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लॉ अधिकारी नियुक्त करने के लिए रिश्वत मांगने का आरोप पहुंचा हाईकोर्ट
ब्यूरो/अमर उजाला/चंडीगढ़
Updated Sun, 27 Mar 2016 11:13 AM IST
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कोर्ट
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पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा में एक लॉ अधिकारी की नियुक्ति के लिए 25 लाख रुपये घूस मांगने का आरोप लगाती एक याचिका पर सरकार और विधानसभा सचिवालय के सचिव को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
जस्टिस आरएन रैना की बेंच ने यह नोटिस पंचकूला के वेद प्रकाश की याचिका पर जारी किया है। वेद प्रकाश को 2010 में एडहॉक पर लॉ अधिकारी नियुक्त किया गया था।
अब तक वेद प्रकाश को एक्सटेंशन मिलती आ रही थी, लेकिन जून 2014 में ग्रुप बी के एडहॉक कर्मियों को नियमित करने की नीति बनाई गई। इसी नीति के तहत याचिकाकर्ता ने सरकार से नियमित करने का आग्रह किया था।
इसके बाद उस पद पर नए सिरे से भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया, जिस पद पर याचिकाकर्ता एडहॉक आधार पर नियुक्त था। याचिकाकर्ता ने इस पद के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन याचिकाकर्ता का आवेदन यह कहते हुए रद्द कर दिया गया कि याचिकाकर्ता की आयु अधिक हो गई है।
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इस पर वेद प्रकाश ने सरकार को एक और अर्जी देकर बताया कि पिछले पांच वर्षों से भी अधिक समय से वे इस पद पर एडहॉक के तौर पर काम करते आ रहे हैं, लिहाजा आवेदन स्वीकार किया जाना चाहिए, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
वेद प्रकाश ने याचिका में आरोप लगाया है कि विधानसभा सचिव वकील चंद ने उनकी फाइल क्लीयर करने के लिए 25 लाख रुपये मांगे थे, जो उन्होंने दे भी दिए थे।
इसके बारे में याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री और विधानसभा के स्पीकर को पत्र लिख कर पूरी जानकारी भी दी है, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। लिहाजा, अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नियमित नियुक्ति की मांग की है।
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जस्टिस आरएन रैना की बेंच ने यह नोटिस पंचकूला के वेद प्रकाश की याचिका पर जारी किया है। वेद प्रकाश को 2010 में एडहॉक पर लॉ अधिकारी नियुक्त किया गया था।
अब तक वेद प्रकाश को एक्सटेंशन मिलती आ रही थी, लेकिन जून 2014 में ग्रुप बी के एडहॉक कर्मियों को नियमित करने की नीति बनाई गई। इसी नीति के तहत याचिकाकर्ता ने सरकार से नियमित करने का आग्रह किया था।
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इसके बाद उस पद पर नए सिरे से भर्ती का विज्ञापन जारी कर दिया गया, जिस पद पर याचिकाकर्ता एडहॉक आधार पर नियुक्त था। याचिकाकर्ता ने इस पद के लिए आवेदन भी दिया, लेकिन याचिकाकर्ता का आवेदन यह कहते हुए रद्द कर दिया गया कि याचिकाकर्ता की आयु अधिक हो गई है।
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इस पर वेद प्रकाश ने सरकार को एक और अर्जी देकर बताया कि पिछले पांच वर्षों से भी अधिक समय से वे इस पद पर एडहॉक के तौर पर काम करते आ रहे हैं, लिहाजा आवेदन स्वीकार किया जाना चाहिए, लेकिन आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।
वेद प्रकाश ने याचिका में आरोप लगाया है कि विधानसभा सचिव वकील चंद ने उनकी फाइल क्लीयर करने के लिए 25 लाख रुपये मांगे थे, जो उन्होंने दे भी दिए थे।
इसके बारे में याचिकाकर्ता ने मुख्यमंत्री और विधानसभा के स्पीकर को पत्र लिख कर पूरी जानकारी भी दी है, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। लिहाजा, अब हाईकोर्ट में याचिका दायर कर नियमित नियुक्ति की मांग की है।