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पंजाब के इन शहरों में लगेगा रात्रि कर्फ्यू, मास्क नहीं पहना तो मिलेगी खड़े रहने की सजा

Fri, 07 Aug 2020 10:52 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Fri, 07 Aug 2020 10:52 PM IST
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Punjab imposes night curfew in Ludhiana, Jalandhar and Patiala
कैप्टन अमरिंदर सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

‘कैप्टन से सवाल’ कार्यक्रम में पंजाब में कोरोना के बढ़ते मामलों पर चिंता जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने शनिवार से रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक लुधियाना, जालंधर और पटियाला में कर्फ्यू लगाने का आदेश दिया है। कोरोना से ये तीनों सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को सभी प्रमुख शहरों में सार्वजनिक और निजी अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए एक एकीकृत प्रबंधन योजना तैयार करने का भी निर्देश दिए।

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मुख्यमंत्री ने मास्क पहनने के अनिवार्य नियम के तहत नए दंड की एक सप्ताह के परीक्षण की भी घोषणा की। इसके तहत मास्क पहनने के नियमों का उल्लंघन करने वालों को मौके पर मास्क पहनकर एक घंटे तक खड़े रहना होगा। मुख्यमंत्री का मानना है कि उल्लंघन करने वालों को इस बात का अहसास कराया जाना जरूरी है क्योंकि ऐसे लोगों की संख्या अब 3.82 लाख को पार कर गई है। इसके अलावा कोरोना के शुक्रवार को 1063 नए केस आने से राज्य में संक्रमितों की संख्या 21,930 तक पहुंच गई है। 
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उल्लेखनीय है कि फेसबुक पर लाइव साप्ताहिक कार्यक्रम ‘कैप्टन से सवाल’ को एक दिन पहले ही आयोजित किया गया। ऐसा इसलिए किया गया ताकि जहरीली शराब मामले के पीड़ितों से मिलने गए मुख्यमंत्री के तरनतारन के दौरे के बारे में लोगों को जानकारी दी जा सके।
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सीधे निजी अस्पतालों की ओर न भागें 
कैप्टन ने लोगों से अपील की कि वे सीधे निजी अस्पतालों में न जाएं क्योंकि सरकारी अस्पतालों में भी बेहतर इलाज उपलब्ध है। राज्य में पर्याप्त परीक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं और सोमवार से चार और टेस्टिंग लैब शुरू हो जाएंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षण और उपचार में देरी कोविड से मौतों की संख्या में वृद्धि का मुख्य कारण है। कल (गुरुवार) राज्य में 26 लोगों की मौत हो गई थी जिससे मौतों की गिनती 517 (2.47 प्रतिशत) तक पहुंच गई है।

इस स्थिति से मुंह नहीं फेरा जा सकता 
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में कोविड के शिखर तक अगस्त के अंत या सितंबर की शुरुआत में पहुंचने की संभावना थी, इसलिए रोजाना केस बढ़ने के अंतिम शिखर का अनुमान नहीं लगाया जा सकता। हाल ही में बठिंडा, बरनाला और फिरोजपुर जैसे जिलों में केस बढ़ने का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि इस स्थिति से मुंह नहीं फेरा जा सकता। उन्होंने लोगों से इस कठिन परिस्थिति में मजबूत बने रहने और बीमारी का मजबूती और दृढ़ता से सामना करने की अपील भी की।

तीन हफ्ते में पूरी होगी शराब कांड की मजिस्ट्रेटी जांच: कैप्टन

कैप्टन ने एक सवाल के जवाब में कहा कि जहरीली शराब की दुखद घटना की मजिस्ट्रेटी जांच तीन सप्ताह में मुकम्मल होगी और इस मामले में संलिप्त सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। तरनतारन के निवासी की तरफ से किए सवाल कि नकली शराब कांड के पीड़ित परिवारों द्वारा उनसे मिलते समय क्या बताया गया? मुख्यमंत्री ने कहा कि परिवार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और सजा चाहते हैं। 

चाहे पीड़ित परिवारों की तरफ से यह मांग नहीं की गई लेकिन उनकी तरफ से वित्तीय सहायता का एलान किया गया। डिप्टी कमिश्नर को यह यकीनी बनाने के निर्देश दिए गए हैं कि परिवारों को जिस चीज की भी जरूरत हो, वह मुहैया करवाई जाए। भले ही नौकरी ही क्यों न हो या घरों की हालत में सुधार। उन्होंने कहा कि हम पीड़ित परिवारों के लिए वित्तीय सहायता से भी बढ़कर सोच रहे हैं। राज्य से नकली शराब की समस्या को जड़ से ख़त्म किया जाएगा। उन्होंने पंजाब पुलिस प्रमुख को नकली शराब के तस्करों को पकड़ने के निर्देश भी दिए।

फरीदकोट में मरीज की मौत की जांच के आदेश  
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने फरीदकोट मेडिकल कालेज में गैर-कोविड मरीज डॉ. परविंदर की मौत के मामले में उप-कुलपति को जांच करने के आदेश दिए क्योंकि डाक्टरों ने फाइल का काम मुकम्मल होने और कोविड की रिपोर्ट आने तक उसका इलाज करने से इंकार कर दिया था, जबकि वह सांस लेने में कठिनाई की तकलीफ से जूझ रहा था। मृतक की पत्नी डॉ. नीता पांडु, जो अबोहर से हैं, के प्रति गहरी हमदर्दी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता। मरीज का इलाज हर सूरत में होना चाहिए था। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

कैप्टन के समक्ष आम लोगों से यह भी आए सवाल

  • सामाजिक दूरी अपनाए बिना बिजली बिल भरने के लिए लगने वाली लंबी कतारों संबंधी मुख्यमंत्री ने कहा कि वह स्थिति सुधारने के लिए बिजली बोर्ड के चेयरमैन को हिदायतें जारी करेंगे। 
  • कुछ जिलों में भारी वाहनों के लाइसेंस जारी करने/नवीनीकरण में देरी पर उन्होंने कहा कि यह देरी सामाजिक दूरी के नियमों के कारण है लेकिन वह विभाग को कोविड सुरक्षा नियमों के साथ समझौता किए बिना इस प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए रास्ता ढूंढने को कहेंगे।
  • कृषि विभाग को अच्छे दर्जे की कीड़े मार दवाओं की सप्लाई यकीनी बनाने और घटिया दवाएं सप्लाई करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की एक विनती पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने नकली कीड़े मार दवाओं के खिलाफ लगातार कार्रवाई के निर्देश हुए हैं। उन्होंने किसानों को केवल रजिस्टर्ड डीलरों से ही कीड़े मार दवाएं खरीदने की अपील की।
  • एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने श्री मुक्तसर साहिब के डीसी को डीएवी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल द्वारा विद्यार्थियों पर फीस का दबाव बनाने और फीस न देने की सूरत में किताबें-कॉपियां मुहैया न करवाने संबंधी शिकायत की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि वह ऐसा व्यवहार बर्दाश्त नहीं करेंगे। उन्होंने ऐसे कदम उठाने वाले स्कूल के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया। 
  • एक कॉलेज द्वारा फीस के लिए दबाव डालने संबंधी एक अन्य सवाल पर उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा विभाग की तरफ से इस मामले की जांच की जाएगी।
  • फतेहगढ़ साहिब निवासी की तरफ से पशु मंडियों, जिन्हें मार्च में मुलतवी किए जाने के कारण लोगों को भारी नुकसान हुआ है, को फिर से चालू करने संबंधी विनती पर कैप्टन ने कहा कि वह विभाग को मंडियों को फिर से चालू करने संबंधी निर्देश देंगे लेकिन इसके लिए सुरक्षा उपायों का पूर्ण पालन यकीनी बनाया जाएगा।
  • मुख्यमंत्री द्वारा पटियाला निवासी को भरोसा दिया गया कि पटवारी के पदों के लिए लेट हुई परीक्षा जल्द होगी और यह भर्ती अब केंद्र सरकार के वेतनमान पर होगी, जिसकी खातिर एसएस बोर्ड को सौंपने के लिए प्रस्ताव को अंतिम रूप दिया जा रहा है। 
  • अस्पताल में दाखिले होने के लिए सरबत सेहत बीमा योजना का कार्ड स्वीकार न किए जाने संबंधी पठानकोट के निवासी की शिकायत पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बताया गया अस्पताल अधिकृत अस्पतालों की सूची में नहीं था और कार्ड धारकों को केवल अधिकृत अस्पतालों में ही जाना चाहिए।
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