही जारी करेगा। उम्मीद है कि पंजाब पीयू की मदद जरूर करेगा। फिलहाल वित्तमंत्री को लिखित में पीयू के मौजूदा हालातों की रिपोर्ट साैंप दी गई है।
अरुण ग्रोवर, वीसी, पीयू 
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed