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हाईकोर्ट का फरमान- गवाह न आए तो जारी करो वारंट, बयान होने तक हिरासत में ही रखो
Tue, 08 Jan 2019 11:25 AM IST
खुशबू गोयल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: खुशबू गोयल
Updated Tue, 08 Jan 2019 11:25 AM IST
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कोर्ट में गवाही
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गवाहों को पेश न करके ट्रायल लटकाने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने इमिग्रेशन एक्ट के तहत कड़ा फरमान सुनाते हुए निर्देश जारी किए हैं। महिला पर दर्ज केस में गवाहों के अगली तारीख पर पेश न होने की स्थिति में उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट को यदि जरूरत लगे तो उन्हें गिरफ्तार कर पेश किए जाने के आदेश दे सकता है और जब तक गवाही नहीं हो जाती इन्हें हिरासत में रखे जाने के भी हाई कोर्ट ने आदेश दे दिए हैं।
जस्टिस राजबीर सेहरावत ने यह आदेश आरोपी महिला पूनम राजन सहित अन्य द्वारा हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। महिला ने अपने खिलाफ दर्ज इस मामले को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा कि पंजाब पुलिस के एआईजी विजिलेंस आशीष कपूर की शह पर ही यह झूठा केस दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ लविश गर्ग नामक एक व्यक्ति ने जीरकपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया है कि याची ने उसे उसके पूरे परिवार सहित यूएसए भेजने के लिए 55 लाख की मांग की थी।
याची ने कहा कि वह विदेश भेजने का कोई काम ही नहीं करती है न तो उसका ऐसा कोई कार्यालय है जबकि उसके खिलाफ शिकायत करने वाला खुद का ऐसा व्यवसाय है। शिकायत के आधार पर जीरकपुर पुलिस ने उसे 9 मई को गिरफ्तार कर लिया था। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि इस मामले के गवाहों की गवाही में देरी कर इस मामले को लटकाया जा रहा है।
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पंजाब सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय चुका है और चालान भी पेश किया जा चुका है। दो गवाहों के बयान दर्ज किये जा चुके हैं पांच अन्य गवाहों के बयान अभी होने बाकी है। इस जानकारी पर हाई कोर्ट ने कहा कि वह केस के ट्रायल में दखल नहीं दे सकते लेकिन इस केस के बचे पांचों गवाहों को ट्रायल कोर्ट में अगली सुनवाई पर पेश होने के आदेश दिए गए हैं।
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जस्टिस राजबीर सेहरावत ने यह आदेश आरोपी महिला पूनम राजन सहित अन्य द्वारा हाई कोर्ट में दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए हैं। महिला ने अपने खिलाफ दर्ज इस मामले को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा कि पंजाब पुलिस के एआईजी विजिलेंस आशीष कपूर की शह पर ही यह झूठा केस दर्ज किया गया है। उसके खिलाफ लविश गर्ग नामक एक व्यक्ति ने जीरकपुर पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया है कि याची ने उसे उसके पूरे परिवार सहित यूएसए भेजने के लिए 55 लाख की मांग की थी।
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याची ने कहा कि वह विदेश भेजने का कोई काम ही नहीं करती है न तो उसका ऐसा कोई कार्यालय है जबकि उसके खिलाफ शिकायत करने वाला खुद का ऐसा व्यवसाय है। शिकायत के आधार पर जीरकपुर पुलिस ने उसे 9 मई को गिरफ्तार कर लिया था। याचिकाकर्ता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर कहा है कि इस मामले के गवाहों की गवाही में देरी कर इस मामले को लटकाया जा रहा है।
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पंजाब सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि ट्रायल कोर्ट में आरोप तय चुका है और चालान भी पेश किया जा चुका है। दो गवाहों के बयान दर्ज किये जा चुके हैं पांच अन्य गवाहों के बयान अभी होने बाकी है। इस जानकारी पर हाई कोर्ट ने कहा कि वह केस के ट्रायल में दखल नहीं दे सकते लेकिन इस केस के बचे पांचों गवाहों को ट्रायल कोर्ट में अगली सुनवाई पर पेश होने के आदेश दिए गए हैं।