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पति को छोड़कर लिव-इन में रह रही महिला ने मांगी सुरक्षा, हाईकोर्ट ने साथी पर ठोक दिया जुर्माना
Sun, 21 Apr 2019 11:44 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Sun, 21 Apr 2019 11:44 AM IST
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शादीशुदा महिला द्वारा अन्य पुरुष के साथ लिव-इन में रहने के लिए सुरक्षा मुहैया करवाने को लगाई गई याचिका पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि इस प्रकार पति से खतरा बताकर साथी पुरुष के साथ रहने के लिए सुरक्षा के आदेश नहीं दिए जा सकते हैं। हाईकोर्ट ने महिला और उसके साथी की सुरक्षा से जुड़ी याचिका खारिज करते हुए 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
जस्टिस राजशेखर अत्री ने यह राशि एसएसपी मोहाली को महिला के साथी के वेतन से काटने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जुर्माने की यह राशि पंजाब की लीगल सर्विस अथॉरिटी में जमा करवाई जाए। अगर जुर्माने की राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो मोहाली के एसएसपी को आदेश दे दिए गए हैं कि वह इस पुरुष के वेतन से इस राशि की भरपाई करें।
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जस्टिस राजशेखर अत्री ने यह राशि एसएसपी मोहाली को महिला के साथी के वेतन से काटने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने आदेश दिए हैं कि जुर्माने की यह राशि पंजाब की लीगल सर्विस अथॉरिटी में जमा करवाई जाए। अगर जुर्माने की राशि जमा नहीं करवाई जाती है तो मोहाली के एसएसपी को आदेश दे दिए गए हैं कि वह इस पुरुष के वेतन से इस राशि की भरपाई करें।
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याचिका में ये सब बताया गया
महिला और उसके साथी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करके सुरक्षा की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि दोनों लिव-इन रिलेशन में रह रहे हैं। महिला शादीशुदा है। महिला ने याचिका में अपने पति का नाम तक नहीं बताया था, लेकिन प्रतिवादियों की सूची में अपने पति का नाम लिखा था। इनसे उसने जान का खतरा बताया है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान इसका खुलासा हुआ और तब महिला ने स्वीकार किया कि वह अपने पति को छोड़कर अन्य पुरुष के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शादीशुदा होते हुए लिव-इन में रहने के लिए अदालत सुरक्षा के आदेश कैसे दे सकती है।
यह सीधे तौर पर न्यायिक प्रक्रिया का मजाक बनाना है। लिहाजा हाईकोर्ट ने याचिका को न सिर्फ सिरे से खारिज कर दिया है, बल्कि महिला जिस पुरुष के साथ लिव-इन में रह रही है, उस पर दस हजार रुपये जुर्माना लगा दिया है।
याचिका पर सुनवाई के दौरान इसका खुलासा हुआ और तब महिला ने स्वीकार किया कि वह अपने पति को छोड़कर अन्य पुरुष के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही है। हाईकोर्ट ने इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि शादीशुदा होते हुए लिव-इन में रहने के लिए अदालत सुरक्षा के आदेश कैसे दे सकती है।
यह सीधे तौर पर न्यायिक प्रक्रिया का मजाक बनाना है। लिहाजा हाईकोर्ट ने याचिका को न सिर्फ सिरे से खारिज कर दिया है, बल्कि महिला जिस पुरुष के साथ लिव-इन में रह रही है, उस पर दस हजार रुपये जुर्माना लगा दिया है।