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Patiala: राजपुरा की सोडा फैक्टरी पर 99 लाख का जुर्माना, जरूरी अनुमति के बिना भू-जल निकालने का आरोप
Sat, 18 Mar 2023 02:33 PM IST
निवेदिता वर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटियाला (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sat, 18 Mar 2023 02:33 PM IST
सार
यह मामला तब सामने आया, जब इलाके के लोगों ने फैक्टरी के खिलाफ प्रशासन के पास शिकायत की। इसके बाद राजपुरा के एसडीएम ने फैक्टरी की गतिविधियों की जांच करने के लिए पीपीसीबी, पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की एक टीम गठित की।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) ने राजपुरा की एक सोडा फैक्टरी पर जरूरी अनुमति के बिना भू-जल निकालने के आरोप में 99 लाख 71 हजार 200 रुपये का जुर्माना लगाया है। पीपीसीबी के चेयरमैन डॉ. आदर्श पाल विग ने अमर उजाला से बातचीत में इसकी पुष्टि की है।
पीपीसीबी के चेयरमैन ने बताया कि राजपुरा के लकड़ी बाजार स्थित इस फैक्टरी में दिसंबर 2022 में रेड की गई थी। इस दौरान पाया गया कि फैक्टरी की ओर से जरूरी अनुमति के बिना गैरकानूनी ढंग से भू-जल निकाला जा रहा था। इसके बाद नोटिस भेजकर फैक्टरी मालिक को बुलाकर मामले में सुनवाई भी की गई। उन्होंने बताया कि जुर्माने का नोटिस फैक्टरी मालिक को भेज दिया है। फिलहाल जुर्माना नहीं भरा गया है।
यह भी पढ़ें: Punjab: पुलिस ने अमृतपाल के छह साथी हिरासत में लिए, वारिस पंजाब दे प्रमुख की गिरफ्तारी की भी चर्चा
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जानकारी के मुताबिक फैक्टरी की ओर से सितंबर 2018 से लेकर दिसंबर 2022 तक बिना जरूरी अनुमति के भू-जल का दोहन किया गया। इसके लिए फैक्टरी की ओर से करीब 350 फीट गहरा और छह इंच व्यास का बोरवेल लगाया गया था। फैक्टरी में पानी की खपत 233975 किलोलीटर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि यह मामला तब सामने आया, जब इलाके के लोगों ने फैक्टरी के खिलाफ प्रशासन के पास शिकायत की। इसके बाद राजपुरा के एसडीएम ने फैक्टरी की गतिविधियों की जांच करने के लिए पीपीसीबी, पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की एक टीम गठित की। टीम की ओर से की गई रेड के दौरान पाया गया कि फैक्टरी में बिना जरूरी अनुमति के भू-जल को निकालने के लिए गैरकानूनी ढंग से बोरबेल स्थापित किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पीपीपीसीबी से उल्लंघन के लिए फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।
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पीपीसीबी के चेयरमैन ने बताया कि राजपुरा के लकड़ी बाजार स्थित इस फैक्टरी में दिसंबर 2022 में रेड की गई थी। इस दौरान पाया गया कि फैक्टरी की ओर से जरूरी अनुमति के बिना गैरकानूनी ढंग से भू-जल निकाला जा रहा था। इसके बाद नोटिस भेजकर फैक्टरी मालिक को बुलाकर मामले में सुनवाई भी की गई। उन्होंने बताया कि जुर्माने का नोटिस फैक्टरी मालिक को भेज दिया है। फिलहाल जुर्माना नहीं भरा गया है।
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जानकारी के मुताबिक फैक्टरी की ओर से सितंबर 2018 से लेकर दिसंबर 2022 तक बिना जरूरी अनुमति के भू-जल का दोहन किया गया। इसके लिए फैक्टरी की ओर से करीब 350 फीट गहरा और छह इंच व्यास का बोरवेल लगाया गया था। फैक्टरी में पानी की खपत 233975 किलोलीटर दर्ज की गई है। बताया जा रहा है कि यह मामला तब सामने आया, जब इलाके के लोगों ने फैक्टरी के खिलाफ प्रशासन के पास शिकायत की। इसके बाद राजपुरा के एसडीएम ने फैक्टरी की गतिविधियों की जांच करने के लिए पीपीसीबी, पंजाब जल आपूर्ति और सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की एक टीम गठित की। टीम की ओर से की गई रेड के दौरान पाया गया कि फैक्टरी में बिना जरूरी अनुमति के भू-जल को निकालने के लिए गैरकानूनी ढंग से बोरबेल स्थापित किया गया था। इसके बाद जिला प्रशासन ने पीपीपीसीबी से उल्लंघन के लिए फैक्टरी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा।