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Punjab: राज्यपाल ने तीन विधेयकों को दी मंजूरी, सीएम ने जताया आभार, महंगी होगी पावर ऑफ अटॉर्नी

Mon, 08 Jan 2024 08:17 AM IST
निवेदिता वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Published by: निवेदिता वर्मा Updated Mon, 08 Jan 2024 08:17 AM IST
सार

रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2023, तबादला मल्कीयत (पंजाब संशोधन) बिल 2023 और इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल 2023 को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद भी, अभी राज्य सरकार के तीन अन्य विधेयक राज्यपाल के पास लंबित हैं, जिनके लिए हाल ही में राज्यपाल ने कहा था कि वह इन पर राष्ट्रपति की सलाह लेकर ही कार्रवाई करेंगे। 

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Punjab Governor Banwari Lal Purohit approved three important bills passed by Punjab Assembly
बनवारी लाल पुरोहित

विस्तार

पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने पंजाब विधानसभा से पास तीन अहम विधेयकों को मंजूरी दे दी है। इनमें एक विधेयक इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल-2023 भी है। इसे मंजूरी मिलने के साथ ही पारिवारिक रिश्तों से बाहर पावर ऑफ अटॉर्नी पर 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने को भी मंजूरी मिल गई है। अब पावर ऑफ अटॉर्नी महंगी हो जाएगी। 
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रविवार को जारी बयान में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि पंजाब विधानसभा की ओर से पास किए गए तीन विधेयकों को राज्यपाल ने हरी झंडी दे दी है। उन्हें आशा है कि राज्यपाल बाकी विधेयकों को भी जल्द मंजूरी दे देंगे।
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मान ने बताया कि इन बिलों में रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2023, तबादला मलकीयत (पंजाब संशोधन) बिल 2023 और इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल 2023 शामिल हैं। ये सभी बिल लोगों को तत्काल और निर्विघ्न नागरिक सेवाएं प्रदान करने के लिए मददगार साबित होंगे।
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इन विधेयकों को मिली मंजूरी
1. मलकीयत का तबादला (पंजाब संशोधन) बिल 2023:
इसका उद्देश्य पूरे पंजाब को इक्वीटेबल मॉर्टगेज (गिरवीनामा) की सुविधा प्रदान करना है। इससे पंजाब के खजाने को भी बकाया स्टांप ड्यूटी प्राप्त होगी। ऐसे कर्जों पर स्टांप ड्यूटी को राज्य भर में घटाकर 0.25 फीसदी किया जा रहा है, जो एक लाख के कर्ज पर केवल 250 रुपये और एक करोड़ के कर्ज पर केवल 25,000 रुपये बनता है।
2. रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2023: जब भी किसी राजस्व अधिकारी या सिविल अदालत की ओर से सार्वजनिक नीलामी (बोली) में जायदाद बेची जाती है, तो उस अधिकारी की ओर से एक बिक्री सर्टिफिकेट जारी किया जाता है। इस पर 3 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाई जाती है, लेकिन यह बिक्री सर्टिफिकेट मौजूदा कानून के अनुसार रजिस्टर्ड नहीं है, इसलिए आम तौर पर ऐसे बिक्री सर्टिफिकेट पर न तो स्टांप ड्यूटी अदा की जाती है और न ही यह रजिस्टर्ड होता है। कानून का उल्लंघन होने के साथ-साथ सरकार को इस प्रक्रिया में करोड़ों की स्टांप ड्यूटी का भी नुकसान होता है और अदालती केस की स्थिति में खरीदार को कानूनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस बिल के जरिये बिक्री सर्टिफिकेट को अनिवार्य रजिस्ट्रेशन योग्य दस्तावेज बनाया गया है।
3. इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल, 2023: यह बिल पारिवारिक रिश्तों से बाहर पावर ऑफ अटाॅर्नी से संबंधित है क्योंकि मौजूदा समय में जमीन की असली कीमत जांचे बगैर ही ऐसे मुखत्यारनामे में केवल 1000-2000 रुपये स्टांप ड्यूटी लगाई जाती है। इस सुविधा का दुरुपयोग करके (बिक्री डीड पर लगाई गई स्टांप ड्यूटी को बचाने के लिए) अकसर जायदाद को पावर ऑफ अटार्नी की ओर से गैर-कानूनी तौर पर बेच दिया जाता है, जबकि पावर ऑफ अटाॅर्नी को किसी भी समय रद्द किया जा सकता है और किसी भी तरीके से इसकी कानूनी मान्यता बिक्री डीड के बराबर नहीं है। इस गैर-कानूनी अनियमितताओं को रोकने के लिए इस संशोधन के जरिये पारिवारिक संबंधों से बाहर जारी किए गए मुखत्यारनामे पर 2 फीसदी स्टांप ड्यूटी लगाने का प्रस्ताव किया गया है।

अभी लंबित हैं तीन विधेयक
रजिस्ट्रेशन (पंजाब संशोधन) बिल, 2023, तबादला मल्कीयत (पंजाब संशोधन) बिल 2023 और इंडियन स्टांप (पंजाब संशोधन) बिल 2023 को राज्यपाल की मंजूरी मिलने के बाद भी, अभी राज्य सरकार के तीन अन्य विधेयक राज्यपाल के पास लंबित हैं, जिनके लिए हाल ही में राज्यपाल ने कहा था कि वह इन पर राष्ट्रपति की सलाह लेकर ही कार्रवाई करेंगे। 


राज्य सरकार ये तीन विधेयक- पंजाब विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक 2023, पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक, 2023 और सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक-2023 हैं। राज्य सरकार की ओर से पिछले साल 19-20 जून को बुलाए पंजाब विधानसभा के दो दिवसीय सत्र में विधेयक पारित किए थे। उसी समय इन तीनों विधेयकों को राज्यपाल की अनुमति के लिए भेज दिया गया था। दरअसल, सिख गुरुद्वारा (संशोधन) विधेयक-2023 का उद्देश्य अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर से गुरबाणी का निशुल्क प्रसारण सुनिश्चित करना है। पंजाब विश्वविद्यालय कानून (संशोधन) विधेयक-2023 के जरिये राज्य की ओर से संचालित 12 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (चांसलर) के रूप में राज्यपाल की जगह मुख्यमंत्री को नियुक्त करने का प्रावधान किया गया है। पंजाब पुलिस (संशोधन) विधेयक-2023 के जरिये राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पद पर उपयुक्त व्यक्तियों के चयन और नियुक्ति के लिए एक स्वतंत्र प्रक्रिया तंत्र स्थापित करने का प्रावधान किया गया है। फिलहाल डीजीपी की नियुक्ति के लिए उपयुक्त व्यक्ति का चयन यूपीएससी की ओर से राज्य सरकार की तरफ से वरिष्ठता के आधार पर भेजे गए अफसरों के पैनल से होता है।
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