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पंजाब में महंगी बिजली का गणित: चार साल से नहीं बढ़ी दरें, 1896 करोड़ का घाटा उठा चुका है पावरकॉम
Thu, 18 May 2023 10:36 AM IST
निवेदिता वर्मा
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
रिंपी गुप्ता, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 18 May 2023 10:36 AM IST
सार
पंजाब में पिछले करीब चार सालों से बिजली के रेट नहीं बढ़े हैं। कभी कोरोना और तो कभी चुनावों के चलते बिजली की दरों में वृद्धि का मामला लगातार टलता रहा। इन सालों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महंगी बिजली व कोयला खरीदने के चलते पावरकॉम के खर्चे बढ़े, लेकिन बिजली दरें न बढ़ने से आय कम हुई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब में पिछले करीब चार सालों से बिजली की दरें नहीं बढ़ी हैं और इससे खर्चों की तुलना में आय कम रहने से पावरकॉम को 1896 करोड़ रुपये का घाटा पड़ा है। इस साल यह घाटा बढ़कर 3584 करोड़ रुपये पहुंच जाता, लेकिन पंजाब स्टेट इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन के बिजली की दरें बढ़ाने से पावरकॉम ने राहत की सांस ली है, वरना पावरकाम की आर्थिक मुश्किलें बढ़ सकती थीं।
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चालू वित्तीय वर्ष 2023-24 में पावरकॉम को कुल 39808 करोड़ के राजस्व की जरूरत है, लेकिन मौजूद बिजली दरों के हिसाब से कॉरपोरेशन को 38120 करोड़ के राजस्व की प्राप्ति होनी थी। इस तरह से पावरकॉम को इस साल 1688 करोड़ का घाटा होना था। इसी को ध्यान में रखते हुए पावरकॉम की ओर से पंजाब में बिजली की दरों में वृद्धि के लिए रेगुलेटरी कमीशन को प्रस्ताव भेजा गया था।
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खास बात यह है कि पंजाब में पिछले करीब चार सालों से बिजली के रेट नहीं बढ़े हैं। कभी कोरोना और तो कभी चुनावों के चलते बिजली की दरों में वृद्धि का मामला लगातार टलता रहा। इन सालों में बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए महंगी बिजली व कोयला खरीदने के चलते पावरकॉम के खर्चे बढ़े, लेकिन बिजली दरें न बढ़ने से आय कम हुई। इससे 1896 करोड़ का घाटा पड़ा। पावरकॉम अधिकारियों के मुताबिक इस साल भी रेट न बढ़ते तो 1688 करोड़ का और घाटा पड़कर कुल घाटे का आंकड़ा 3584 करोड़ रुपये पहुंच जाता।
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पावरकॉम पर 18 हजार करोड़ का ऋण
अधिकारियों के मुताबिक इस समय पावरकॉम पर 18000 करोड़ का ऋण है, जिसमें 4000 करोड़ रुपये ब्याज या फिर कैपिटल के तौर पर इस साल कॉपोरेशन को चुकता करने हैं। बिजली की दरें बढ़ने से पावरकॉम को अब इन 4 हजार करोड़ के भुगतान में आसानी रहेगी। पावरकॉम की आर्थिक मुश्किलें इससे काफी हद तक हल हुई हैं। बढ़ी दरों में पिछले सालों के घाटे को भी पूरा कर लिया जाएगा। चालू वित्तीय वर्ष में पंजाब सरकार की ओर से विभिन्न श्रेणियों में पावरकॉम को करीब 18627 करोड़ की सब्सिडी का भुगतान किया जाएगा।
किस श्रेणी में कितनी सब्सिडी
श्रेणी- सब्सिडी राशि (करोड़ रुपये में)
कृषि सेक्टर- 8809
घरेलू उपभोक्ताओं को 300 यूनिट मुफ्त- 5883
सात किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ताओं को ढाई रुपये प्रति यूनिट छूट- 1427
स्मॉल सप्लाई उपभोक्ता- 139.79
मीडियम सप्लाई उपभोक्ता- 285.71
लार्ज सप्लाई उपभोक्ता- 2082