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कालेज कैडर के सहायक प्रोफेसर भर्ती मामले में प्रमुख सचिव शिक्षा तलब
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Thu, 31 Mar 2016 09:36 AM IST
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कोर्ट
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हरियाणा में कालेज कैडर के सहायक प्रोफेसरों की नियमित भर्ती नहीं करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जस्टिस राजेश बिंदल की बेंच ने एक अवमानना याचिका की सुनवाई करते हुए उच्चतर शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव विजय वर्धन व एचपीएससी के तत्कालीन सचिव भूपेंद्र सिंह को निजी तौर पर पेश होकर जवाब देने को कहा है।
हरियाणा सरकार शिक्षा विभाग में गेस्ट लेक्चरर से काम चला रही थी, इसके खिलाफ याचिका दायर हुई थी और मांग की गई थी कि नियमित भर्ती की जानी चाहिए, क्योंकि गेस्ट टीचर नहीं रखे जा सकते।
हाईकोर्ट ने वर्ष 2011 में नियमित भर्ती करने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने गेस्ट लेक्चरर को ही नियमित कर दिया था। इसके खिलाफ अवमानना याचिका दायर हुई थी कि सुप्रीम कोर्ट तक ने गेस्ट टीचर और गेस्ट लेक्चरर को गलत ठहराया है।
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लिहाजा गेस्ट लेक्चरर को नियमित नहीं किया जा सकता और नियमित भर्ती की जानी चाहिए। इसके बावजूद नियमित भर्ती नहीं हुई थी, जिस कारण प्रमुख सचिव से जवाब मांगा गया था। बुधवार को सरकार ने बताया कि सहायक प्रोफेसरों के 1647 पदों के लिए आवेदन मांग लिए गए हैं और भर्ती में 10 महीने का समय लग सकता है।
इसी पर बेंच ने सख्ती बरतते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला बनता है, लिहाजा प्रमुख सचिव व एचपीएससी के तत्कालीन सचिव निजी तौर पर पेश होकर जवाब दें। अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।
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हरियाणा सरकार शिक्षा विभाग में गेस्ट लेक्चरर से काम चला रही थी, इसके खिलाफ याचिका दायर हुई थी और मांग की गई थी कि नियमित भर्ती की जानी चाहिए, क्योंकि गेस्ट टीचर नहीं रखे जा सकते।
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हाईकोर्ट ने वर्ष 2011 में नियमित भर्ती करने का आदेश दिया था, लेकिन सरकार ने गेस्ट लेक्चरर को ही नियमित कर दिया था। इसके खिलाफ अवमानना याचिका दायर हुई थी कि सुप्रीम कोर्ट तक ने गेस्ट टीचर और गेस्ट लेक्चरर को गलत ठहराया है।
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लिहाजा गेस्ट लेक्चरर को नियमित नहीं किया जा सकता और नियमित भर्ती की जानी चाहिए। इसके बावजूद नियमित भर्ती नहीं हुई थी, जिस कारण प्रमुख सचिव से जवाब मांगा गया था। बुधवार को सरकार ने बताया कि सहायक प्रोफेसरों के 1647 पदों के लिए आवेदन मांग लिए गए हैं और भर्ती में 10 महीने का समय लग सकता है।
इसी पर बेंच ने सख्ती बरतते हुए कहा कि यह सीधे तौर पर हाईकोर्ट के आदेश की अवमानना का मामला बनता है, लिहाजा प्रमुख सचिव व एचपीएससी के तत्कालीन सचिव निजी तौर पर पेश होकर जवाब दें। अगली सुनवाई 11 अप्रैल को होगी।