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डीएसडब्ल्यू को हटाने पर पंजाब यूनिवर्सिटी और वीसी को हाईकोर्ट का नोटिस, मनमानी के आरोप

Fri, 30 Aug 2019 01:01 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क,/अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क,/अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Fri, 30 Aug 2019 01:01 PM IST
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Punjab Haryana High Court Notice to Punjab University and VC Rajkumar in DSW Nahar Case
पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट - फोटो : File Photo
प्रो इमैन्युअल नाहर को डीन स्टूडेंट वेलफेयर (डीएसडब्ल्यू) के पद पर एक्सटेंशन को सीनेट की सहमति के बावजूद वीसी द्वारा बिना किसी वोटिंग पद से हटाने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। दो अलग-अलग याचिकाओं पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने पीयू के वीसी प्रो राजकुमार, रजिस्ट्रार और अन्य प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है। एक याचिका प्रो. इमैन्युअल नाहर ने तो दूसरी याचिका अन्य सीनेटरों ने दाखिल की है।
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याचिका में बताया गया कि प्रो इमैन्युअल नाहर को डीएसडब्ल्यू और प्रो नीना कपलेश को डीएसडब्ल्यू (वुमन) के पद पर 28 नवंबर 2016 को सीनेट और सिंडिकेट ने एक वर्ष के लिए नियुक्त किया था। इसके बाद दोनों को एक्सटेंशन दी जाती रही। इस वर्ष मई माह में जब इनका कार्यकाल पूरा हुआ तो सिंडिकेट की बैठक में एक वर्ष की और एक्सटेंशन दिए जाने की सिफारिश कर दी गई। लेकिन इस पर वीसी ने आपत्ति जताई और बैठक में काफी बहस के बाद सिंडिकेट ने बहुमत से दोनों को एक वर्ष की एक्सटेंशन देने का निर्णय लिया।
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सिंडिकेट की बैठक में पास हुए इस प्रस्ताव को 22 अगस्त को हुई सीनेट की बैठक में पेश किया गया। सीनेट की बैठक में एक बार फिर वीसी ने एक्सटेंशन दिए जाने पर आपत्ति जाता दी और प्रो इमैन्युअल नाहर की जगह पर प्रो जगत भूषण को डीएसडब्ल्यू नियुक्त कर दिया। सीनेट के सदस्यों के इसका विरोध किया लेकिन वीसी ने किसी की नहीं सुनी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि सीनेट के 48 सदस्य प्रो इमैन्युअल नाहर को एक्सटेंशन दिए जाने के पक्ष में थे और वोटिंग की मांग भी उठी। लेकिन बिना वोटिंग वीसी ने यह नियुक्ति कर दी।
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अन्य याचिकाकर्ताओं ने वीसी के इस फैसले को रद्द कर 22 अगस्त को सीनेट की बैठक का पूरा रिकॉर्ड हाईकोर्ट में पेश किए जाने की मांग की। हाईकोर्ट ने दोनों ही याचिकाओं पर पीयू के रजिस्ट्रार सहित वीसी को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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