अपराधियों पर एक्शन: 450 पुलिस टीमें, 3000 जवानों का पंजाब भर में छापा, NIA भी दे चुकी है दबिश
पंजाब पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ मिलकर स्पेशल ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान गैंगस्टरों से जुड़े लोगों के परिसरों पर छापेमारी की थी। साथ ही उनके कब्जे से काफी सामान बरामद किया गया था।
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पंजाब पुलिस ने शुक्रवार को समाज विरोधी तत्वों और अपराधियों पर बड़ी कार्रवाई की। इस दौरान एक साथ 4171 अपराधी किस्म के व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की गई। ऑपरेशन में 3000 से अधिक पुलिस मुलाजिमों वाली 450 पुलिस पार्टियों ने हिस्सा लिया। डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि ऑपरेशन की अगुवाई सीपी और एसएसपी ने की।
संदिग्ध लोगों के ठिकानों की जांच के लिए सब-इंस्पेक्टर (एसआई) रैंक के अधिकारियों के अधीन अधिकारी गए थे। पुलिस की तरफ से यह ऑपरेशन को सिंक्रोनाइज ढंग से चलाया गया। विशेष डीजीपी (कानून-व्यवस्था) अर्पित शुक्ला ने बताया कि इस ऑपरेशन का उदेश्य ऐसे व्यक्तियों की गतिविधियों का पता लगाना था जो कि रास्ता भटक गए।
उन्होंने कहा कि पुलिस टीमों ने अपराधों में शामिल व्यक्तियों के पारिवारिक सदस्यों से भी पूछताछ की और बैंकों से लेनदेन, वेस्टर्न यूनियन और जायदाद के विवरण को भी जांचा। पुलिस टीमों ने मौके पर खड़े वाहनों की भी जांच की और वाहन मोबाइल एप से उनका रजिस्ट्रेशन भी जांचा।
बता दें कि इससे पहले पंजाब पुलिस ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के साथ मिलकर स्पेशल ऑपरेशन चलाया था। इस दौरान गैंगस्टरों से जुड़े लोगों के परिसरों पर छापेमारी की थी। साथ ही उनके कब्जे से काफी सामान बरामद किया गया था। वहीं, एनआईए ने तीन गैंगस्टरों से जुड़े लोगों पर केस दर्ज किया गया है। साथ ही कई लोगों के परिजनों को दिल्ली तलब किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में कुछ और लोगों की गिरफ्तारी होगी।
150 से अधिक गैंगस्टरों को पकड़ चुकी है पुलिस
पंजाब पुलिस ने गैंगस्टरों व आतंकियों पर शिकंजा कसने के लिए इस साल एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) का गठन किया है। इसकी कमान एडीजीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई। पुलिस अब तक 150 गैंगस्टर या आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश कर 555 आरोपियों को दबोच चुकी है। इसके साथ ही पांच आरोपियों को मारने में भी सफल रही है।
सरकार की तरफ से महिला, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों को थानों में जाकर धक्के न खाने पड़ें इसे ध्यान में रखकर स्पेशल हेल्प डेस्क स्थापित की गई है। जहां पर फ्रेंडली माहौल में उनकी शिकायतों का निपटारा किया जाता है। हेल्प डेस्क पर मुख्य रूप से यौन उत्पीड़न, हिंसा और घरेलू दुर्व्यवहार की शिकायतों को पहल के आधार पर सुना जाता है।
30 करोड़ से साइबर अपराधियों से निपटेंगे
इन दिनों साइबर अपराध भी पुलिस के लिए एक चुनौती बने हुए हैं। अपराधियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस को मजबूत किया है। राज्य साइबर अपराध सेल में डिजिटल जांच प्रशिक्षण एवं विश्लेषण केंद्र बनाए गए हैं। इनकी अपग्रेडेशन के लिए 30 करोड़ रुपये की लागत से काम किए जा रहे हैं। भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एंटी करप्शन हेल्पलाइन नंबर 9501200200 शुरू किया गया है।