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खुद की वर्दी पर आंच आई तो हत्यारा 24 घंटे में गिरफ्तार, पहले जताई थी असमर्थता, जानिए मामला

Thu, 04 Jul 2019 10:39 AM IST
खुशबू गोयल सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
सुरिंदर पाल, अमर उजाला, जालंधर(पंजाब) Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 04 Jul 2019 10:39 AM IST
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punjab police arrested murderer lal chand after punjab haryana high court interference
फाइल फोटो
हाईकोर्ट के आदेशों के बाद खुद की वर्दी पर आंच आई तो हत्यारे को 24 घंटों के भीतर ही गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक दिन पहले जालंधर की पुलिस हाईकोर्ट में यह शपथ पत्र दायर कर रही थी कि हत्यारा लालचंद जम्मू में छुट्टी मनाने के लिए गया  है, उसे पुलिस गिरफ्तार नहीं कर सकती है।
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इसके बाद पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एसीपी व एसएचओ पर कार्रवाई करने के आदेश तो जारी किए थे, साथ ही टिप्पणी की थी कि पुलिस प्रशासन के स्तर पर अशिष्टता दिखाता है।  ०मामला यह था कि थाना डिवीजन नंबर पांच में 11 अक्टूबर 2001 को लाल चंद, अश्विनी कुमार व जतिंदर कुमार  समेत छह लोगों के खिलाफ धारा 302 के तहत 116 नंबर एफआइआर दर्ज हुई थी।
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हत्या के इस केस में तीन को बरी कर दिया गया और लालचंद, जतिंदर व अश्वनी कुमार को एडिशनल सेशन जज जालंधर की अदालत ने 16 अगस्त 2003 को उम्रकैद की सजा सुना दी। इसके बाद उम्रकैद की सजा पाने वाले जतिंदर कुमार व अन्य ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी कि उनको सजा गलत सुनाई गई है, इस पर रोक लगाई जाए।
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हाईकोर्ट ने मामले में सात फरवरी को दिए आदेश में कहा कि सुबह के सत्र में केस को दो बार बुलाया गया लेकिन न तो याचिकाकर्ता पेश हुए और न ही उनकी तरफ से कोई रिप्रेजेंटेटिव आया।

मामले में उनकी सजा को इस अपील की सुनवाई तक सस्पेंड किया गया था लेकिन इस आदेश में हाईकोर्ट ने सजा की सस्पेंशन खत्म करते हुए याचिकाकर्ता जतिंदर कुमार उर्फ रैंक उर्फ हरदीप कुमार, अश्विनी कुमार उर्फ बॉबी व लालचंद उर्फ लाली को गिरफ्तार करने के आदेश दे दिए।


केस की लिस्टिंग होने के बाद पुलिस ने 21 जून को जतिंदर को गिरफ्तार कर लिया। केस की मंगलवार दो जुलाई को तारीख थी,  एसीपी वेस्ट बरजिंदर सिंह ने दी स्टेटस रिपोर्ट एफिडेविट के रूप में  हाईकोर्ट में सौंपी, जिसमें बताया गया कि जतिंदर को 21 जून को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अश्विनी कुमार की अपील की सुनवाई के दौरान 17 मई 2009 को मौत हो चुकी है।

वहीं, लालचंद लाली अपने परिवार के साथ छुट्टियों में जम्मू गया है, इसलिए उसे गिरफ्तार नहीं किया जा सका। इसमें कहा गया कि एसीपी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं तथा जल्द ही लालचंद को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस स्टेट्स रिपोर्ट से हाईकोर्ट खफा हो गया कि लाल चंद को पुलिस छुट्टी मनाने के लिए जाने से पहले ही गिरफ्तार कर सकती थी, क्यों उसको गिरफ्तार नहीं किया गया।

क्या कहा था हाईकोर्ट ने

हाईकोर्ट के आदेश को आज तक पूरी तरह से लागू नहीं किया गया। हत्यारे लालचंद की बात है तो पुलिस उसे जम्मू जाने से पहले गिरफ्तार कर सकती थी। पुलिस प्रशासन ने इस मामले में अपनी कानूनी ड्यूटी को निभाने में लापरवाही दिखाई है। यही नहीं, हाईकोर्ट के नोटिस में बार-बार आ रहा है कि उनके आदेशों को सही तरीके से लागू नहीं किया जा रहा है। पुलिस एक अनुशासित फोर्स है। समाज में कानून व्यवस्था बनाने की बड़ी जिम्मेदारी इसके कंधों पर है।

लोगों को इस पर बड़ा भरोसा है। पुलिस कर्मचारियों के निरंकुश तरीके से काम करना चिंता का विषय है। इस मामले में याचिकाकर्ता की गिरफ्तारी में देरी पुलिस अफसरों की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है।  मंगलवार को हाईकोर्ट ने यह सख्त आदेश जारी किए तो उसी रात को पुलिस की छापेमारी शुरू हो गई। जो लाल चंद छुट्टी मनाने के लिए जम्मू गया हुआ था, बुधवार को पुलिस ने उसको गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश कर जेल भेज दिया।

पुलिस ने लाल चंद को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास किए थे। वह पंजाब में नहीं था। हमने हाईकोर्ट को सच्चाई बयान की थी। पुलिस पहले लोकसभा चुनावों में बिजी थी। अब लाल चंद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
- बरजिंदर सिंह, एसीपी वेस्ट जालंधर
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