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Punjab: धान सीजन शुरू होने से पंजाब में बिजली की मांग में 3097 मेगावाट का इजाफा, टूट रहे सभी रिकॉर्ड
Sat, 15 Jun 2024 04:18 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 15 Jun 2024 04:18 PM IST
सार
10 जून को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 12607 मेगावाट, धान सीजन शुरू होते ही 11 जून को बढ़कर 13761 मेगावाट पहुंच गई थी। इसके बाद 12 जून को 14798 मेगावाट, 13 को 15379 मेगावाट और शुक्रवार को 15704 मेगावाट दर्ज की गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में शुक्रवार को रिकॉर्ड तोड़ते हुए बिजली की मांग 15704 मेगावाट दर्ज की गई। यह इस सीजन में अब तक की सबसे अधिक रही। यहां खास बात यह है कि 11 जून से पंजाब में धान की रोपाई शुरू हुई है, तब से मात्र चार दिनों के अंदर बिजली की मांग में 3097 मेगावाट की वृद्धि दर्ज की गई है। यह बेहद चिंता का विषय है।
पावरकॉम अधिकारी हालांकि दावे कर रहे हैं कि बिजली की मांग पूरा करने के लिए पूरे प्रबंध कर रहे हैं। लेकिन माहिरों का मानना है कि अगर इसी रफ्तार से बिजली की मांग बढ़ती रही, तो आने वाले दिनों में पावरकॉम के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
आंकड़ों के मुताबिक 10 जून को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 12607 मेगावाट, धान सीजन शुरू होते ही 11 जून को बढ़कर 13761 मेगावाट पहुंच गई थी। इसके बाद 12 जून को 14798 मेगावाट, 13 को 15379 मेगावाट और शुक्रवार को 15704 मेगावाट दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि 11 जून को धान की रोपाई शुरू होते ही चार दिनों में बिजली की मांग में 3097 मेगावाट की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।
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वहीं अगर पिछले दो सालों के आज के ही दिन पर रही बिजली की अधिकतम मांग को देखा जाए, तो 2022 में यह 12134 मेगावाट और 2023 में 11356 मेगावाट दर्ज की गई थी। इस तरह से 2023 के मुकाबले शुक्रवार को 4348 मेगावाट अधिक मांग दर्ज की गई है। राहत की बात यह है कि लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट के एक यूनिट को छोडकर बाकी सभी थर्मल चालू हालत में हैं। शुक्रवार को पावरकाॅम को सरकारी थर्मलों से 1560 मेगावाट, प्राइवेट 3045 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 718 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। ऐसे में पावरकाॅम को बाहर से बिजली खरीद कर मांग को पूरा करना पड़ा।
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पावरकॉम अधिकारी हालांकि दावे कर रहे हैं कि बिजली की मांग पूरा करने के लिए पूरे प्रबंध कर रहे हैं। लेकिन माहिरों का मानना है कि अगर इसी रफ्तार से बिजली की मांग बढ़ती रही, तो आने वाले दिनों में पावरकॉम के लिए मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
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आंकड़ों के मुताबिक 10 जून को पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग 12607 मेगावाट, धान सीजन शुरू होते ही 11 जून को बढ़कर 13761 मेगावाट पहुंच गई थी। इसके बाद 12 जून को 14798 मेगावाट, 13 को 15379 मेगावाट और शुक्रवार को 15704 मेगावाट दर्ज की गई है। इन आंकड़ों से साफ है कि 11 जून को धान की रोपाई शुरू होते ही चार दिनों में बिजली की मांग में 3097 मेगावाट की बड़ी वृद्धि दर्ज की गई है।
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वहीं अगर पिछले दो सालों के आज के ही दिन पर रही बिजली की अधिकतम मांग को देखा जाए, तो 2022 में यह 12134 मेगावाट और 2023 में 11356 मेगावाट दर्ज की गई थी। इस तरह से 2023 के मुकाबले शुक्रवार को 4348 मेगावाट अधिक मांग दर्ज की गई है। राहत की बात यह है कि लहरा मुहब्बत थर्मल प्लांट के एक यूनिट को छोडकर बाकी सभी थर्मल चालू हालत में हैं। शुक्रवार को पावरकाॅम को सरकारी थर्मलों से 1560 मेगावाट, प्राइवेट 3045 मेगावाट, हाइडल प्रोजेक्टों से 718 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई। ऐसे में पावरकाॅम को बाहर से बिजली खरीद कर मांग को पूरा करना पड़ा।