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दिग्गज नेताओं की राय, जानिए बजट में पंजाब के हिस्से क्या आया?
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 29 Feb 2016 09:09 PM IST
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केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार से संबंधित कई एलान किए, लेकिन पंजाब के किसानों की प्रमुख मांगों पर बजट मौन रहा।
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इसी तरह पंजाब की इंडस्ट्री भी बजट से खास खुश नहीं नजर आ रही है। रेडीमेड गारमेंट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से उद्यमी निराश हैं।
बजट में किसानों के लिए 35984 करोड़ का प्रावधान किया गया है। किसानों की आय 2022 तक दोगुनी करने का एलान किया गया है। नहरी पानी से सिंचाई का दायरा बढ़ाने की बात भी की गई है, लेकिन पंजाब में नहरी पानी से सिंचित क्षेत्र कम है। पंजाब ने पहले ही नहरों की री-लाइनिंग के लिए केंद्र से फंड मांगा हुआ है।
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ऐसे में सिंचाई संबंधी प्रोजेक्ट से पंजाब को खास फायदा होता नहीं दिख रहा है। माहिरों और किसान संगठनों का कहना है कि किसानों के लिए बजट प्रावधान बहुत कम है। किसानों की आय दोगुना करने का दावा किया गया है, पर यह सिर्फ बयान है, इसका रोडमैप बजट में नहीं है।
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खेती अर्थशास्त्री डॉ. एसएस जौहल ने बजट को सामान्य बताते हुए कहा कि इसमें कुछ विशेष नहीं है। सरकार ने खेती सेक्टर पर फोकस जरूर किया, पर किसानों पर कर्ज और उनकी आय बढ़ाने के लिए तुरंत कोई प्रावधान नहीं किया गया। आज किसानों की मदद समय की मांग है।
भाकियू (उगराहां) के महासचिव सुखदेव सिंह ने कहा कि पंजाब के किसानों की दोनों अहम मांगों पर बजट में कुछ नहीं है। न तो सरकार ने स्वामीनाथन रिपोर्ट लागू की। न ही किसानों के कर्ज माफ करने पर कोई एलान किया। पंजाब के किसानों पर 70 हजार रुपये का कर्ज है, आत्महत्याएं बढ़ती जा रही हैं।
इंडस्ट्री को भी बजट से खास राहत नहीं मिली है, पर इंडस्ट्री बजट को दूरगामी बता रही है। मौजूदा टैक्स सिस्टम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। रेडीमेड गारमेंट पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से इंडस्ट्री को झटका लगा है। क्योंकि बड़ी कंपनियां बाहर से माल तैयार करवाती हैं।
रिफॉर्म और इंसेंटिव की आस लगाए बैठी इंडस्ट्री के हाथ निराशा ही लगी है। इंजीनियरिंग एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के रीजनल चेयरमैन एससी रल्हन ने कहा कि बजट में कुछ खास नहीं है। दो-तीन प्रशासनिक बदलाव किए गए हैं। कहीं सर्विस टैक्स घटाया है तो कहीं बढ़ाया है।
खेती और एग्रो फूड पर फोकस किया गया है। इंडस्ट्री के लिए बजट में कुछ नहीं है, न ही पंजाब की इंडस्ट्री की कोई मांग पूरी की गई है। फेडरेशन ऑफ इंडस्ट्रियल एंड कॉमर्शियल ऑर्गेनाइजेशन की टेक्सटाइल डिवीजन के हेड अजीत लाकड़ा ने कहा कि रेडीमेड गारमेंट्स पर छह प्रतिशत एक्साइज ड्यूटी और दो फीसदी सीएसटी से एमएसएमई सेक्टर को धक्का पहुंचा है।
प्रकाश पर्व को बजट एलोकेशन प्रशंसनीय कदम: बादल
पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल ने बजट को किसान, विकास पक्षीय, संतुलित और तर्कसंगत बताया है। बादल ने श्री गुरु गोबिंद सिंह के 350वें प्रकाश पर्व के लिए बजट एलोकेशन की प्रशंसा करते हुए वित्तमंत्री अरुण जेटली को धन्यवाद दिया है।
बादल ने कहा कि हम सब के लिए यह मान की बात है कि महान गुरु का जन्मदिवस मनाने के लिए बजट में सौ करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। यह दशम गुरु की महान कुर्बानी के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। सारे पंजाबियों, खास कर सिखों के लिए यह बहुत बड़ा तोहफा है। सीएम ने 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के एलान का स्वागत किया और पशुपालन को बढ़ावा देने वाली योजनाओं की प्रशंसा की। बादल ने नाबार्ड में सिंचाई फंड पैदा करने के फैसले का भी स्वागत किया।
विकासोन्मुखी दस्तावेज है बजट: सुखबीर
डिप्टी सीएम सुखबीर बादल ने बजट को दूरअंदेशी और विकासोन्मुखी बताया है। उन्होंने कहा कि बजट से सामाजिक, देहाती व खेती क्षेत्र में विकास को प्रोत्साहन मिलेगा। बजट में हर वर्ग का ध्यान रखा गया है। इससे देहाती आर्थिकता और किसानों की आय को बढ़ावा मिलेगा। ग्राम पंचायतों व नगर काउंसिलों को 2.87 लाख करोड़ रुपये की ग्रांट की व्यवस्था की गई है। खाद्य पदार्थों की पैदावार की मार्केटिंग में सौ फीसदी एफडीआई से फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को प्रोत्साहन मिलेगा।
किसान पक्षीय है बजट: हरसिमरत
केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने कहा है कि यह बजट लोग, किसान व विकास पक्षीय और भविष्योन्मुखी है। इससे घरेलू विकास और औद्योगिक आर्थिकता को प्रोत्साहन मिलेगा। खेती व सिंचाई क्षेत्र के लिए 47912 करोड़ रखे गए हैं, जो कांग्रेस सरकार से 84 प्रतिशत ज्यादा है। इससे खेती उत्पादन व किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। खाद्य पदार्थों के उत्पादन में सौ फीसदी एफडीआई से फूड प्रोसेसिंग को जबरदस्त उत्साह मिलेगा। किसानों को जिंसो का ज्यादा भाव मिलेगा। उन्होंने रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों से एक्साइज व कस्टम ड्यूटी घटाने के लिए वित्त मंत्री को धन्यवाद दिया। महिलाओं की भलाई के लिए बजट बढ़ोतरी की भी प्रशंसा की।
बड़े स्तर पर किसानों को होगा लाभ: ढींढसा
वित्तमंत्री परमिंदर ढींढसा ने बजट को लोकपक्षीय बताते हुए कहा कि इससे बड़े स्तर पर किसानों को लाभ होगा। बजट में मुख्य फोकस किसानी व देहाती सेक्टर पर है। इस बजट से यह साबित हुआ है कि एनडीए सरकार सिर्फ शहरी विकास पर केंद्रित नहीं, बल्कि देहाती इलाकों की अर्थव्यवस्था केविकास को भी वचनबद्ध है। बजट ने विपक्षियों के सारे दावों को गलत साबित करते हुए ग्रामीण इलाकों केलिए विशेष प्रावधान किए हैं।
सभी की उम्मीदों पर फेल रहा बजट: कैप्टन
पंजाब प्रदेश कांग्रेस प्रधान कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा है कि बजट सभी की उम्मीदों पर फेल साबित हुआ। यह अब तक का सबसे निराशाजनक बजट रहा है। न तो बजट में कोई दिशा है और न ही विजन। विकास का एजेंडा बताए बिना सिर्फ सालाना औपचारिकता निभाई गई है। बजट में खेती सेक्टर को भी खास तरजीह नहीं दी गई है। न तो कर्ज में डूबे किसानों को राहत देने के लिए कोई प्रावधान किया गया है। किसानों केलिए सांत्वना के नाम पर नाममात्र की घोषणा भी नहीं है। मध्य वर्ग को आयकर स्लैब ढाई से पांच लाख होने की उम्मीद थी, वे भी निराश हुए हैं।
विकास के लिए कोई रणनीति नहीं: भट्ठल
पंजाब की पूर्व सीएम रजिंदर कौर भट्ठल ने केंद्रीय बजट को बेजान और दिशाहीन करार दिया। उन्होंने कहा कि इसमें तथ्यों की बाजीगरी है, विकास के लिए कोई दृष्टिकोण नहीं है। 2015 के निराश बजट का यह दूसरा भाग है। गरीब आदमी को बजट में पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। आयकर में भी कोई महत्वपूर्ण बदलाव नहीं किया गया है। उन्होंने सर्विस टैक्स में एक प्रतिशत बढ़ोतरी की आलोचना की। वित्तमंत्री अरुण जेटली का यह कहना कि बजट खेती क्षेत्र को बेहतर करेगा, सिर्फ ख्याली पुलाव है।
महंगाई कम करने के लिए कोई रोडमैप नहीं: जाखड़
पूर्व सीएलपी लीडर सुनील जाखड़ ने इसे पंजाब के लिए निराशा वाला बजट बताया है। सर्विस टैक्स बढ़ा कर सब पर बोझ डाला गया है, जिससे मंहगाई बढ़ेगी। शहरी विकास के लिए कोई घोषणा न होने से समस्याएं बढ़ेंगी। महंगाई कम करने को बजट में कोई रोड मैप नहीं है। उन्होंने कहा कि बजट में किसान आत्महत्याएं और पंजाब की खस्ताहाल वित्तीय हालत को नजरअंदाज किया गया है। इससे पंजाब के किसानों का संकट और बढ़ जाएगा। पंजाब ने केंद्र से 15 हजार करोड़ का पैकेज और जेलों मं सुधार को 832.19 करोड़ मांगे थे, जिसे खारिज कर दिया गया।
हर वर्ग के लिए कल्याणकारी बजट: कमल शर्मा
प्रदेश भाजपा प्रधान कमल शर्मा केंद्रीय बजट को हर वर्ग के लिए कल्याणकारी बताया है। उन्होंने कहा कि बजट में किसान, गरीब, नौजवानों व महिलाओं के कल्याण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। खेती और किसानी पर सबसे ज्यादा जोर दिया गया है। खेती को पटरी लाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। सिंचाई क्षमता में बढ़ोतरी की योजना है, जिसके लिए पांच लाख तालाबों का निर्माण किया जाएगा। किसानों की आय दोगुना करने का रोडमैप तैयार किया गया है। मनरेगा की धनराशि भी बढ़ाई गई है।
सांपला, खन्ना, जोशी ने की बजट की सराहना
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अविनाश राय खन्ना, केंद्रीय राज्यमंत्री विजय सांपला और पंजाब के सहायक मीडिया सलाहकार विनीत जोशी ने बजट की सराहना की है। उन्होंने कहा कि यह गरीबों, किसानों, पिछड़ों, दलितों और ग्रामीणों की जिंदगी बदलने वाला बजट है। किसानों की समस्या का हल ग्रामीण विकास के बिना अधूरा है। बजट में किसानों के लिए 35984 करोड़ रखे गए हैं, तो ग्रामीण विकास के लिए 87765 करोड़ रखे गए हैं। सिंचाई केलिए बीस हजार करोड़ का प्रावधान किया गया है, तो फसल बीमा के लिए 5500 करोड़ रखे गए हैं।