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HCS पेपर लीक केस में हाईकोर्ट की सख्त टिप्पणी, एसआईटी को कड़ी फटकार
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Thu, 17 May 2018 10:52 AM IST
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HCS पेपर लीक केस
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एचसीएस जूडिशियल पेपर लीक मामले में सख्त टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने जांच कर रही एसआईटी को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने पूछा कि क्या एसआईटी जांच करने में सक्षम नहीं है या किसी रसूखदार व्यक्ति के प्रभाव में जांच को लटकाया जा रहा है। कोर्ट ने दो टूक कहा कि आंखों में धूल झोंकने का प्रयास न किया जाए, हम आंखें मूंदे नहीं बैठे रहेंगे। हाईकोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए अब चंडीगढ़ के डीजीपी तेजेंद्र लूथरा को तलब कर लिया है।
मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जी.एस. संधावालिया की फुल बेंच ने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जैसी जांच की जा रही है वैसी तो एक हवलदार भी कर सकता है। केस की निगरानी हाईकोर्ट की फुल बेंच कर रही है यह पता होते हुए भी जांच में इतनी खामियां क्यों हैं? हमें नहीं लगता कि यह एसआईटी मामले की जांच में सक्षम है।
चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा कि केस के आरोपी हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा को किस आधार पर अन्य आरोपियों के बयान की कॉपी दी गई, जबकि जांच अभी विचाराधीन है। बिना चार्जशीट दायर हुए बयानों की कॉपी कैसे दी जा सकती है।
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हाईकोर्ट के किसी आदेश का पालन नहीं हुआ
कोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल कोर्ट के आदेश थे तो उन्हें चुनौती क्यों नहीं दी गई? क्या चंडीगढ़ के प्रॉसिक्यूशन को कानून की समझ भी नहीं है। ट्रायल कोर्ट के आदेश जनवरी के थे और पिछली सुनवाई पर फटकार के बाद अब जाकर आदेश को चुनौती दी जा रही है। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने जनवरी से अब तक जो भी आदेश दिए हैं उनमें से किसी का पालन नहीं हुआ है। चंडीगढ़ दो राज्यों की राजधानी है और एसआईटी व प्रॉसिक्यूशन हाल इतना बुरा है कि लगता है वह काम ही नहीं करना चाहते।
प्रतीत हो रहा कि आरोपी बलविंदर एसआईटी को आरोपी बना रहा
जांच की स्थिति पर सख्त रवैया अपनाते हुए अब हाईकोर्ट ने सुनवाई वीरवार तक स्थगित करते हुए डीजीपी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। फुल बेंच ने कहा कि आरोपी बलविंदर शर्मा कभी अन्य आरोपियों के बयानों की कॉपी मांग रहा है तो कभी कॉल डिटेल और एसआईटी है कि उसे बयानों की कॉपी मुहैया करवा रही है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपी बलविंदर एसआईटी को ही आरोपी बना रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि शर्मा ने अपनी एक अर्जी में कहा है कि एसआईटी किसी बड़े रसूखदार के प्रभाव में काम कर रही है और जिस प्रकार जांच चल रही है वह हालात भी इसी बात की ओर इशारा कर रहे हैं।
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मामले की सुनवाई आरंभ होते ही हाईकोर्ट जस्टिस राजेश बिंदल, जस्टिस राजन गुप्ता एवं जस्टिस जी.एस. संधावालिया की फुल बेंच ने इस मामले की जांच कर रही एसआईटी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जैसी जांच की जा रही है वैसी तो एक हवलदार भी कर सकता है। केस की निगरानी हाईकोर्ट की फुल बेंच कर रही है यह पता होते हुए भी जांच में इतनी खामियां क्यों हैं? हमें नहीं लगता कि यह एसआईटी मामले की जांच में सक्षम है।
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चंडीगढ़ प्रशासन से पूछा कि केस के आरोपी हाईकोर्ट के पूर्व रजिस्ट्रार (रिक्रूटमेंट) बलविंदर शर्मा को किस आधार पर अन्य आरोपियों के बयान की कॉपी दी गई, जबकि जांच अभी विचाराधीन है। बिना चार्जशीट दायर हुए बयानों की कॉपी कैसे दी जा सकती है।
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हाईकोर्ट के किसी आदेश का पालन नहीं हुआ
कोर्ट ने कहा कि अगर ट्रायल कोर्ट के आदेश थे तो उन्हें चुनौती क्यों नहीं दी गई? क्या चंडीगढ़ के प्रॉसिक्यूशन को कानून की समझ भी नहीं है। ट्रायल कोर्ट के आदेश जनवरी के थे और पिछली सुनवाई पर फटकार के बाद अब जाकर आदेश को चुनौती दी जा रही है। कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट ने जनवरी से अब तक जो भी आदेश दिए हैं उनमें से किसी का पालन नहीं हुआ है। चंडीगढ़ दो राज्यों की राजधानी है और एसआईटी व प्रॉसिक्यूशन हाल इतना बुरा है कि लगता है वह काम ही नहीं करना चाहते।
प्रतीत हो रहा कि आरोपी बलविंदर एसआईटी को आरोपी बना रहा
जांच की स्थिति पर सख्त रवैया अपनाते हुए अब हाईकोर्ट ने सुनवाई वीरवार तक स्थगित करते हुए डीजीपी को कोर्ट में पेश होने के आदेश दिए हैं। फुल बेंच ने कहा कि आरोपी बलविंदर शर्मा कभी अन्य आरोपियों के बयानों की कॉपी मांग रहा है तो कभी कॉल डिटेल और एसआईटी है कि उसे बयानों की कॉपी मुहैया करवा रही है। कोर्ट ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आरोपी बलविंदर एसआईटी को ही आरोपी बना रहा है। हाईकोर्ट ने कहा कि शर्मा ने अपनी एक अर्जी में कहा है कि एसआईटी किसी बड़े रसूखदार के प्रभाव में काम कर रही है और जिस प्रकार जांच चल रही है वह हालात भी इसी बात की ओर इशारा कर रहे हैं।