{"_id":"5dd4d9848ebc3e547865a206","slug":"punjab-haryana-high-court-orders-regarding-street-vendors","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हाईकोर्ट ने पहले फटकारा, फिर सुनाया फरमान- पांच दिसंबर तक स्ट्रीट वेंडर से मुक्त हों सेक्टर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईकोर्ट ने पहले फटकारा, फिर सुनाया फरमान- पांच दिसंबर तक स्ट्रीट वेंडर से मुक्त हों सेक्टर
Wed, 20 Nov 2019 11:43 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Wed, 20 Nov 2019 11:43 AM IST
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चंडीगढ़ के हजारों अपंजीकृत वेंडरों को झटका देते हुए पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पांच दिसंबर तक सभी अवैध वेंडरों को हटाने का आदेश जारी किया है। इसके साथ ही सेक्टर 1 से 6 तथा 17 को वेंडर मुक्त करने के लिए भी हाईकोर्ट ने निगम और प्रशासन को यही मोहलत दी है। सुनवाई के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन और निगम ने हाईकोर्ट को बताया कि सेक्टर 1 से 6 तथा 17 में मौजूद वेंडरों को नोटिस जारी कर दिया गया है और उन्हें जल्द हटा दिया जाएगा। साथ ही बताया गया कि इन सेक्टर में गैर पंजीकृत वेंडरों के 415 व पंजीकृत के 42 चालान किए गए हैं।
हाईकोर्ट ने इस पर निगम और प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और कहा कि हमने चालान करने के आदेश नहीं दिए थे बल्कि उन्हें हटाने के आदेश दिए थे। केवल चालान कर अपनी जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति अधिकारी बंद कर दें। जब सेक्टर 1 से 6 तथा 17 वेंडिंग फ्री जोन हैं तो आखिर क्यों यहां से सभी वेंडरों को हटाया नहीं जा रहा है। इस पर कोर्ट को बताया गया कि पूरा महीना बीत जाने के बाद नवंबर की शुरुआत में ही वेंडरों को नोटिस जारी किया गया है।
हाईकोर्ट ने इस देरी पर भी दोनों को फटकार लगाई और डेडलाइन देते हुए कहा कि पांच दिसंबर तक से सेक्टर स्ट्रीट वेंडर फ्री हो जाने चाहिए। साथ ही शहर में जितने की गैर पंजीकृत वेंडर हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और वेंडरों को उनके तय स्थान पर शिफ्ट किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि सेक्टर-17 को चंडीगढ़ प्रशासन ने नो वेंडिंग जोन दो वर्ष पहले घोषित किया था बावजूद इसके पूरे सेक्टर में बड़े पैमाने पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने कब्जा किया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि 267 पंजीकृत वेंडरों को इन सात सेक्टरों से हटाने का नोटिस दिया गया जिनमें से 153 ने इन्हें स्वीकार किया जबकि 114 ने इसे लेने से इनकार कर दिया।
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हाईकोर्ट ने इस पर निगम और प्रशासन को जमकर फटकार लगाई और कहा कि हमने चालान करने के आदेश नहीं दिए थे बल्कि उन्हें हटाने के आदेश दिए थे। केवल चालान कर अपनी जिम्मेदारी से भागने की प्रवृत्ति अधिकारी बंद कर दें। जब सेक्टर 1 से 6 तथा 17 वेंडिंग फ्री जोन हैं तो आखिर क्यों यहां से सभी वेंडरों को हटाया नहीं जा रहा है। इस पर कोर्ट को बताया गया कि पूरा महीना बीत जाने के बाद नवंबर की शुरुआत में ही वेंडरों को नोटिस जारी किया गया है।
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हाईकोर्ट ने इस देरी पर भी दोनों को फटकार लगाई और डेडलाइन देते हुए कहा कि पांच दिसंबर तक से सेक्टर स्ट्रीट वेंडर फ्री हो जाने चाहिए। साथ ही शहर में जितने की गैर पंजीकृत वेंडर हैं उन्हें तत्काल प्रभाव से हटाया जाए और वेंडरों को उनके तय स्थान पर शिफ्ट किया जाए। हाईकोर्ट ने कहा कि सेक्टर-17 को चंडीगढ़ प्रशासन ने नो वेंडिंग जोन दो वर्ष पहले घोषित किया था बावजूद इसके पूरे सेक्टर में बड़े पैमाने पर रेहड़ी-फड़ी वालों ने कब्जा किया है। हाईकोर्ट को बताया गया कि 267 पंजीकृत वेंडरों को इन सात सेक्टरों से हटाने का नोटिस दिया गया जिनमें से 153 ने इन्हें स्वीकार किया जबकि 114 ने इसे लेने से इनकार कर दिया।
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रेजिडेंट वेल्फेयर एसोसिएशन सौंपे आपत्तियां, टाउन वेंडिंग कमेटी करे निपटारा
सेक्टर-15 में 1800 के करीब स्ट्रीट वेंडर्स को एड्जस्ट किए जाने के फैसले को अब वेलफेयर एसोसिएशन ने अर्जी दायर कर कहा है कि यहां 1800 स्ट्रीट वेंडर्स को एड्जस्ट किया जा रहा है इससे यहां के खेल मैदान और ग्रीन बेल्ट ही बर्बाद हो जाएगी और पूरा पर्यावरण ही बिगड़ जाएगा। इतना ही नहीं जहां इन वेंडर्स को बिठाया जाना है वहां से बिलकुल पास ही गर्ल्स हॉस्टल है लिहाजा यहां इन वेंडर्स को न बिठाया जाए। हाईकोर्ट ने एसोसिएशन को टाउन वेंडिंग कमेटी के समक्ष अपनी शिकायत करने और कमेटी को शिकायत पर उचित कार्रवाई किए जाने के आदेश दे दिए हैं।
3250 वेंडरों को है हटाना
प्रशासन ने बताया कि सात सेक्टरों में 3250 रजिस्टर्ड वेंडर्स हैं जिन्हें नोटिस भेजा जा चुका है और उन्हें तय समयावधि में यहां से हटने को कह दिया गया है। इस पर सेक्टर-17 के व्यापारियों के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट ने 17 अक्तूबर को सभी वेंडर्स को हटाने के आदेश दिए थे , लेकिन प्रशासन और निगम ने इन आदेशों के 20 दिनों के बाद इन्हें नोटिस दिया है साफ है कि अधिकारी अब भी कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
शहर में 9356 रजिस्टर्ड वेंडर, 44 वेंडिंग जोन में 5 हजार से अधिक वेंडिंग साइट्स
चंडीगढ़ प्रशासन और निगम ने हाईकोर्ट को बताया है कि अभी तक शहर में 9356 स्ट्रीट वेंडर्स को रजिस्टर किया गया है। शहर को 44 वेंडिंग जोन में विभाजित किया गया है, जहां 5 हजार से अधिक वेंडिंग साइट्स तय की गई हैं। जहां रजिस्टर्ड वेंडर्स को बिठाया जा रहा है। इनके अलावा अन्य किसी भी जगह पर फड़ी लगाए जाने की इजाजत नहीं होगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ तय प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाएगी।
3250 वेंडरों को है हटाना
प्रशासन ने बताया कि सात सेक्टरों में 3250 रजिस्टर्ड वेंडर्स हैं जिन्हें नोटिस भेजा जा चुका है और उन्हें तय समयावधि में यहां से हटने को कह दिया गया है। इस पर सेक्टर-17 के व्यापारियों के वकील ने कहा कि हाईकोर्ट ने 17 अक्तूबर को सभी वेंडर्स को हटाने के आदेश दिए थे , लेकिन प्रशासन और निगम ने इन आदेशों के 20 दिनों के बाद इन्हें नोटिस दिया है साफ है कि अधिकारी अब भी कार्रवाई नहीं करना चाहते हैं।
शहर में 9356 रजिस्टर्ड वेंडर, 44 वेंडिंग जोन में 5 हजार से अधिक वेंडिंग साइट्स
चंडीगढ़ प्रशासन और निगम ने हाईकोर्ट को बताया है कि अभी तक शहर में 9356 स्ट्रीट वेंडर्स को रजिस्टर किया गया है। शहर को 44 वेंडिंग जोन में विभाजित किया गया है, जहां 5 हजार से अधिक वेंडिंग साइट्स तय की गई हैं। जहां रजिस्टर्ड वेंडर्स को बिठाया जा रहा है। इनके अलावा अन्य किसी भी जगह पर फड़ी लगाए जाने की इजाजत नहीं होगी और ऐसा करने वालों के खिलाफ तय प्रावधान के तहत कार्रवाई की जाएगी।