Pakistan Drone: पंजाब पुलिस और BSF में तालमेल के आने लगे नतीजे, सात माह में 51 ड्रोनों को मार गिराया
पाकिस्तान के नशा तस्कर अब अत्याधुनिक तकनीक वाले ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकांश ड्रोन अमेरिका और चीन में निर्मित होते हैं। यह ड्रोन काफी महंगे हैं। पकड़े जाने पर इन ड्रोनों को पुलिस फॉरेंसिक लैब में जांच को भेजती है।
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पाकिस्तान से हेरोइन और हथियार लाने वाले ड्रोन पर पंजाब पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने शिकंजा कस दिया है। सात महीने में 51 ड्रोन मार गिराने सफलता हासिल की है। वहीं इन ड्रोनों से निपटने के उद्देश्य से पुलिस को अपग्रेड किया जा रहा। अधिकारियों की स्पेशल टीम गठित की गई हैं। ये टीमें आईआईटी जैसे संस्थानों में ड्रोन से जुड़ी तकनीक के बारे में स्टडी करेंगे। आईजी (मुख्यालय) सुखचैन सिंह ने बताया कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस में तालमेल बढ़ा है। इसके आने वाले समय में नतीजे काफी अच्छे आएंगे।
पंजाब के छह जिलों की सीमा पाकिस्तान से लगती है। ये जिले फाजिल्का, फिरोजपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन और गुरदासपुर हैं। इन्हीं जिलों में नशा तस्कर सबसे ज्यादा सक्रिय हैं। वह ड्रोन से हथियार और नशे की खेप मंगवा रहे हैं।
अधिकारी बोले- तकनीकी क्षमता बढ़ी, जांच में भी मिल रही मदद
अधिकारियों ने बताया है कि ड्रोन से निपटने में सर्विलांस और तकनीकी क्षमता काफी बढ़ी है। इससे ड्रोन को गिराने के बाद उसकी जांच को आगे बढ़ाने में काफी मदद मिल रही है। टीमें अब यह तुरंत पता लगाने में कामयाब हो रही कि आखिर ड्रोन ने कहां से उड़ान भरी थी और कहां जाना था। इससे पहले ड्रोन कहां था...यह भी पता लगाने में टीमें सक्षम हैं। मगर अब पंजाब पुलिस ड्रोन को आने से पहले ही पता लगाने की तकनीक पर काम रही है।
विलेज अफिसर की भी पैनी नजर
हाल ही में पंजाब पुलिस ने सीमावर्ती जिलों में इमरजेंसी ड्रोन रिस्पांस सिस्टम भी गठित किया है। इसमें पाकिस्तान सीमा से सटे गांवों में 400 से अधिक विलेज पुलिस अधिकारियों की तैनाती की गई है। इन्हें गांव की हर गली और चौराहे की जानकारी होती है। ये अधिकारी गांवों की चौकस कमेटियों के साथ मिलकर काम करते हैं। जैसे ही उनके पास कोई सूचना आती है, वह उसे तुरंत साझा करते हैं। पिछले साल पंजाब में 244 ड्रोन गतिविधियों को दर्ज किया गया। वहीं सुरक्षा बलों ने 23 ड्रोन को मार गिराया था।
चीन और अमेरिका में बने ड्रोन तस्करी में शामिल
पाकिस्तान के नशा तस्कर अब अत्याधुनिक तकनीक वाले ड्रोनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। अधिकांश ड्रोन अमेरिका और चीन में निर्मित होते हैं। यह ड्रोन काफी महंगे हैं। पकड़े जाने पर इन ड्रोनों को पुलिस फॉरेंसिक लैब में जांच को भेजती है। हाल ही में जांच में खुलासा हुआ कि है कि कई ड्रोन पाकिस्तान से भारत आने से पहले चीन में उड़ान भर चुके हैं।