Amritpal Arrested: सरेंडर के लिए भिंडरावाले के गांव पहुंचा अमृतपाल, गुरुद्वारे में प्रवचन देने के बाद गिरफ्तार
Amritpal Singh Arrested: जिस गांव से अमृतपाल सिंह की गिरफ्तारी हुई है वह जरनैल सिंह भिंडरावाले का गांव रोडे है। गिरफ्तारी से पहले अमृतपाल ने यहां गुरुद्वारा साहिब से संबोधित किया था।
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वारिस पंजाब दे प्रमुख अमृतपाल सिंह को मोगा से गिरफ्तार कर लिया गया है। बताया जा रहा है कि मोगा के गांव रोड़े के गुरुद्वारा में सरेंडर करने से पहले उसने गुरुद्वारा साहिब से संबोधित किया था। यह जरनैल सिंह भिंडरावाला का गांव रोडे है। यही उसकी दस्तारबंदी हुई थी। उसने कहा कि उसके जैसे आते जाते रहेंगे, लेकिन युवा नशे छोड़े और अमृत ग्रहण करे। अब उसे बठिंडा एयरपोर्ट से असम की डिब्रूगढ़ भेजा जाएगा। डिब्रूगढ़ जेल में अमृतपाल सिंह के कईं साथी कैद हैं। कहा जा रहा है कि बठिंडा एयरपोर्ट पर ही अमृतपाल सिंह का मेडिकल होगा।
#WATCH | Earlier visuals of Waris Punjab De's #AmritpalSingh at Gurudwara in Moga, Punjab.
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He was arrested by Punjab Police from Moga this morning and is likely to be shifted to Dibrugarh, Assam. pic.twitter.com/2HMxTr50s7विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) April 23, 2023
अमृतपाल सिंह 36 दिन बाद पुलिस के हाथ लगा है। पुलिस अमृतपाल को कई दिनों से देश के कई हिस्सों में तलाश कर रही थी। उसने भी अपने समर्पण को लेकर कई बार संदेश भेजे लेकिन वह अब तक गिरफ्त से बाहर रहा।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, अमृतपाल सिंह को असम की डिब्रूगढ़ जेल भेजा जाएगा। बता दें कि पंजाब पुलिस पहले ही खालिस्तान समर्थक के खिलाफ सख्त राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) लगा चुकी है। सिंह 18 मार्च से फरार चल रहा था जब उसके और उसके सहयोगियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई शुरू की गई थी।
कौन है अमृतपाल सिंह?
अमृतपाल सिंह वारिस पंजाब दे संगठन का प्रमुख है। इसने करीब पांच महीने पहले ही इस संगठन की बागडोर संभाली थी। अमृतपाल अमृतसर के गांव जंडुपुर खेरा का रहने वाला है। 2012 से पहले ही अमृतपाल का परिवार दुबई चला गया था। वहां परिवार ने ट्रांसपोर्ट का काम शुरू कर दिया। 2013 में दुबई में ट्रांसपोर्ट का कामकाज अमृतपाल देखने लगा।
अगस्त 2022 में अमृतपाल दुबई से अकेला ही पंजाब आया था। अक्तूबर में अमृतपाल ने जरनैल सिंह भिंडरावाला के गांव रोडे में ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन के नए मुखिया के तौर पर ओहदा संभाला। यह संगठन दिल्ली हिंसा के आरोपी दीप सिद्धू ने बनाया था। इस दौरान अमृतपाल ने खुद को जरनैल सिंह भिंडरांवाला का अनुयायी बताते हुए सिख युवाओं को अगली जंग के लिए तैयार होने का आह्वान किया था। इसके बाद खुफिया एजेंसियां सतर्क हो गई थी। उसके बारे में जांच शुरू की गई। खालिस्तानी विचारधारा का पाठ उसे दुबई में ही पढ़ाया गया है।