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महिलाओं के खिलाफ अपराध, हाईकोर्ट ने पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ को लगाई कड़ी फटकार

Sat, 09 Nov 2019 03:24 PM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: खुशबू गोयल Updated Sat, 09 Nov 2019 03:24 PM IST
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punjab haryana high court hearing on petition on crime against womens
प्रतीकात्मक तस्वीर
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों के मामले में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा, पंजाब और चंडीगढ़ को जमकर फटकार लगाई। हाईकोर्ट ने दोनों सरकारों और यूटी प्रशासन को महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
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याचिका पर सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब में महिलाओं के खिलाफ अपराध की 2014 में 5139, 2015 में 5036, 2016 में 4793, 2017 में 4357 तथा 2018 में 5058 शिकायतें मिलीं। जबकि 2014 में 34.74, 2015 में 29.72, 2016 में 27.60, 2017 में 27.21 तथा 2018 में 27.80 प्रतिशत मामलों में आरोपियों को दोषी करार दिया गया। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में आरोपियों का बरी होना पुलिस पर सवाल उठाता है।
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हाईकोर्ट को बताया गया कि पंजाब सरकार ने डीएनए फिंगर प्रिंटिंग यूनिट बना ली है जो आधुनिक सुविधाओं से लैस है। राज्य भर में 34899 सीसीटीवी लगाए गए हैं। कोर्ट को बताया गया कि समाज के भय तथा बदनामी के डर से काफी मामलों में शिकायत आती ही नहीं है और कुछ मामलों में देरी से शिकायत दर्ज कराई जाती है। देरी से शिकायत केचलते केस को साबित करना मुश्किल हो जाता है। हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट को बताया कि राज्य में 32 महिला थाने बनाए गए हैं और महिला हेल्पलाइन नंबर 1091 जारी किया गया है। इसके अतिरिक्त दुर्गा शक्ति एप भी सरकार ने शुरू किया है।
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महिलाओं के खिलाफ अपराध के मामलों से निपटने केलिए 6 फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित की गई हैं। सरकारी वकील के अतिरिक्त यदि रेप पीड़िता अपना वकील करना चाहती है तो उसे 22 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। हरियाणा ने बताया कि 2018-19 में घरेलू हिंसा के 5682 मामले सामने आए थे। मामलों में काउंसलिंग व लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। दुष्कर्म पीड़िता को मुआवजा देने के लिए सरकार ने नीति बनाई है। कोर्ट को बताया गया कि प्रदेश भर में एक लाख पैंसठ हजार तीन सौ ग्यारह सीसीटीवी कैमरे से निगरानी की जाती है।

दोष संबंधी आंकड़े पेश न करने पर हरियाणा को फटकार

दुष्कर्म के मामलों की निगरानी के लिए प्रत्येक जिले में नोडल ऑफिसर के तौर पर डीएसपी को नियुक्त किया गया है। हरियाणा सरकार का पक्ष सुनने के बाद हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार द्वारा शिकायतों और आरोपी को दोषी साबित करने का प्रतिशत वाले आंकड़े पेश न करने पर जमकर फटकार लगाई।

यूटी ने जवाब ही दाखिल नहीं किया
यूटी प्रशासन द्वारा जवाब दाखिल न करने पर भी हाईकोर्ट ने उन्हें जमकर फटकार लगाई और प्रशासक के सलाहकार को जवाब दाखिल न करने के लिए दोषी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के आदेश दिए। इसके साथ ही हाईकोर्ट ने याचिका का निपटारा करते हुए महिलाओं केखिलाफ अपराध रोकने के लिए उपयुक्त कदम उठाने के आदेश दिए हैं।
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