17 साल बाद फूटा शहीद परिवार का दर्द, लौटाएंगे शौर्य चक्र
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पंजाब के एक शहीद का परिवार राष्ट्रपति को शौर्य चक्र लौटाएगा। परिवार की गई घोषणाएं पूरी न होने से नाराज है। मामला गुरदासपुर का है। नेताओं और सरकारी अधिकारियों की ओर से घोषणाओं को पूरा नहीं किए जाने से नाराज शहीद ज्ञान सिंह सलारिया के परिवार ने बेटे को मिला शौर्य चक्र राष्ट्रपति को लौटाने का फैसला किया है।
गुरदासपुर के गांव कोहलियां निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार बलवान सिंह और उनकी पत्नी पुष्पा देवी ने नम आंखों से बताया कि उनका बेटा ज्ञान सिंह सलारिया 18 नवंबर 1998 को कुपवाड़ा में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हो गया था। बेटे की बहादुरी को देखते हुए तत्कालीन राष्ट्रपति केआर नारायणन ने उन्हें मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया।
बेटे के अंतिम संस्कार में शामिल राजनेताओं व प्रशासनिक अधिकारियों ने शहीद ज्ञान सिंह की याद में गांव के बाहर यादगारी गेट बनाने, गांव में जिम हॉल बनाने, स्कूल का नाम शहीद के नाम पर रखने, गांव में लाइब्रेरी स्थापित करने के साथ ही शहीद के छोटे भाई को सरकारी नौकरी देने की घोषणा की थी, परंतु 17 साल बीत जाने के बाद भी एक भी घोषणा को पूरा नहीं किया गया है।
नौकरी के लिए धक्के खा रहा भाई
शहीद की मां ने बताया कि पंजाब सरकार की ओर से परिवार को केवल 10 हजार रुपये की राशि ही मिल पाई है। छोटे बेटे को नौकरी दिलाने के लिए वह कई वर्षों से सरकारी कार्यालयों में धक्के खा रहे हैं।
शहीद के माता पिता ने बताया कि सरकार ने उनके साथ जो व्यवहार किया है उससे बहुत दुख हुआ है। उन्होंने शौर्य चक्र राष्ट्रपति को वापस करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने छोटे बेटे को नौकरी के लिए पंजाब सरकार के खिलाफ पंजाब तथा हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का निर्णय लिया है।