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हाईकोर्ट ने पूछा- ट्यूशन के साथ अन्य फीस वसूली नहीं जा सकती, क्या इसे बाद में ले सकते हैं
Tue, 16 Jun 2020 10:56 AM IST
खुशबू गोयल
अमर उजाला, चंडीगढ़
अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 16 Jun 2020 10:56 AM IST
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पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
निजी स्कूलों में फीस प्रकरण को लेकर हाईकोर्ट ने कहा है कि ट्यूशन फीस के अलावा अन्य कोई भी फीस की वसूली नहीं की जा सकती है। क्या यह फीस निजी स्कूल बाद में वसूल कर सकते हैं, इस संबंध में पंजाब सरकार 19 जून को अपनी स्थिति स्पष्ट करे।
जस्टिस निर्मलजीत कौर ने सोमवार को मामले की सुनवाई में अभिभावकों का पक्ष सुना और बाद में कहा कि पंजाब के एडवोकेट जनरल ही इस पुरे मामले का हल निकालें, जिसमे न तो अभिभावकों का नुकसान हो और न ही निजी स्कूलों को नुकसान उठाना पड़े।
अभिभावकों की ओर से पहले एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी ने कहा कि यह कहना कि फीस अगर नहीं वसूली गई तो निजी स्कूलों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा गलत है। एडवोकेट बागड़ी ने कुछ दस्तावेज हाईकोर्ट को सौंपते हुए बताया कि अगर निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले लें तो उससे ही उनके सभी खर्च और स्टाफ का वेतन निकल जाएगा।
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स्कूलों ने उनकी वार्षिक बैलेंस शीट मंगवा कर देख लिया जाए। वहीं एडवोकेट आरएस बैंस से भी अभिभावकों का पक्ष रखते हुए कहा कि लॉकडाउन के चलते करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
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जस्टिस निर्मलजीत कौर ने सोमवार को मामले की सुनवाई में अभिभावकों का पक्ष सुना और बाद में कहा कि पंजाब के एडवोकेट जनरल ही इस पुरे मामले का हल निकालें, जिसमे न तो अभिभावकों का नुकसान हो और न ही निजी स्कूलों को नुकसान उठाना पड़े।
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अभिभावकों की ओर से पहले एडवोकेट चरणपाल सिंह बागड़ी ने कहा कि यह कहना कि फीस अगर नहीं वसूली गई तो निजी स्कूलों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ेगा गलत है। एडवोकेट बागड़ी ने कुछ दस्तावेज हाईकोर्ट को सौंपते हुए बताया कि अगर निजी स्कूल सिर्फ ट्यूशन फीस ही ले लें तो उससे ही उनके सभी खर्च और स्टाफ का वेतन निकल जाएगा।
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स्कूलों ने उनकी वार्षिक बैलेंस शीट मंगवा कर देख लिया जाए। वहीं एडवोकेट आरएस बैंस से भी अभिभावकों का पक्ष रखते हुए कहा कि लॉकडाउन के चलते करोड़ों लोगों की नौकरी चली गई है और आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।
अभिभावकों को राहत दी जानी बेहद जरूरी
अभिभावक कोरोना से पहले फीस भरते ही रहे हैं, लेकिन कोरोना के बाद स्थिति अब अलग है, ऐसे में अब अभिभावकों को राहत दी जानी बेहद जरूरी है। पंजाब सरकार के आदेशों के खिलाफ निजी स्कूलों का लॉक डाउन में ही हाईकोर्ट आ जाना संशय पैदा करता है। निजी स्कूलों में ही सिर्फ 40 लाख के करीब छात्र हैं, जिनके अभिभावक वित्तीय संकट से गुजर रहे हैं, ऐसे में सरकार ने इन छात्रों के अभिभावकों को राहत देने के लिए आदेश दिया है।
अब 19 जून को होगी अंतिम बहस
हाईकोर्ट ने सोमवार को लंबी सुनवाई में अभिभवकों का पक्ष सुना और कहा कि अब इस मामले में पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा और सरकार को कोई बीच का रास्ता निकलना चाहिए ताकि अभिभावकों का भी नुकसान न हो और न ही निजी स्कूलों का। कोर्ट ने कहा कि नंदा इसके लिए सक्षम हैं।
इसके साथ हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अपने इन आदेशों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि सरकार ने लोक डाउन के दौरान की सिर्फ ट्यूशन फीस के अलावा अन्य चार्ज और फीस की वसूली पर पूरी तरह से रोक लगा दी है यह फीस और चार्ज दो-महीने बाद स्कूल वसूल सकते हैं।
अब 19 जून को होगी अंतिम बहस
हाईकोर्ट ने सोमवार को लंबी सुनवाई में अभिभवकों का पक्ष सुना और कहा कि अब इस मामले में पंजाब के एडवोकेट जनरल अतुल नंदा और सरकार को कोई बीच का रास्ता निकलना चाहिए ताकि अभिभावकों का भी नुकसान न हो और न ही निजी स्कूलों का। कोर्ट ने कहा कि नंदा इसके लिए सक्षम हैं।
इसके साथ हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार से अपने इन आदेशों पर स्थिति स्पष्ट करने को कहा है कि सरकार ने लोक डाउन के दौरान की सिर्फ ट्यूशन फीस के अलावा अन्य चार्ज और फीस की वसूली पर पूरी तरह से रोक लगा दी है यह फीस और चार्ज दो-महीने बाद स्कूल वसूल सकते हैं।