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कोटकपूरा बेअदबी: पंजाब सरकार और अन्य प्रतिवादियों को नोटिस, घायल हुए थे 50 पुलिसकर्मी

Thu, 05 Mar 2020 10:40 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Thu, 05 Mar 2020 10:40 AM IST
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Punjab Haryana High Court Notice to Punjab Government in Kotkapura Kand
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट
कोटकपूरा बेअदबी मामले में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की सिफारिश पर 2018 में दर्ज एफआईआर को चुनौती देने वाली याचिका पर हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी करके जवाब मांगा है।
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याचिकाकर्ता रशपाल सिंह ने बताया कि वह कोटकपूरा में बेअदबी मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे लोगों द्वारा मारपीट कर बुरी तरह से घायल कर दिया गया था। इसके परिणाम स्वरूप पूरी तरह से शारीरिक तौर पर अक्षम हो जाने के चलते उसे सेवानिवृत्त कर दिया गया था।
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रशपाल सिंह ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते समय 50 के करीब पुलिस कर्मी घायल हए थे, जिसमे याचिकाकर्ता भी शामिल था। इस मामले में 14 अक्तूबर 2015 को एफआईआर दर्ज की गई थी तथा बेअदबी मामले में अन्य एफआईआर दर्ज की गई थी। याची ने कहा कि पहले जस्टिस जोरा सिंह और फिर बाद में जस्टिस रंजीत सिंह आयोग को मामले की जांच सौंपी गई।
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याची ने कहा- एसआईटी सिर्फ पुलिस अफसरों को फंसाने के लिए

याची ने कहा कि जस्टिस रंजीत सिंह को मौजूदा सरकार ने नियुक्त किया था। जस्टिस रंजीत सिंह आयोग की सिफारिश पर घटना के संबंध में 2018 में दोबारा एफआईआर दर्ज कर ली गई और जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया गया। याची ने कहा एसआईटी सिर्फ पुलिस अधिकारियों को फंसाने के लिए बनी है।

अक्तूबर 2015 में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करते हुए जो 50 पुलिस कर्मी बुरी तरह से घायल हुए थे, उस मामले में दर्ज एफआईआर पर एसआईटी कुछ भी कार्रवाई नहीं कर रही है। याची ने कहा कि एक मामले को लेकर दो एफआईआर का औचित्य ही नहीं बनता।

आईजी कुंवर प्रताप पर राजनीतिक संरक्षण का आरोप
याचिकाकर्ता ने एसआईटी में शामिल आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह पर राजनीतिक संरक्षण में जांच का आरोप लगाया। याचिकाकर्ता ने 2018 में दर्ज एफआईआर को रद्द करने की हाईकोर्ट से मांग की है। इसी मांग को लेकर आयोग द्वारा आरोपी बनाए गए एसआई गुरदीप सिंह ने भी याचिका दायर की है। हाईकोर्ट ने दोनों ही याचिकाओं पर पंजाब सरकार सहित अन्य प्रतिवादी पक्षों को 1 अप्रैल के लिए नोटिस जारी कर जवाब तलब कर लिया है।
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