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Chandigarh News: पंजाब-हरियाणा ने भरी हामी, अब राजपुरा और पिंजौर तक मेट्रो दौड़ाने की तैयारी

Thu, 20 Apr 2023 02:08 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Thu, 20 Apr 2023 02:08 AM IST
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Punjab-Haryana agreed, now preparing to run metro till Rajpura and Pinjore
चंडीगढ़। ट्राइसिटी में मेट्रो परियोजना का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो गया है। चंडीगढ़ के साथ हरियाणा और पंजाब भी कुछ सुझावों के साथ इस परियोजना में शामिल होने को तैयार हो गए हैं। ट्राइसिटी में बढ़ते यातायात दबाव को लेकर कई वर्षों से मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (एमआरटीएस) यानी मेट्रो परियोजना पर मंथन चल रहा था। बुधवार को यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में चंडीगढ़, पंजाब, हरियाणा और अन्य विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया, जिसमें सभी हितधारकों ने मेट्रो परियोजना को लेकर हामी भर दी। फाइनल कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान (सीएमपी) में हितधारकों के सुझावों को शामिल कर अब इसे एक स्प्ताह के भीतर मंजूरी के लिए केंद्र को भेजा जाएगा। बुधवार को बैठक में फाइनल कंप्रिहेंसिव मोबिलिटी प्लान को कुछ संशोधनों के साथ सभी हितधारकों ने मंजूरी दी। बैठक में पंजाब की ओर से आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रधान सचिव ने एनएच-64/पीआर-7 जंक्शन से राजपुरा को कनेक्ट करने का दिया सुझाव दिया। उन्होंने चरण-1 में पड़ौल, न्यू चंडीगढ़ से सारंगपुर, चंडीगढ़ तक एमआरटीएस मार्गों को शामिल करने का भी सुझाव दिया। पंजाब सरकार ने चंडीगढ़ प्रशासन को सीएमपी के संबंध में अपनी टिप्पणियां भी भेजी थीं, जिनकी जांच के बाद अंतिम सीएमपी रिपोर्ट में उचित रूप से शामिल किया गया है।
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वहीं, हरियाणा मास रैपिड ट्रांजिट कॉरपोरेशन (एचएमआरटीसी) के निदेशक ने सुझाव दिया कि शहीद उधम सिंह चौक (आईएसबीटी पंचकूला) से पंचकूला विस्तार तक के गलियारे को चरण-2 के बजाय चरण-1 में शामिल किया जाए। उन्होंने सेक्टर-20 पंचकूला को जोड़ने के लिए एमआरटीएस कॉरिडोर को संशोधित करने का भी सुझाव दिया।
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यूटी प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने राइट्स (रेल इंडिया तकनीकी और आर्थिक सेवा) को अंतिम रिपोर्ट में पंजाब और हरियाणा के सुझावों को शामिल करने के निर्देश दिए। राइट्स द्वारा बुधवार को सौंपी गई अंतिम सीएमपी रिपोर्ट को इन सुझावों के साथ सभी हितधारकों द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। संशोधित रिपोर्ट अब भारत सरकार द्वारा आगे की मंजूरी के लिए एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत की जाएगी। बैठक में पंजाब, हरियाणा, नागरिक उड्डयन, वायु सेना प्राधिकरण, रेलवे प्राधिकरण और अन्य सभी हितधारकों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।
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राइट्स को एएआर बनाने के निर्देश
धर्मपाल ने राइट्स को चंडीगढ़ ट्राइसिटी में एमआरटीएस के लिए वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट (एएआर) और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) की तैयारी पर काम शुरू करने का भी निर्देश दिया। इस मौके पर राइट्स कंपनी ने सीएमपी के सभी पहलुओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। इसमें अध्ययन का दृष्टिकोण और उद्देश्य, शहर का मौजूदा ट्रैफिक परिदृश्य, समस्या और मुद्दे, लघु, मध्यम और दीर्घकालिक योजनाएं और प्रस्ताव, शहरव्यापी एकीकृत मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट प्लान, संस्थागत सुदृढ़ीकरण, व्यापक लागत अनुमान आदि शामिल रहा।

दो फेज में चलेगी मेट्रो, 7680 करोड़ रुपये आएगा खर्च
ट्राइसिटी में दो फेज में मेट्रो और तीन फेज में अन्य सभी काम पूरे किए जाने हैं। मेट्रो का कुल खर्च 7680 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। हरियाणा के सुझाव के बाद अब कई मेट्रो स्टेशन बढ़ने की संभावना है। इससे मेट्रो प्रोजेक्ट की लागत भी बढ़ जाएगी। हालांकि राइट्स के सभी सुझावों को लागू करने में केंद्र सरकार, चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा के करीब 10,570 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें 60 फीसदी पैसा केंद्र और 40 फीसदी चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा देंगे।

चंडीगढ़ और जीरकपुर से जुड़ेंगे पिंजौर-कालका
मेट्रो स्टेशन को लेकर बीते दिनों हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल की तरफ से चंडीगढ़ और जीरकपुर से पिंजौर-कालका को जोड़ने का सुझाव दिया गया गया था। इसके अलावा हरियाणा ने इसे पहले फेज में शामिल करने की मांग की है। बुधवार को चडीगढ़ में हुई बैठक में इस सुझाव को शामिल कर लिया गया है। इसमें पंजाब-हरियाणा सचिवालय, विधानसभा, हाईकोर्ट, एयरपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण स्थानों को पहले फेज में जोड़ने का सुझाव दिया गया। वहीं, हाउसिंग बोर्ड चौक से पंजाब यूनिवर्सिटी और पीजीआई के लिए रूट बनाने का भी सुझाव दिया गया है, क्योंकि रोजाना हजारों लोग अपने काम के लिए पीजीआई जाते हैं। इसके अलावा मेट्रो के विस्तार में घग्गर नदी और नए पंचकूला के इलाकों को भी शामिल करने और एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए मेट्रो का वैकल्पिक रूट बनाने का सुझाव दिया गया।

ग्रेन मार्केट चौक से पंचकूला आईएसबीटी तक बिछेगा 18 किमी ट्रैक
राइट्स की रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो दो फेज में चलाने की बात कही गई है। फेज-एक में सेक्टर-26 की ग्रेन मार्केट चौक से पंचकूला आईएसबीटी (बुधनपुर चौक) तक करीब 18 किलोमीटर का ट्रैक बिछाने का प्रस्ताव है। इसके बाद आईएसबीटी-सेक्टर 43 आईएसबीटी से जीरकपुर तक 20 किलोमीटर का ट्रैक होगा। इसके बाद दूसरा फेज शुरू होगा, जिसमें आईएसबीटी पंचकूला से पंचकूला एक्सटेंशन तक साढ़े चार किमी तक मेट्रो चलेगी। फिर एयरपोर्ट चौक से गांव सनेटा तक मेट्रो जाएगी।

जंक्शन सुधार के अलावा नई बस खरीदने और मल्टीलेवल पार्किंग पर मंथन
राइट्स ने अपनी रिपोर्ट में शॉर्ट, मीडियम और लांग टर्म के लिए कई सुझाव दिए हैं। शॉर्ट टर्म के सुझावों को लागू करने के लिए पांच साल का समय दिया गया है। इसमें वर्तमान इंटरसेक्शन और जंक्शन सुधार, उच्च घनत्व बस कॉरिडोर, नई बस खरीद, बस टर्मिनल सुधार, मल्टीलेवल पार्किंग स्थल का प्रावधान, गैर मोटर चालित परिवहन (एनएमटी) के लिए योजनाएं, साइकिल ट्रैक का प्रावधान, फुटपाथ का सुधार जैसे कई सुझाव दिए हैं। ये भी बताया है कि इन सुधारों की कहां-कहां जरूरत है।

मेट्रो और नए लिंक रोड बनाने का सुझाव
राइट्स ने मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म में चंडीगढ़ समेत मोहाली और पंचकूला में बड़ी परियोजनाओं को पूरा करने का सुझाव दिया है। इसके लिए वर्ष वर्ष 2037 और वर्ष 2052 तक का लक्ष्य रखा गया है। इसमें मास रैपिड ट्रांजिट कॉरिडोर सिस्टम यानी मेट्रो, समर्पित बस कॉरिडोर, बस टर्मिनल व डिपो, नए लिंक रोड बनाने, पार्किंग सुविधाएं समेत कई कामों को पूरा करने की बात कही गई है। सबसे ज्यादा खर्च इसी प्लान में आने वाला है। बुधवार की बैठक में इस प्लान में हरियाणा और पंजाब हितधारकों के सुझाव भी शामिल किए गए।


मेट्रो का खर्च (प्रस्तावित)
शहर फेज-1 (वर्ष 2037 तक) फेज-2 (वर्ष 2052 तक) कुल
चंडीगढ़ 2320 करोड़ --- 2320 करोड़
पंचकूला 560 करोड़ 720 करोड़ 1280 करोड़
मोहाली 3200 करोड़ 880 करोड़ 4080 करोड़

कोट्स
एक सप्ताह के भीतर केंद्र को भेजी जाएगी रिपोर्ट
ट्राइसिटी में एमआरटीएस को लेकर पंजाब और हरियाणा राज्यों को के सुझावों को कुछ संशोधन के साथ शामिल किया गया है। इस रिपोर्ट को आगामी मंजूरी के लिए एक सप्ताह के भीतर केंद्र को भेजा जाएगा। इसके अलावा राइट्स को एएआर यानी वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार करने के लिए अलावा परियोजना की डीपीआर जल्द बनाने के भी निर्देश दिए गए हैं।
- धर्मपाल, सलाहकार, यूटी प्रशासक
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