फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Punjab Haryana High Court Statement on Enquiry, Powers and Staff

हाईकोर्ट के आक्रामक तेवर, कहा- न शक्तियां हैं न स्टाफ, ऐसी स्थिति में बताइए कैसे होगी जांच

Tue, 28 May 2019 09:59 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Tue, 28 May 2019 09:59 AM IST
विज्ञापन
Punjab Haryana High Court Statement on Enquiry, Powers and Staff
सांकेतिक तस्वीर
आतंकवाद के दौर में 1994 में हुए सुखपाल सिंह फेक एनकाउंटर मामले की जांच कर रहे डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर अपनी बेबसी जताई है। उन्होंने बताया कि उनके पास न तो शक्तियां हैं और न स्टाफ। ऐसी स्थिति में वह कैसे जांच कर सकते हैं। उनकी अर्जी पर हाईकोर्ट में जल्द सुनवाई होगी।
विज्ञापन


सोमवार को डीजीपी चटोपाध्याय ने हाईकोर्ट में अर्जी दायर कर कहा है कि वह फिलहाल डीजीपी (पीएसपीसीएल) के पद पर तैनात हैं। यह एक्स काडर पोस्ट है जिसे पंजाब सरकार डीजीपी पद के समकक्ष नही मानती है। ऐसे में उनके पास न तो कोई शक्तियां है न ऑफिस और न ही स्टाफ और अन्य सुविधाएं।
विज्ञापन


लिहाजा वह इन सभी शक्तियों और स्टाफ के बिना इस मामले की जांच नहीं कर पाएंगे। या तो उन्हें यह सभी शक्तियां, स्टाफ और अन्य सुविधाएं दी जाएं या इस मामले की जांच किसी अन्य अधिकारी को सौंप दी जाए। यह अर्जी सोमवार को हाईकोर्ट में दायर कर दी गई है जिस पर हाई कोर्ट 29 मई सुनवाई कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल पर सुखपाल सिंह नामक एक व्यक्ति के फर्जी एनकाउंटर का आरोप है। मृतक सुखपाल की पत्नी दलबीर कौर ने एडवोकेट आर कार्तिकेय के जरिये हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया था कि 1994 में रोपड़ के तत्कालीन डीएसपी परमराज उमरानंगल ने सुखपाल सिंह का फेक एनकाउंटर किया था।

आतंकी गुरनाम सिंह बंदाला की जगह परमराज उमरानंगल ने सुखपाल का एनकाउंटर किया था। परिवार द्वारा परमराज उमरानंगल द्वारा किए फेक एनकाउंटर से जुड़ा एक हलफनामा भी हाईकोर्ट में दायर किया गया था। हाईकोर्ट को बताया गया था कि इस घटना के 11 वर्षों बाद मामले में एफआईआर दर्ज की गई। लिहाजा याचिकाकर्ता ने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी।

हाईकोर्ट ने इस मामले की जांच डीजीपी सिद्धार्थ चटोपाध्याय की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय एसआईटी गठित कर उसे सौंप दी है। एसआईटी में एडीजीपी गुरप्रीत कौर देओ और आईजीपी बी चंद्रशेखर को शामिल किया गया है। हाईकोर्ट ने एसआईटी को मामले की जांच शुरू कर 29 मई को जांच की स्टेटस रिपोर्ट दायर किये जाने के आदेश दे दिए थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed