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कैबिनेट का बड़ा फैसला: पंजाब में निर्माण कामगारों को 3000 रुपये गुजारा भत्ता, गरीब मरीजों को मुफ्त भोजन मिलेगा
Thu, 13 May 2021 08:52 PM IST
ajay kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: ajay kumar
Updated Thu, 13 May 2021 08:52 PM IST
सार
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पंजाब में किसी को भी भूखा नहीं सोने देंगे। ऐसे मरीज दिन-रात किसी भी समय पर इन नंबरों पर कॉल कर सकते हैं और पंजाब पुलिस कोविड रसोइयों और डिलीवरी देने वाले लड़कों के माध्यम से मरीजों के घर तक पका हुआ भोजन मुहैया करवाएगी।
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फाइल फोटो।
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विस्तार
कोरोना के मद्देनजर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भवन व अन्य निर्माण कामगार (बीओसीडब्ल्यू) कल्याण बोर्ड से पंजीकृत सभी निर्माण कामगारों को तीन-तीन हजार रुपये गुजारा भत्ता देने का एलान किया है। वहीं, राज्य में शुक्रवार से गरीब और बेसहारा कोविड मरीज मुफ्त भोजन पाने के लिए हेल्पलाइन नंबर 181 और 112 पर कॉल कर सकते हैं। पंजाब पुलिस उनके घरों तक तैयार भोजन पहुंचाएगी।
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कैप्टन बोर्ड के चेयरमैन भी हैं। इस समय बोर्ड के साथ राज्यभर में लगभग तीन लाख रजिस्टर्ड निर्माण कामगार हैं। उन्होंने गुरुवार को वर्चुअल बैठक के दौरान कहा कि 3000 रुपये का गुजारा भत्ता 1500-1500 रुपये की दो किश्तों में अदा किया जाएगा। पहली किस्त तुरंत जारी की जाएगी जबकि दूसरी किस्त 15 जून तक अदा की जाएगी। कैप्टन सरकार ने पिछले साल भी बोर्ड से रजिस्टर्ड 2.92 लाख निर्माण कामगारों को 6000 रुपये के हिसाब से 174.31 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की थी।
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किसी को भूखा नहीं सोने देंगे: कैप्टन
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पंजाब में किसी को भी भूखा नहीं सोने देंगे। ऐसे मरीज दिन-रात किसी भी समय पर इन नंबरों पर कॉल कर सकते हैं और पंजाब पुलिस कोविड रसोइयों और डिलीवरी देने वाले लड़कों के माध्यम से मरीजों के घर तक पका हुआ भोजन मुहैया करवाएगी।
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पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिनकर गुप्ता ने बताया कि इस उद्देश्य के लिए विभाग ऐसी रसोइयों और डिलीवरी एजेंटों से संपर्क बना रहा है। यह सुविधा शुक्रवार को सुबह 10 बजे से कार्यशील होगी। इससे पंजाब में कहीं भी रह रहे कोविड मरीज भोजन न मिलने की सूरत में पका हुआ भोजन घरों तक पा सकेंगे।
पिछले साल भी दिया गया था मुफ्त भोजन
मुख्यमंत्री के आदेश पर कोविड की पहली लहर के दौरान भी पंजाब में 112 इमरजेंसी हेल्पलाइन को मुफ्त भोजन मुहैया करवाने वाली हेल्पलाइन नंबर में बदल दिया गया था। विभाग ने बीते साल अप्रैल से जून तक गैर-सरकारी संस्थाओं, गुरुद्वारों, मंदिरों और अन्य धार्मिक संस्थाओं की सक्रिय हिस्सेदारी से पंजाब के लोगों तक 12 करोड़ पैकेट पका हुआ और सूखा राशन पहुंचाया था। पंजाब पुलिस के बहुत से कर्मचारियों ने अपनी जेब से भी योगदान दिया था और पुलिस लाइन में कम्युनिटी किचन स्थापित करने के अलावा अपने घरों में भी भोजन तैयार कराया था।