जिनकी रैलियों में जुटती थी भीड़, उनके पोलिंग स्टेशन दिखे सूने
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विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं का मिजाज अलग नजर आया। प्रचार के दौरान जिन प्रत्याशियों की रैलियों में भारी भीड़ दिखाई देती थी उनके पोलिंग स्टेशन बिल्कुल सूने नजर आए।
इस मुद्दे को सोशल साइट पर खूब शेयर किया जा रहा है। किसी क्षेत्र में विकास के नाम पर मुहर लगती दिखाई दी तो कहीं सत्ता पक्ष के विरोध में प्रचंड लहर नजर आई।
इसके अलावा कई सीटों पर पार्टी के भीतर की खींचतान हावी रही। सुनाम विधानसभा क्षेत्र की बात की जाए तो यहां पर लोग सत्तापक्ष के विरोध में नजर आए। पार्टियों की अंदरूनी लड़ाई का लाभ यहां आम आदमी पार्टी को मिल सकता है।
कहीं एंटी इनकंबेंसी और कहीं सहानुभूति लहर का दिखा असर
दिड़बा के मतदाताओं में बदलाव लाने की आहट सुनाई दी और ग्रामीण इलाकों में आप का बोलबाला नजर आया। लहरागागा में मतदाताओं का झुकाव विकास के प्रति समर्पित दिखाई दिया।
हालांकि यहां के शहरी इलाकों में कांग्रेस के बढ़त बनाने के आसार हैं। संगरूर में तीनों प्रमुख सियासी दलों के अग्रवाल प्रत्याशियों के दरमियान बेहद रोचक मुकाबला है। लोकसभा चुनाव की तरह इस बार अप्रत्याशित नतीजे सभी को हैरान कर सकते हैं।
मतदाताओं ने नहीं तोड़ी चुप्पी
मतदाताओं ने मतदान करने के बाद भी अपनी चुप्पी नहीं तोड़ी। मतदान करने के तुरंत बाद बिना किसी से चर्चा किए मतदाता अपने ठिकानों पर सिमटते दिखाई दिए। वोटरों की इस चुप्पी ने कई गंभीर सवाल छोड़ दिए हैं।