फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab News: Women protest against CAA in Ludhiana of Punjab

CAA: विरोध और समर्थन में सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब, ऐसे रहा लुधियाना का नजारा

Sun, 19 Jan 2020 08:29 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना ( पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना ( पंजाब) Published by: ajay kumar Updated Sun, 19 Jan 2020 08:29 PM IST
विज्ञापन
Punjab News: Women protest against CAA in Ludhiana of Punjab
लुधियाना में सीएए का विरोध।

नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में रविवार को हजारों महिलाएं सड़कों पर उतर आई। हाथों में सीएए के विरोध में प्लेकार्ड उठाए महिलाओं ने ब्राऊन रोड सुभानी बिल्डिंग, शाहपुर रोड से होते हुए ऐतिहासिक जामा मस्जिद तक पैदल रोष मार्च निकाला। मंच का संचालन नायब शाही इमाम मौलाना मुहम्मद उस्मान लुधियानवी ने किया। 

विज्ञापन


इस अवसर पर पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ की छात्र नेता कनुप्रिया, नवदीप कौर सहित हर वर्ग की महिलाएं मौजूद रहीं। मंच से रहनुमा खातून ने फैज अहमद फैज की नज्म ‘हम देखेंगे’ पढ़ी और नसरीन सुल्ताना ने अपनी पंजाबी में केंद्र की गलत नीतियों पर प्रहार किया। महिलाओं ने हाथों में सीएए और एनआरसी के खिलाफ प्ले बोर्ड उठाए हुए थे, जिस पर हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में हैं भाई-भाई और एक भारत अटूट भारत, प्यारा भारत जैसे संदेश लिखे थे। 
विज्ञापन


इस अवसर पर कनुप्रिया ने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को फिरकापरस्त ताकतें तोड़ना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि देश की मां-बहनें और बेटियां मोदी सरकार के नापाक मंसूबे कभी कामयाब नहीं होने देंगी। रोटी, कपड़ा, मकान का वादा करने वाले आज देश में अपनी ही जनता से नागरिकता का प्रमाण मांग रहे हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

Punjab News: Women protest against CAA in Ludhiana of Punjab
लुधियाना में सीएए के विरोध में महिलाओं का प्रदर्शन।

इसके बाद महिलाओं ने शाही इमाम पंजाब मौलाना हबीब उर रहमान सानी लुधियानवी को अपने खून से लिखा अहदनामा (शपथपत्र) पेश किया। शाही इमाम मौलाना हबीब उर रहमान लुधियानवी ने कहा कि मोदी सरकार देश की बेटियों के सवालों से भाग रही है। अफसोस की बात है कि सत्ता में होते हुए भी उनको अपने बनाए कानून के हक में रैलियां करनी पड़ रही हैं और वह सीधा जनता से बात करने से कतरा रहे हैं।  

खून के आखिरी कतरे तक करेंगे विरोध 
अहदनामा में महिलाओं ने लिखा कि वह अपने खून के आखिरी कतरे तक संविधान को तोड़ने की साजिश के तहत बनाए गए इस कानून के खिलाफ विरोध करती रहेंगी। भारत देश की जंग-ए-आजादी में हम सब साथ थीं और कोई भी ताकत हमारे भाईचारे 'अनेकता में एकता' को तोड़ नहीं सकता। शरणार्थी हमारे भाई बहन हैं लेकिन धर्म के आधार पर नहीं, इंसानियत और भारतीयता के आधार पर। सरकार शरणार्थियों की आड़ लेकर देश में लोकतंत्र की हत्या का प्रयास कर रही है।
 
बिना किसी राय से मोदी सरकार ने सीएए किया लागू: भट्ठल
पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल ने कहा कि सीएए लागू करने को लेकर मोदी सरकार ने किसी से कोई राय नहीं ली। इसे लागू करने से पहले न तो किसी विपक्षी दल के नेता या फिर एक्सपर्ट्स से ही कोई राय ली गई। बिना तैयारी के ही इसे लागू कर दिया गया। भट्ठल ने कहा कि इस समय देश में तानाशाही जैसे हालात हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने थैले से पुड़िया निकालकर ले आते हैं और प्रधानमंत्री मोदी उस पर हाथ रख उसे बिना किसी तैयारी के लागू करवा देते हैं। 

भट्ठल ने कहा कि भाजपा हर उस बात पर आगे होती है जिससे देश का नुकसान होता है। हम जीएसटी के खिलाफ नहीं थे लेकिन उसे लागू करने के तरीके के खिलाफ थे। आज जीएसटी के खिलाफ पूरा देश है। कैप्टन सरकार पर उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार काफी अच्छा काम कर रही है। पूर्व की अकाली-भाजपा सरकार दस साल में पंजाब का आर्थिक दिवाला निकाल गई। अकाली भाजपा सरकार के समय किसी का कोई कर्ज माफ नहीं हुआ बल्कि पंजाब पर कर्ज चढ़ा है। 

राष्ट्रीय विचार मंच ने समर्थन में निकाली रैली

Punjab News: Women protest against CAA in Ludhiana of Punjab
सीएए के समर्थन में रैली निकालते लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में राष्ट्रीय विचार मंच लुधियाना शाखा की तरफ से विराट समर्थन रैली का आयोजन किया गया। रविवार को दाना मंडी में आयोजित रैली में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लेकर केंद्र सरकार के फैसले पर सहमति जताई। मुख्य अतिथि के तौर पर पहुंचे यूएसपीसी जैन स्कूल के चेयरमैन एवं फास्टनर एसोसिएशन के अध्यक्ष महिंदरपाल जैन ने भी सीएए का समर्थन किया। 

रैली में आए लोगों को सीएए के बारे में बताने के लिए सुप्रीम कोर्ट की सीनियर एडवोकेट मोनिका अरोड़ा और रिपब्लिक चैनल के एंकर प्रदीप भंडारी विशेष रूप से आए थे। मोनिका अरोड़ा ने बताया कि तीन पड़ोसी देशों पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में धार्मिक प्रताड़ना के शिकार सभी अल्पसंख्यक प्रवासी जो 31 दिसंबर 2014 तक भारत में शरण ले चुके हैं, को भारत की नागरिकता दी जाएगी। यह अधिनियम इन तीन मुस्लिम देशों से आए सभी गैर मुस्लिम नागरिकों को नागरिकता देने के लिए है, न कि किसी की नागरिकता छीनने के लिए। 

1951 में बनाए गए इस कानून का डॉ. राजेंद्र प्रसाद, पंडित जवाहर लाल नेहरू और बाबा साहिब भीमराव अंबेडकर ने भी इसका समर्थन किया था। उन्होंने बताया कि भारत सरकार द्वारा 2011 में भी इस पर नियम बनाकर 2012 में सभी राज्यों और केंद्र प्रशासित प्रदेशों के लिए अधिसूचना जारी की गई थी। अब 2019 में इसमें धारा 6 को जोड़ा गया है। इसके तहत 31 दिसंबर 2014 तक भारत आए धार्मिक प्रताड़ित सभी अल्पसंख्यकों को नागरिकता प्रदान की जाएगी। भारत के इतिहास को जो लोग नहीं जानते और न ही जानना चाहते है, वही लोग छात्रों एवं अल्पसंख्यकों के माध्यम से इस अधिनियम का विरोध कर रहे हैं। 

प्रदीप भंडारी ने कहा कि इन तीन मुस्लिम देशों में गैर-मुस्लिम महिलाएं असुरक्षित हैं। इन देशों में महिलाओं को जबरन उठाकर ले जाना, निकाह और धर्म परिवर्तन करवाना आम बात है। इसकी ताजा मिसाल ननकाना साहिब की घटना है। उन्होंने बताया कि तीनों देशों में अपना व्यवसाय स्थापित करना, सामाजिक गतिविधियों में भाग लेना, अपने धार्मिक उत्सव और त्यौहार मनाना बहुत ही मुश्किल है। भारत के जिस राज्य में भी इस अधिनियम का विरोध किया जा रहा है, वह बिल्कुल तर्कसंगत नहीं है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed