फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   punjab haryana highcourt decision on hand outside bus window is carelessness

सफर करते समय बस की खिड़की से हाथ बाहर होना लापरवाही नहीं: हाईकोर्ट

Tue, 12 Jun 2018 10:33 AM IST
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़
विवेक शर्मा/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 12 Jun 2018 10:33 AM IST
विज्ञापन
punjab haryana highcourt decision on hand outside bus window is carelessness
कोर्ट - फोटो : amar ujala
सफर करते हुए अगर कोई व्यक्ति अपना हाथ खिड़की के बार रखता है तो उसे लापरवाह नहीं कहा जा सकता। भारत में अक्सर लोग आराम के लिए अपना हाथ खिलाड़ी पर रखकर चलते हैं। खिड़की पर हाथ रखकर चलने के कारण अपना हाथ गंवाने वाले की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए यह व्यवस्था दी। मामला विकास सहगल की याचिका से जुड़ा है जो बस में सफर कर रहा था और खिड़की खोलने के लिए हाथ बाहर होने के चलते सामने से आ रहे एक ट्रक ने बिलकुल नजदीक से गुजरते हुए उसकी बाजू कुचल दी थी।
विज्ञापन


सन 2000 में हुई इस दुर्घटना के लिए बस ड्राइवर को दोषी करार देते हुए याची ने 10 लाख रुपये मुआवजा दिए जाने की मांग की थी। मोटर एक्सीडेंट क्लेम ट्रिब्यूनल जालंधर ने बस चालक, ट्रक चालक और पीड़ित तीनों को दोषी करार दिया था और 1 लाख 20 हजार रुपये मुआवजा तय किया था। विकास को लापरवाह बताते हुए ट्रिब्यूनल ने 50 प्रतिशत राशि की कटौती कर मुआवजा राशि 60 हजार कर दी थी। हाईकोर्ट में विकास ने अपील दाखिल की थी, जिसका पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने विकास के पक्ष में निपटारा कर दिया।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि लोग अक्सर आराम के लिए अपने वाहन या बस की खिड़की पर हांथ रखते हुए सफर करते हैं और उनका हांथ बाहर की ओर होता है। इस स्थिति में उन्हें लापरवाह नहीं कहा जा सकता। यह ड्राइवर की जिम्मेदारी होती है कि वह सुरक्षित दूरी बनाए रखे और क्लोज ड्राइविंग न करे। इसके साथ ही कोर्ट ने कहा कि मोटर व्हीकल एक्ट में कहीं पर भी बाजू निकालने पर पाबंदी नहीं है और न ही भारतीय सड़कों के बारे में चर्चा जहां पशु आम तौर पर सड़कों पर घूमते मिल जाते हैं और अक्सर चालकों को हादसा टालने के लिए ब्रेक लगाने पड़ जाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा कि भले ही खिड़की से बाजू निकालना लापरवाही नहीं है लेकिन भारतीय सड़कों और यहां के ट्रैफिक को देखते हुए ड्राइवर और सवारियों दोनों को मुस्तैद रहने की जरूरत है। विकास की बाजू कुचलने के चलते हुए उसके नुकसान का मुआवजा बढ़ाते हुए कोर्ट ने कहा कि वह नक्शा सप्लाई करता था और ऐसे में निश्चित रूप से उसका काम प्रभावित होगा और उसे एक सहायक की जरूरत पड़ेगी। ऐसे में कोर्ट ने ट्रिब्यूनल के फैसल को रद्द करते हुए कहा कि विकास की लापरवाही की बात साबित नहीं होती है और ऐसे में उसके लिए निर्धारित मुआवजा राशि को 60 हजार से बढ़ाकर हाईकोर्ट ने 5 लाख 86 हजार कर दिया।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed