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घटने लगा गतिरोध: सुबह सीएम ने लिखा पत्र, शाम को राज्यपाल ने भेजा जवाब, SC के फैसले के बाद बड़ा बदलाव!

Sat, 25 Nov 2023 12:05 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: ajay kumar Updated Sat, 25 Nov 2023 12:05 AM IST
सार

शाम को ही राज्यपाल ने पत्र का जवाब भेज दिया और कहा कि पांचों विधेयक विचाराधीन हैं और जल्द से जल्द इस पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि राज्यपाल ने अपने जवाबी पत्र में विधानसभा सत्र का सत्रावसान किए बिना सत्र को बार-बार बुलाए जाने के अपने एतराज को सही ठहराया।

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Punjab Governor replied to Punjab CM Bhagwant Mann letter in one day
सीएम भगवंत मान और राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आपसी खींचतान को चलते सुप्रीम कोर्ट तक जाकर लौटे पंजाब के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के व्यवहार में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहले दोनों पक्ष महीनों तक एक-दूसरे के पत्रों का जवाब नहीं देते थे लेकिन शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्यापाल को पत्र लिखा। इसमें पांच विधेयकों को मंजूरी देने की अपील की।

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शाम को ही राज्यपाल ने पत्र का जवाब भेज दिया और कहा कि पांचों विधेयक विचाराधीन हैं और जल्द से जल्द इस पर फैसला लिया जाएगा। हालांकि राज्यपाल ने अपने जवाबी पत्र में विधानसभा सत्र का सत्रावसान किए बिना सत्र को बार-बार बुलाए जाने के अपने एतराज को सही ठहराते हुए लिखा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि विधानसभा को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने और बिना सत्रावसान किए वापस बुलाने की प्रथा आखिरकार समाप्त हो गई। 
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भले ही यह सुप्रीम कोर्ट की कृपा से हुआ लेकिन मुझे खुशी है कि स्वस्थ लोकतांत्रिक प्रथाएं पटरी पर आ गई हैं। मैं आपको बार-बार वही प्रक्रिया अपनाने की सलाह दे रहा था। इस पर सुप्रीम कोर्ट में आपने सहमति जताई।

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गौरतलब है कि पंजाब सरकार की ओर से इस साल मार्च में बुलाए गए विधानसभा के बजट सत्र को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद जून में विस्तारित सत्र के रूप में दो दिन के लिए बुलाया और उसके बाद अक्तूबर में भी बजट सत्र का ही दो दिवसीय विस्तारित सत्र बुलाया था।
 
राज्यपाल ने इन दोनों विस्तारित सत्रों को गैरकानूनी ठहराते दिया था और जून के सत्र में पारित पांच बिलों को अब तक मंजूरी नहीं दी थी। इसके बाद अक्तूबर में बुलाए सत्र में राज्यपाल ने तीन वित्त विधेयक पेश करने की अनुमति देने से इंकार कर दिया था, जिसके विरोध में पंजाब सरकार राज्यपाल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट चली गई थी। आखिरकार सुप्रीम कोर्ट की ओर से दोनों पक्षों को दी गई हिदायतों के बाद शुक्रवार को पहला अवसर है, जब दोनों पक्षों ने व्यवहारिक मापदंड को अपनाते हुए एक-दूसरे को गंभीरता से लिया है।

सीएम ने शुक्रवार सुबह लिखा था पत्र

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार सुबह राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित को पत्र भेजकर, कुछ माह पहले विधानसभा में पारित पांच विधेयकों को तुरंत मंजूरी देने की अपील की। उन्होंने लिखा कि पांच में से चार बिल इस साल 19 व 20 जून को हुए बजट सत्र की बैठक में पास किए गए थे। इन बिलों में सिख गुरुद्वारा (संशोधन) बिल 2023, पंजाब पुलिस (संशोधन) बिल 2023, पंजाब ऐफीलीएटिड कॉलेज (सेवा की सुरक्षा) (संशोधन) बिल 2023, पंजाब यूनिवर्सिटीज कानून (संशोधन) बिल 2023 और पंजाब राज्य विजिलेंस कमीशन (रिपील) बिल 2022 शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल से अपील की है कि सुप्रीम कोर्ट के 10 नवंबर के आदेश में दर्शाई गई संवैधानिक जिम्मेदारी और लोकतंत्र के सरोकारों की भावना का सम्मान करते हुए फैसला लिया जाए।

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